{"_id":"5a40080f4f1c1b5c248b475f","slug":"11514145807-ghaziabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘26जनवरी तक पूरा करें ईस्टर्न पेरिफेरल का काम’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘26जनवरी तक पूरा करें ईस्टर्न पेरिफेरल का काम’
Updated Mon, 25 Dec 2017 01:33 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
‘26 जनवरी तक पूरा करें ईस्टर्न पेरिफेरल का काम’
गाजियाबाद। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे को यातायात के लिए खोले जाने को लेकर उल्टी गिनती शुरू होने जा रही है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया से लेकर संबंधित जिलों को निर्देश दिया है कि 26 जनवरी तक एक्सप्रेस-वे के निर्माण का कार्य पूरा कर लिया जाये। उधर, पीएमओ के निर्देश पर एक्सप्रेस-वे के निर्माण में लगी कंपनियों को भी तय समय सीमा पर काम करने को कहा गया है। हालांकि एक्सप्रेस - वे के कुछ हिस्से (पैकेज) में काम देरी से चल रहा है, जिसे देखते हुए तय समय पर पूरा होने की संभावना कम दिखाई दे रही है।
हरियाणा के सोनीपत से शुरू होकर बागपत, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, फरीदाबाद से होकर पलवल तक 135 किमी के पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे का निर्माण चार कंपनियों कर रही हैं। निर्माण का कार्य पैकेज के हिसाब से कंपनियों को दिया गया है। सोनीपत से लेकर दुहाई तक (पैकेज 1 व 2) का काम सद्भाव इंजीनियरिंग कर रही है, जबकि उससे आगे का काम जेपी एसोसिएट, अशोका बिल्डकॉन, ओरियंटल स्ट्रक्चरल इंजीनियर्स व गायत्री प्रोजेक्ट के हाथों में है। 11 हजार करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट में से करीब 5900 करोड़ रुपया जमीन अधिग्रहण पर खर्च किया गया है। गाजियाबाद जिले में 16 गांवों की जमीन ईस्टर्न पेरिफेरल के लिए अधिग्रहीत की गई है। सभी जिलों में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन उसके बावजूद भी प्रोजेक्ट पूरा होने में देरी हो रही है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने अगस्त 2017 तक काम पूरा होने का लक्ष्य रखा था, लेकिन नोएडा में जमीन अधिग्रहण के मुद्दे पर किसानों के विरोध से निर्माण कार्य प्रभावित हुआ, जिससे प्रोजेक्ट में देरी होती चली गई। एक्सप्रेस वे शुरू होने के बाद दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा व फरीदाबाद को जाम से मुक्ति मिल जाएगी। अनुमान है कि प्रतिदिन दो से ढाई लाख वाहन गुजरेंगे।
ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे पर होंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं
ईस्टर्न पेरिफेरल देश के ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे में से एक होगा, जिसके बीच में और किनारों पर हरियाली होगी। पूरे एक्सप्रेस-वे पर 2.5 लाख से अधिक पेड़ लगाए जाएंगे। हर 500 मीटर की दूरी पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगा होगा। साथ ही 25 किमी की दूरी पर अत्याधुनिक सुलभ शौचालय होंगे।
विज्ञापन
इन सुविधाओं से होगा लैस
- इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ईटीसी) ।
- यातायात नियंत्रण व निगरानी के लिए सीसीटीवी, चेतावनी उपकरण लगे होंगे।
- आठ इंटरचेंजर
- चार फ्लाईओवर
- 71 वाहन अंडर पास
- 6 रोड ओवर ब्रिज
----------------
- पीएमओ की तरफ से निर्देश दिया गया है कि 26 जनवरी 2018 तक ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे का काम पूरा करना होगा। हमारे तरफ से जिले में जमीन अधिग्रहण से जुड़ी सारे दिक्कतें दूर करा दी गई है। अब अगर निर्माण में देरी होती है तो अब सीधे कंपनियों को जवाब देना होगा। - रितु माहेश्वरी, जिलाधिकारी
महापंचायत के बाद बेमियादी धरने पर किसान
मुरादनगर। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे से प्रभावित 16 गांव के किसान रविवार को महापंचायत के बाद बेमियादी धरने पर बैठ गए। उन्होंने चेतावनी दी है कि 4 जनवरी तक मुआवजे का भुगतान और सर्विस रोड की मांग पूरी नहीं होती है तो किसान निर्माण कार्य रोक देंगे। साथ ही एक्सप्रेस-वे पर वाहन नहीं दौड़ने देंगे।।
विकास संघर्ष समिति के तत्वावधान में रविवार को बसंतपुर सैंथली गांव में एक्सप्रेस वे से प्रभावित किसानों की महापंचायत हुई। समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि जब तक एक्सप्रेस-वे दोनों ओर सर्विस रोड नहीं बनती और पूरा मुआवजा नहीं दिया जाता है, तब तक विरोध जारी रहेगा। धरने पर बैठे किसानों से वार्ता करने के लिए एडीएम प्रशासन ज्ञानेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे, जिनसे किसानों ने कहा कि वे लंबे समय से अपनी मांग रख रहे हैं लेकिन कोई समाधान नहीं नहीं हो रहा। ऐसे में बेमियादी हड़ताल पर बैठने का निर्णय लिया है। एडीएम ने किसानों को आश्वासन दिया है कि एनएचएआई के अधिकारियों से बात कर उनकी समस्याओं का समाधान कराएंगे। महापंचायत के बाद किसानों ने रविवार से पाइप लाइन मार्ग स्थित भिक्कनपुर तिराहे पर धरना शुरू कर दिया है। अध्यक्षता राजपाल सिंह और संचालन दिनेश त्यागी ने किया। आजाद प्रमुख, रामफल चौधरी, मनोज नागर, धर्मवीर सिंह, बालिस्टर त्यागी, नितिन, सतवीर, रामकुमार, विनय खारी, बीसी बंसल, मंतराम, छत्रपाल, गुरजीत सिंह, जगबीर, विक्रम आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
गाजियाबाद। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे को यातायात के लिए खोले जाने को लेकर उल्टी गिनती शुरू होने जा रही है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया से लेकर संबंधित जिलों को निर्देश दिया है कि 26 जनवरी तक एक्सप्रेस-वे के निर्माण का कार्य पूरा कर लिया जाये। उधर, पीएमओ के निर्देश पर एक्सप्रेस-वे के निर्माण में लगी कंपनियों को भी तय समय सीमा पर काम करने को कहा गया है। हालांकि एक्सप्रेस - वे के कुछ हिस्से (पैकेज) में काम देरी से चल रहा है, जिसे देखते हुए तय समय पर पूरा होने की संभावना कम दिखाई दे रही है।
हरियाणा के सोनीपत से शुरू होकर बागपत, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, फरीदाबाद से होकर पलवल तक 135 किमी के पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे का निर्माण चार कंपनियों कर रही हैं। निर्माण का कार्य पैकेज के हिसाब से कंपनियों को दिया गया है। सोनीपत से लेकर दुहाई तक (पैकेज 1 व 2) का काम सद्भाव इंजीनियरिंग कर रही है, जबकि उससे आगे का काम जेपी एसोसिएट, अशोका बिल्डकॉन, ओरियंटल स्ट्रक्चरल इंजीनियर्स व गायत्री प्रोजेक्ट के हाथों में है। 11 हजार करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट में से करीब 5900 करोड़ रुपया जमीन अधिग्रहण पर खर्च किया गया है। गाजियाबाद जिले में 16 गांवों की जमीन ईस्टर्न पेरिफेरल के लिए अधिग्रहीत की गई है। सभी जिलों में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन उसके बावजूद भी प्रोजेक्ट पूरा होने में देरी हो रही है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने अगस्त 2017 तक काम पूरा होने का लक्ष्य रखा था, लेकिन नोएडा में जमीन अधिग्रहण के मुद्दे पर किसानों के विरोध से निर्माण कार्य प्रभावित हुआ, जिससे प्रोजेक्ट में देरी होती चली गई। एक्सप्रेस वे शुरू होने के बाद दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा व फरीदाबाद को जाम से मुक्ति मिल जाएगी। अनुमान है कि प्रतिदिन दो से ढाई लाख वाहन गुजरेंगे।
विज्ञापन
ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे पर होंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं
ईस्टर्न पेरिफेरल देश के ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे में से एक होगा, जिसके बीच में और किनारों पर हरियाली होगी। पूरे एक्सप्रेस-वे पर 2.5 लाख से अधिक पेड़ लगाए जाएंगे। हर 500 मीटर की दूरी पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगा होगा। साथ ही 25 किमी की दूरी पर अत्याधुनिक सुलभ शौचालय होंगे।
विज्ञापन
इन सुविधाओं से होगा लैस
- इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ईटीसी) ।
- यातायात नियंत्रण व निगरानी के लिए सीसीटीवी, चेतावनी उपकरण लगे होंगे।
- आठ इंटरचेंजर
- चार फ्लाईओवर
- 71 वाहन अंडर पास
- 6 रोड ओवर ब्रिज
----------------
- पीएमओ की तरफ से निर्देश दिया गया है कि 26 जनवरी 2018 तक ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे का काम पूरा करना होगा। हमारे तरफ से जिले में जमीन अधिग्रहण से जुड़ी सारे दिक्कतें दूर करा दी गई है। अब अगर निर्माण में देरी होती है तो अब सीधे कंपनियों को जवाब देना होगा। - रितु माहेश्वरी, जिलाधिकारी
महापंचायत के बाद बेमियादी धरने पर किसान
मुरादनगर। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे से प्रभावित 16 गांव के किसान रविवार को महापंचायत के बाद बेमियादी धरने पर बैठ गए। उन्होंने चेतावनी दी है कि 4 जनवरी तक मुआवजे का भुगतान और सर्विस रोड की मांग पूरी नहीं होती है तो किसान निर्माण कार्य रोक देंगे। साथ ही एक्सप्रेस-वे पर वाहन नहीं दौड़ने देंगे।।
विकास संघर्ष समिति के तत्वावधान में रविवार को बसंतपुर सैंथली गांव में एक्सप्रेस वे से प्रभावित किसानों की महापंचायत हुई। समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि जब तक एक्सप्रेस-वे दोनों ओर सर्विस रोड नहीं बनती और पूरा मुआवजा नहीं दिया जाता है, तब तक विरोध जारी रहेगा। धरने पर बैठे किसानों से वार्ता करने के लिए एडीएम प्रशासन ज्ञानेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे, जिनसे किसानों ने कहा कि वे लंबे समय से अपनी मांग रख रहे हैं लेकिन कोई समाधान नहीं नहीं हो रहा। ऐसे में बेमियादी हड़ताल पर बैठने का निर्णय लिया है। एडीएम ने किसानों को आश्वासन दिया है कि एनएचएआई के अधिकारियों से बात कर उनकी समस्याओं का समाधान कराएंगे। महापंचायत के बाद किसानों ने रविवार से पाइप लाइन मार्ग स्थित भिक्कनपुर तिराहे पर धरना शुरू कर दिया है। अध्यक्षता राजपाल सिंह और संचालन दिनेश त्यागी ने किया। आजाद प्रमुख, रामफल चौधरी, मनोज नागर, धर्मवीर सिंह, बालिस्टर त्यागी, नितिन, सतवीर, रामकुमार, विनय खारी, बीसी बंसल, मंतराम, छत्रपाल, गुरजीत सिंह, जगबीर, विक्रम आदि मौजूद रहे।