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KBC के नाम पर आपके साथ भी हो सकता है ये

Mon, 03 Nov 2014 08:44 AM IST
Updated Mon, 03 Nov 2014 08:44 AM IST
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Gang trapped in noida.

ईएसआई अस्पताल में पैथालॉजी विभाग के मेडिकल ऑफिसर डॉ. दीपक के मोबाइल पर पिछले दिनों एक शख्स ने संपर्क किया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने डॉक्टर को कौन बनेगा करोड़पति नाम से लाटरी निकलने और इनाम के तौर पर लाखों रुपये जीतने के बारे में बताया।

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अगले दिन उसी नंबर से फिर उनके पास कॉल आई। ठगी के तरीकों की जानकारी होने के कारण डॉ. दीपक उसके झांसे में नहीं आए और बच गए। हालांकि आए दिन लोग ठगों की बातों में फंसकर अपनी जमा पूंजी गवां रहे हैं।
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सीओ तृतीय राजकुमार मिश्रा के  मुताबिक समाचार पत्रों, टीवी पर विज्ञापन देकर या मोबाइल पर एसएमएस या कॉल के जरिये लोगों को लाखों का इनाम जीतने की जानकारी दी जाती है।
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प्रोसेसिंग फीस के बहाने देते झांसा

Gang trapped in noida.

इसके बाद ठग प्रोसेसिंग फीस के बहाना बनाकर झांसे में आए लोगों से इनाम की रकम के बदले 10 से 20 हजार रुपये तक ऐंठ लेते हैं। रुपये खाते में आते ही ठग जिस मोबाइल नंबर से संपर्क करते हैं, उसे बंद कर देते हैं।

वहीं, चेक या फंड ट्रांसफर करने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला खाता किसी प्रदेश में होता है तो ठगी किसी और प्रदेश में बैठकर की जाती है। साथ ही ठगी की रकम किसी अन्य प्रदेश में बैंक  से निकाली जाती है।

नोएडा पुलिस ने हाल ही में एक गिरोह को पकड़ा था, जिसने तीन माह में करीब 560 लोगों के साथ इसी तरह से ठगी की थी। सीओ ने बताया कि दिल्ली-एनसीआर में ऐसे कई गिरोह लोगों को शिकार बना रहे हैं।

विज्ञापनों पर आंख बंदकर भरोसा न करें

Gang trapped in noida.

ठगी के शिकार होने वालों में से अधिकांश को मोबाइल पर कॉल कर इनाम जीतने की खबर दी गई थी, जबकि उन्होंने किसी तरह की स्पर्धा में हिस्सा ही नहीं लिया था। कोई घर बैठे आपको लाखों रुपये क्यों देगा, यह बात हमेशा याद रखे। इस तरह की कॉल पर ध्यान न दें।

लोकल टीवी और बड़े नेशनल चैनलों पर चेहरा पहचानो प्रतियोगिता समेत कई तरह के विज्ञापन आते हैं। इनमें से कुछ विज्ञापन फर्जी भी होते हैं। इसके अलावा समाचार पत्रों में पजल या चेहरा पहचानो प्रतियोगिता का झांसा देकर इनाम जीतने की बात कही जाती है।

इसमें इतने सरल प्रश्न पूछे जाते हैं कि कोई भी आसानी से इनका जवाब दे देगा। ऐसे में एक बार जरूर सोचें कि इतनी आसानी से कोई आपको लाखों रुपये क्यों देगा।

किसी इनाम की प्रोसेसिंग फीस नहीं लगती

Gang trapped in noida.

लाखों के इनाम का झांसा देने वाले लोग अक्सर प्रोसेसिंग फीस या कूरियर चार्ज का बहाना बनाकर लोगों से रुपये ऐंठते हैं। वास्तविकता यह है कि किसी भी इनाम की प्रोसेसिंग फीस नहीं लगती। अगर किसी को इनाम देना हो तो प्रोसेसिंग फीस काटकर दे सकता है।

बैंकों के उचित तालमेल से इस तरह की धोखाधड़ी पर रोक लग सकती है। पिछले दिनों धोखाधड़ी के एक मामले का खुलासा बैंक की दो शाखाओं में बेहतर तालमेल से हुआ था। इस तरह के अपराध की खास बात यह होती है कि एक प्रदेश के बैंक में आरोपी का खाता होता है।

दूसरे प्रदेश में ठगी होती है, जबकि तीसरे प्रदेश की बैक शाखा से रुपये निकाले जाते हैं। ऐसे में बैंकों के उचित तालमेल से ठगी के मामले सुलझाने में आसानी हो जाती है।
-राजकुमार मिश्रा, सीओ तृतीय क्षेत्र, नोएडा

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