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सुविधाओं के लिए तरस रहे लोकतंत्र के सेनानी, आज भी देना पड़ता है हरियाणा रोडवेज की बसों में किराया

Thu, 27 Oct 2016 10:21 AM IST
मुकेश शर्मा/अमर उजाला, गुड़गांव
मुकेश शर्मा/अमर उजाला, गुड़गांव Updated Thu, 27 Oct 2016 10:21 AM IST
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freedom fighters are still lacking facilities in haryana
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देश में आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की बहाली के लिए संघर्ष करते हुए विभिन्न जेलों में यातनाएं सहने वाले लोगों का मनोहर लाल सरकार ने ताम्र पत्र देकर सम्मान बढ़ाया, लेकिन सरकारी तंत्र के सामने अभी भी इन लोगों को अपमानित होना पड़ता है। सरकार की घोषणा करने के एक साल बाद भी इन लोगों को सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।

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1975-77 के बीच आपातकाल के दौरान जेल गए लोगों को सम्मान देने के लिए हरियाणा सरकार ने जुलाई 2015 में 'शुभ्र ज्योत्सना नामक एक पहल शुरू की थी। खुद मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने इस पहल की शुरूआत करते हुए पीड़ितों को ताम्र पत्र देने के साथ 2 अक्तूबर 2015 से सभी रोडवेज बसों में फ्री यात्रा, सरकारी अस्पतालों में फ्री इलाज, निजी अस्पताल में सरकारी कर्मचारी की तर्ज पर रियायती दरों पर इलाज और पीड़ित परिवार को हरसंभव सहयोग का वादा किया।
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योजना को अमलीजामा पहनाते हुए 26 जनवरी को फरीदाबाद में 26 लोगों को प्रदेश के शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा और पलवल में 22 लोगों को विधानसभा अध्यक्ष कंवरपाल सिंह ने ताम्रपत्र देकर सम्मानित किया था लेकिन एक साल बीत जाने के बावजूद अभी तक इन योजनाओं को सही तरह से क्रियान्वित नहीं जा सका है। आपातकाल पीड़ितों को न तो रोडवेज बसों में फ्री यात्रा की सुविधा मिल रही है और न ही मुफ्त इलाज हो पा रहा है।
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जानकारी का अभाव
इस संबंध में 26 जुलाई को मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने निर्देश जारी कर रोडवेज बसों में फ्री यात्रा, निजी अस्पतालों में सरकारी कर्मचारी की तर्ज पर इलाज की घोषणा की थी। इस पर अभी विभागीय अधिकारियों को पूरी जानकारी का अभाव है। जिसके कारण हमारे आपातकाल पीड़ितों को सुविधा का लाभ नहीं मिल रहा है। इस समस्या को लेकर जल्द ही मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री को पत्र लिखकर अवगत कराऊंगा।-रविभूषण खत्री, जिला संयोजक, लोकतंत्र सेनानी संघ फरीदाबाद


हमारा अपमान है यह
पिछले माह मैं हरियाणा रोडवेज की बस से मथुरा से पलवल आ रहा था। मैंने कडंटर को अपना पहचान पत्र दिखाया लेकिन उसने पूरा किराया वसूला। यह हमारा अपमान है।- मास्टर प्यारेलाल, गांव सहड़ौली

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