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दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे : शहर में ट्रैफिक के दबाव को आधा कर देंगे दो प्रोजेक्ट
Wed, 17 Mar 2021 05:16 AM IST
दुष्यंत शर्मा
प्रद्युम्न उपाध्याय, गाजियाबाद
प्रद्युम्न उपाध्याय, गाजियाबाद
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 17 Mar 2021 05:16 AM IST
सार
- सबहेड: दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से दिल्ली-मेरठ हाईवे पर 50 फीसदी कम हो जाएगा वाहनों का दबाव
- शहर के अंदर हापुड़ चुंगी से गुजरते हैं रोजाना 70 हजार वाहन, एक्सप्रेसवे शुरू होते ही कम हो जाएगी वाहनों भीड़
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मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेसवे
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
यातायात से जुड़े प्रोजेक्ट में गाजियाबाद नित नए कीर्तिमान बनाता जा रहा है। यातायात से जुड़े दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और नया कांवड़ मार्ग प्रोजेक्ट शहर में वाहनों के दबाव को आधा कर देंगे। वर्तमान में दिल्ली-मेरठ हाईवे से रोजाना करीब 1.30 लाख वाहन गुजरते हैं। जबकि शहर के अंदर हापुड़ चुंगी से प्रतिदिन 70 हजार वाहन निकलते हैं।
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दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे शुरू होते ही दिल्ली-मेरठ हाईवे और हापुड़ चुंगी पर वाहनों का दबाव आधा रह जाएगा। जिससे शहरवासियों को जाम की समस्या से राहत मिलेगी। दूसरी ओर गंगनहर पटरी पर 111.49 किमी लंबा नया कांवड़ मार्ग का आने वाले सालों में महानगर के ट्रैफिक की रफ्तार को और बढ़ा देगा।
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मेरठ-उत्तराखंड जाने वाले दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे को देंगे तवज्जो
वर्तमान में मेरठ के साथ पश्चिमी यूपी के विभिन्न जिलों और उत्तराखंड जाने वाले लोग दिल्ली-मेरठ हाईवे का इस्तेमाल करते हैं। इसी के चलते दिल्ली-मेरठ हाइवे के साथ शहर की अंदरूनी सड़कों पर वाहनों का अधिक दबाव होता है। वहीं दिल्ली-मेरठ हाइवे पर मोदीनगर और मुरादनगर में दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। अप्रैल से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद मेरठ और उत्तराखंड जाने वाले अधिकांश लोग एक्सप्रेसवे के इस्तेमाल को प्राथमिकता देंगे। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से लोगों के समय और पैसा दोनों की बचत होगी।
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जाम से राहत के साथ घटेगा प्रदूषण का स्तर
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और नया कांवड़ मार्ग का जाम के साथ प्रदूषण की समस्या पर भी वार करेगा। फिलहाल दिल्ली-मेरठ हाईवे पर वाहनों के अधिक दबाव के साथ जाम की समस्या रहती है। लोगों को रोजाना घंटों जाम से जूझकर गंतव्य तक पहुंचना होता है। शहर के बढ़ते प्रदूषण के स्तर में वाहनों का अहम रोल है। जीडीए और पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद दिल्ली-मेरठ हाईवे पर प्रतिदिन गुजरने वाले 1.30 लाख वाहनों की संख्या घटकर आधी रहने की संभावना जता रहे हैं।
नया कांवड़ मार्ग दिलाएगा राहत, निर्माण अप्रैल से
गंगनहर पटरी पर नया कांवड़ मार्ग शहरवासियों के लिए सहूलियत लेकर आएगा। 111.49 किमी लंबे नए कांवड़ मार्ग पर निर्माण कार्य, पेड़ों को काटने और स्थानांतरित करने के लिए पीडब्ल्यूडी, सेतु निगम, वन विभाग और सिंचाई विभाग की टीम का संयुक्त सर्वे जारी है। सर्वे के बाद वन विभाग की मंजूरी मिलते ही अप्रैल से निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। गंगनहर की दायीं पटरी पर नए कांवड़ मार्ग का गाजियाबाद में केवल 12.35 किमी हिस्सा पड़ता है। शासन ने लोक निर्माण विभाग को पांच करोड़ मिल गए हैं। गंगनहर की पटरी पर 111.49 किमी लंबे नए कांवड़ मार्ग के निर्माण पर 628.74 करोड़ खर्च होने हैं।
मोदीनगर-मुरादनगर का जाम हो जाएगा खत्म
लोक निर्माण विभाग ने न ए कांवड़ मार्ग के निर्माण की 2022 के मध्य तक की समय सीमा तय की है। नए कांवड़ मार्ग का निर्माण पूरा होने के बाद गाजियाबाद से मुजफ्फरनगर और उत्तराखंड जाने वालों को बड़ी राहत मिलेगी। मुजफ्फरनगर और उतराखंड जाने वाले लोगों को मोदीनगर और फिर मेरठ होकर नहीं जाना होगा। इससे दिल्ली-मेरठ हाईवे के बाद आगे हाईवे पर वाहनों का दबाव भी कम होगा। मोदीनगर और मुरादनगर में रोजाना सुबह-शाम लगने वाले जाम से शहरवासियों को निजात मिलेगी।
नया कांवड़ मार्ग के निर्माण के लिए सेतु निगम, वन विभाग और सिंचाई विभाग के साथ संयुक्त सर्वे जारी है। सर्वे पूरा होने और वन विभाग की मंजूरी मिलते ही निर्माण संबंधी कार्य शुरू हो जाएगा। शासन से निर्माण संबंधी पहली किस्त मिल गई है। यह प्रोजेक्ट दिल्ली-मेरठ हाईवे पर जाम की समस्या को कम कर देगा।
- मनीष वर्मा, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी
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