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14 मंजिला निर्माणाधीन अपार्टमेंट को किया सील
ब्यूरो, अमर उजाला / काैशांबी
Updated Sat, 31 Dec 2016 12:44 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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जीडीए ने दिल्ली यूपी बॉर्डर के पास निर्माणाधीन 14 मंजिला फ्रेंच आर्केड को शुक्रवार को सील कर दिया। जीडीए ने निर्माणकर्ता पर समन मानचित्र (कंपाउंडिंग मैप) जमा नहीं कराने का आरोप लगाया है। सील की इस कार्रवाई से आवंटियों में खलबली मच गई है।
यूपी गेट के पास 2010 से फ्रेंच आर्केड का निर्माण शुरू हुआ था। 14 फ्लोर के इस टावर में 120 आवंटी हैं। इस प्रोजेक्ट के करीब दो वर्ष लेट होने के चलते इसके आवंटी पहले से परेशान थे। अब सील की कार्रवाई से इनकी परेशानी और बढ़ गई है।
आवंटियों का कहना है कि इस प्रोजेक्ट से उनका दिल्ली से सटे आशियाना होने का सपना जुड़ा है। इस टावर का स्ट्रक्चर खड़ा हो चुका है लेकिन दो वर्ष से काम रुका पड़ा है। जीडीए के प्रवर्तन प्रभारी वाइएन चौधरी ने बताया कि कंपनी को दो साल पहले कंपाउंडिंग मैप जमा कराने का आदेश दिया गया था।
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मैप जमा कराने में कंपनी का टालमटोल रवैया देखते हुए सील की यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि स्ट्रक्चर खड़े होने के बाद कंपाउंडिंग मैप जमा कराने का नियम है ताकि यह पता चल सके कि निर्धारित नक्शे से कितना प्रतिशत काम अधिक या कम किया गया है।
ज्यादातर भवन निर्माण मामले में नक्शे से अधिक निर्माण किया जाता है। अधिक निर्माण करने पर जीडीए में जुर्माना भरना होता है। उन्होंने बताया कि फ्रेंच आर्केड शीघ्र पैनल्टी के साथ मैप जमा करा दे तो सील खोल दी जाएगी। जीडीए भी चाहता है कि इस प्रोजेक्ट में अवांटियों को पजेशन समय से मिले और उन्हें ज्यादा परेशानी न झेलनी पड़े।
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यूपी गेट के पास 2010 से फ्रेंच आर्केड का निर्माण शुरू हुआ था। 14 फ्लोर के इस टावर में 120 आवंटी हैं। इस प्रोजेक्ट के करीब दो वर्ष लेट होने के चलते इसके आवंटी पहले से परेशान थे। अब सील की कार्रवाई से इनकी परेशानी और बढ़ गई है।
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आवंटियों का कहना है कि इस प्रोजेक्ट से उनका दिल्ली से सटे आशियाना होने का सपना जुड़ा है। इस टावर का स्ट्रक्चर खड़ा हो चुका है लेकिन दो वर्ष से काम रुका पड़ा है। जीडीए के प्रवर्तन प्रभारी वाइएन चौधरी ने बताया कि कंपनी को दो साल पहले कंपाउंडिंग मैप जमा कराने का आदेश दिया गया था।
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मैप जमा कराने में कंपनी का टालमटोल रवैया देखते हुए सील की यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि स्ट्रक्चर खड़े होने के बाद कंपाउंडिंग मैप जमा कराने का नियम है ताकि यह पता चल सके कि निर्धारित नक्शे से कितना प्रतिशत काम अधिक या कम किया गया है।
ज्यादातर भवन निर्माण मामले में नक्शे से अधिक निर्माण किया जाता है। अधिक निर्माण करने पर जीडीए में जुर्माना भरना होता है। उन्होंने बताया कि फ्रेंच आर्केड शीघ्र पैनल्टी के साथ मैप जमा करा दे तो सील खोल दी जाएगी। जीडीए भी चाहता है कि इस प्रोजेक्ट में अवांटियों को पजेशन समय से मिले और उन्हें ज्यादा परेशानी न झेलनी पड़े।