तीन दिन में दस लाख से ज्यादा बार सर्च हुआ गजेंद्र
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जंतर-मंतर पर गजेंद्र सिंह की खुदकुशी के बाद इंटरनेट पर उनको जानने की होड़ लग गई है। करीब दस लाख यूजर्स ने गजेंद्र सिंह को जानने के लिए सर्च किया है। गजेंद्र सिंह की वेबसाइट पर भी लाखों हिट मिले हैं। यूजर्स गजेंद्र से जुड़ी जानकारियों को जानने के साथ आप पर उठ रहे सवालों का जवाब भी मांग रहे हैं।
जंतर-मंतर में बुधवार को हुई घटना के दूसरे दिन जैसे ही यूजर्स को गजेंद्र सिंह का प्रोफाइल पता लगा, गूगल पर सर्च करने की बाढ़ आ गई।
महज एक दिन में 10 लाख से अधिक यूजर्स यूट्यूब और गूगल पर सर्च कर चुके हैं। वहीं, गजेंद्र सिंह की वेबसाइट जयपुरिया साफेवाले को भी सर्च कर रहे हैं। यूजर्स पूछ रहे हैं कि गजेंद्र जब इतना टेलेंटेड था तो ऐसे मायूस होने की जरूरत क्या थी।
अलका के ट्वीट पर भी उठा सवाल
उधर, ‘आप’ के अधिकारिक पेज पर भी हमले जारी हैं। लोग लिख रहे हैं कि ‘आप’ के नेता कहते हैं कि हमें नहीं पता था कि वो किसान है, जबकि गजेंद्र का भाई कह रहा है कि ‘आप’ के बुलावे पर वह रैली में आया था।
इस बीच अलका का मौत से पहले मौत की खबर का ट्वीट भी कई सवाल उठाता है। पार्टी के पेज पर संजय सिंह ने ट्वीट किया है, जिसमें लिखा है कि हम शुक्रवार को गजेंद्र के गांव जा रहे हैं।
इस पर निशांत श्रीवास्तव लिखते हैं कि पहले थप्पड़ खाकर फूल देने जाते थे और अब मौत का तमाशा बनाने के बाद परिवार को श्रद्धांजलि। गजेंद्र झाडू महाराज और उनकी टीम की बलि चढ़ गया।
मीडिया पर भी जमकर प्रहार
कोई केदारनाथ की यात्रा तो कहीं आरोप-प्रत्यारोप की बाढ़। ऐसे में जिंदगी तो चली कि सियासत बाकी है...पर दुख हो रहा है कि सफेदपोश इतने असंवेदनशील हो सकते हैं।
‘आप’ के साथ-साथ मीडिया भी मौत के लिए जिम्मेदार है। अगर सच को दिखाना उनकी राष्ट्रीयता है तो फिर खुदकुशी को कैमरे में कैद करने के बजाय उन्होंने संवेदनशीलता क्यों नहीं दिखाई। सोशल मीडिया पर राजनेताओं के साथ मीडिया से भी सवाल उठाने के साथ जिम्मेदारी की बात कही जा रही है।