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Delhi News: प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र बनवा लें, नहीं तो कार्रवाई के लिए रहें तैयार
Sun, 26 Jun 2022 04:55 AM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Sun, 26 Jun 2022 04:55 AM IST
सार
दिल्ली सरकार ने वाहनों से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्रों की चेकिंग के आदेश जारी किए हैं। सरकार की ओर से कहा गया है कि हरियाणा और उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों से आने वाले वाहनों को भी प्रदूषण प्रमाण पत्र लेना आवश्यक होगा।
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दिल्ली ट्रैफिक पुलिस
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
वायु प्रदूषण को देखते हुए वाहन चालकों को प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (पीयूसीसी) लेने की सख्त चेतावनी दी गई है। दिल्ली सरकार ने कहा है कि वैद्य प्रदूषण प्रमाण पत्र रखें या कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार रहें।
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दिल्ली सरकार ने वाहनों से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्रों की चेकिंग के आदेश जारी किए हैं। सरकार की ओर से कहा गया है कि हरियाणा और उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों से आने वाले वाहनों को भी प्रदूषण प्रमाण पत्र लेना आवश्यक होगा। 15 जून को दिल्ली सरकार ने अपने पड़ोसी राज्यों को इस बाबत सूचना दे दी है। इस मामले में परिवहन विभाग ने भी नोटिस जारी किया है। इसमें स्पष्ट कहा गया है कि जिन वाहनों का पीयूसीसी नियत तारीख तक वैध नहीं है, उनका चालान किया जाएगा। मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 190(2) के तहत पीयूसीसी न रखने पर तीन महीने तक की सजा हो सकती है या 10000 रुपये तक का जुर्माना अथवा दोनों हो सकते हैं।
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जुर्माने से बचने के लिए आवश्यक
नोटिस में यह भी कहा गया है कि वे सभी पंजीकृत वाहन मालिक जिनके वाहन पंजीकरण की तिथि से एक वर्ष से अधिक पुराने हैं, वे प्रदूषण प्रमाण पत्र प्राप्त कर लें। जुर्माने से बचने के लिए यह बेहद आवश्यक है।
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एक अधिकारी ने बताया कि प्रमाणपत्र नहीं पाए जाने पर तीन महीने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस भी निरस्त किया जा सकता है। यही नहीं वाहन चालक को वाहन चलाने के लिए अयोग्य घोषित करने के साथ 10,000 रुपये का चालान भी किया जा सकता है।