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गंगा किनारे बनेंगे विद्युत शवदाह गृह
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Fri, 07 Nov 2014 12:18 AM IST
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गंगा सफाई अभियान के तहत मोक्षदायिनी के किनारों पर विद्युत शव दाह गृह बनाए जाएंगे। इसके लिए सामाजिक संगठन गोष्ठियों के माध्यम से शवदाह गृहों के प्रयोग और फायदों के प्रति लोगों को जागरूक करेंगे।
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प्रोजेक्ट हरित मोक्ष के तहत मोक्षदा हरित शवदाह गृह प्रणाली लागू करने के लिए सामाजिक संगठनों की तरफ से कविनगर कम्यूनिटी सेंटर में 11 नवंबर को एक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।
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केंद्र सरकार गंगा को स्वच्छ एवं निर्मल रखने का अभियान चला रही है, वहीं सुप्रीम कोर्ट भी गाइड लाइन जारी कर चुका है। गंगा में प्रदूषण का बड़ा कारण इसके किनारों पर बनें शवदाह गृहों को माना जाता है।
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पूजन सामग्री भी गंगा में बहायी जाती है। इन्हीं सबको ध्यान में रखते हुए आर्य समाज, आरडब्ल्यूए और परमार्थ सेवा समिति ने गंगा किनारे विद्युत शवदाह गृह बनवाने का निर्णय लिया है।
वेस्ट यूपी में मुजफ्फरनगर से अलीगढ़ तक गंगा तट पर बनने वाले शवदाह गृहों तक पावर कारपोरेशन लाइन बिछाएगा।
हर वार्ड-गांव में कमेटियों का गठन कर लोगों को जागरूक किया जाएगा। हर जिला मुख्यालय पर कार्यालय खोले जा रहे हैं।-डा. आरके आर्य, अध्यक्ष, आरडब्ल्यूए फेडरेशन
शव दाह गृहों का निर्माण और विद्युत बिल की अदायगी संगठन द्वारा की जाएगी। वेस्ट यूपी के सामाजिक संगठनों का सहयोग लिया जा रहा है।-वीके अग्रवाल, अध्यक्ष परमार्थ सेवा समिति
विद्युत शवदाह गृह से हरियाली बचेगी। वायु और जल प्रदूषण भी नियंत्रित होगा। जीवनदायिनी गंगा को शुद्ध करने के लिए परंपरागत नियमों में बदलाव कर मौजूदा व्यवस्था का प्रयोग करना होगा। कविनगर कम्यूनिटी सेंटर में इसका आयोजन किया जाएगा। - श्रद्धानंद शर्मा, महामंत्री आर्यसमाज।