आप दिनभर फोड़ती रही ईवीएम पर हार का ठीकरा, शाम होते ही केजरीवाल ने लिया यू-टर्न
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आम आदमी पार्टी (आप) ने दिल्ली नगर निगम चुनाव की हार का ठीकरा इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) पर फोड़ा है। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत पार्टी के ज्यादातर वरिष्ठ नेताओं ने मजबूती के साथ इस मसले को उठाया।
पार्टी का मानना है कि दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नहीं, ईवीएम की लहर है। जिस पर सवार होकर भाजपा ने एक बार फिर निगम की सत्ता हासिल की है। मतगणना शुरू होने के बाद जैसे-जैसे रूझान आप के खिलाफ जाने लगे, नेताओं की बेचैनी बढ़ती गयी।
करीब नौ बजे उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, गोपाल राय समेत पार्टी के वरिष्ठ नेता सिविल लाइंस स्थित मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पर पहुंचे।पार्टी नेताओं ने निगम चुनाव परिणाम के संबंध में बैठक की। करीब आधे घंटे चली बैठक के बाद दिल्ली सरकार के मंत्री गोपाल राय ने मीडिया को बताया कि लहर मोदी की नहीं, ईवीएम की है। ईवीएम में बड़े पैमाने पर छेड़छाड़ हुयी है।
वहीं, थोड़ी देर बाद मीडिया से बात करते हुये मनीष सिसोदिया काफी गुस्से में दिखे। सिसोदिया ने कहा कि 2009 का संसदीय चुनाव हारने के बाद पांच साल तक भाजपा ने ईवीएम पर महारत हासिल कर ली। भाजपा ने ईवीएम पर सिर्फ रिसर्च ही नहीं की, इनके नेता जीबीएल नरसिंहाराव व लालकृष्ण आडवाणी ने किताबें भी लिखीं, और इनके नेता सुप्रीम कोर्ट भी गए थे।
'ईवीएम से छेड़छाड़ देश के लोकतंत्र की कड़वी सच्चाई है'
मनीष सिसोदिया ने आरोप लगाया कि ईवीएम से छेड़छाड़ देश के लोकतंत्र की कड़वी सच्चाई है। इसकी बात करने से हमारा मजाक उड़ सकता है। लेकिन इसके डर से हम सच बोलना नहीं छोड़ सकते। भाजपा ने दिल्ली में ईवीएम की लहर चलायी है।
सिसोदिया के मुताबिक, भाजपा ने दस साल में कूड़ा, डेंगू फैलाने का काम किया है। फिर भी भाजपा की जीत हुई है। यह हैरान करने वाला है। भाजपा की जीत की कोई वजह नजर नहीं आती।
बता दें कि पंजाब में अपेक्षित सफलता न मिलने व और गोवा की हार के बाद से ही आप ने ईवीएम टेंपरिंग का मसला उठाया है। इसके लिये चुनाव आयोग को भी पत्र लिखा। वहीं, एमसीडी चुनाव स्थगित करने तक की मांग की। लेकिन चुनाव आयोग ने पार्टी की मांग को ठुकरा दिया था।
दूसरे नेताओं ने भी उठाये ईवीएम पर सवाल
आप नेता आशुतोष ने भी पार्टी के सुर में सुर मिलाते हुए कहा कि यह मोदी लहर नहीं, ईवीएम लहर है। वहीं दिल्ली सरकार में केजरीवाल के मीडिया सलाहकार नागेन्द्र शर्मा ने कहा कि पिछले एक दशक से दिल्ली की गलियों की बिना सफाई किए ही जीत हासिल की। आखिर ऐसा हो भी क्यों न, जब मशीन (ईवीएम) आपके साथ हो तो आपकी इच्छा का कोई मतलब नहीं रह जाता।
मंत्री कपिल मिश्रा व विधायक अलका लांबा की राय जुदा
बेशक आप ईवीएम टेंपरिंग का मसला जोर-शोर से उठा रही है लेकिन दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा व विधायक अलका लांबा की राय जुदा है। कपिल मिश्रा आप सरकार के पहले मंत्री थे, जिन्होंने करीब तीन बजे भाजपा की जीत पर अध्यक्ष मनोज तिवारी को बधाई दी। साथ ही कहा कि हम लोग दुबारा आम लोगों से संपर्क करेंगे। वहीं, हार की वजहों की समीक्षा की जायेगी। लोकतंत्र में नतीजे हमें मान्य होने चाहिये। कपिल ने अपनी विधान सभा के दो वार्ड में जीत का जश्न भी मनाया।
दूसरी तरफ आप विधायक अलका लांबा ने कहा कि ईवीएम पर बात होगी लेकिन वह जमीन पर काम कर रही थी। ग्राउंड पर क्या चल रहा हमें पता था। उम्मीदवारों की साथ हार की वजहों की समीक्षा की जायेगी। वहीं, उन्होंने अपनी विधान सभा सीट की तीन वार्ड में हार की जिम्मेदारी लेने हुये पार्टी के सभी पदों व विधायक के पद से इस्तीफा देने की पार्टी से पेशकश भी की।
केजरीवाल ने दी भाजपा को जीत की बधाई
मैं भाजपा को तीनों नगर निगमों में जीत की बधाई देता हूं। हमारी सरकार दिल्ली की बेहतरी के लिये एमसीडी के साथ मिलकर काम करेगी।-अरविंद केजरीवाल, मुख्यमंत्री, दिल्ली सरकार