फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Fraud ngo running in delhi dwarka exposes

ये NGO चला रहा था बच्चे बेचने का गोरखधंधा

Wed, 10 Jun 2015 07:50 PM IST
Updated Wed, 10 Jun 2015 07:50 PM IST
विज्ञापन
Fraud ngo running in delhi dwarka exposes

पुलिस ने एक ऐसे फर्जी एनजीओ का खुलासा किया है जो बच्चों की चोरी व अगवा करके निसंतान दंपति को लाखों रुपये में बेच देता था। इसके साथ ही एनजीओ, सरोगेसी से जन्म लिए बच्चे को भी मुहैया करवाने का दावा करता था।

विज्ञापन


पुलिस ने एक महिला समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से दो साल के बच्चे को बरामद किया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने अब तक 20 बच्चों को बेचा है, इसमें और लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है।
विज्ञापन


दक्षिण पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त आरए संजीव ने बताया कि वीमेन एंड चाइल्ड डेवलपमेंट निदेशक की ओर से द्वारका नॉर्थ थाने में दर्ज शिकायत के मुताबिक द्वारका सेक्टर-16 में एक एनजीओ राष्ट्रीय जनहित जनसेवा संगठन चलाया जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

पुलिस ने इस तरह बनाया एनजीओ को फांसने का प्लान

Fraud ngo running in delhi dwarka exposes

यह संगठन फर्जी तरीके से नवजात बच्चों को गोद देने की बात कहकर उन्हें लाखों रुपये में बेच रहा है। जांच में पुलिस ने पाया कि राष्ट्रीय जनहित जनसेवा संगठन नाम का कोई एनजीओ रजिस्टर्ड नहीं है और न ही वह सीएआरए (सेंट्रल एडॉप्शन रिसोर्स एजेंसी) के गाइडलाइंस का ही पालन कर रहा है।

पुलिस ने इसका खुलासा करने के लिए रणनीति तैयार की। इसके तहत 4 जून को एक नकली दंपति को एनजीओ के पास भेजा। वहां मौजूद लोगों ने एक बच्चे के गोद लेने की कीमत 4.20 लाख रुपये बताई।

साथ ही दंपति से पंजीकरण के लिए आठ हजार रुपये लिए। आरोपियों ने बताया कि एनजीओ संचालक विनोद कुमार गोद लेने की प्रक्रिया के सभी कागजात उन्हें मुहैया करवा देगा। जिससे दंपति उसके असली माता पिता लगेंगे।

दो साल का बच्चा बेचते थे 5.50 लाख में

Fraud ngo running in delhi dwarka exposes

विनोद ने दंपति को 8 जून को बच्चा लेने के लिए बुलाया। उन लोगों ने कहा कि उनके पास एक नवजात और दो साल का बच्चा है। दो साल के बच्चे की कीमत 5.50 लाख है।

दंपति की सहमति से सौदा तय हो गया। पुलिस टीम ने वहां पहुंचकर गोयला डेयरी निवासी विनोद कुमार (42), माजरा पल्ला निवासी शिखा चौधरी (28) और गोयला डेयरी निवासी अनिल पांडे (27) को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने उनके कब्जे से बरामद दो साल के बच्चे को चाइल्ड होम भेज दिया। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वह तीन तरीके से बच्चों को लाकर निसंतान दंपति को मुहैया करवाते थे।

निसंतान दंपति को तीन तरह से मुहैया कराते थे बच्चे

Fraud ngo running in delhi dwarka exposes

आरोपियों ने बताया कि सबसे पहले बच्चों की चोरी करते थे, उसके बाद बच्चों को अगवा और फिर सरोगेसी के जरिये मुहैया करवाते थे।

उनके गिरोह के सदस्य अन्य राज्यों में सक्रिय हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि सरोगेसी के लिए उन लोगों ने छोटे-छोटे नर्सिंग होम से संपर्क कर रखा है।

जिससे सरोगेट मदर से बच्चा पैदा होने पर उसे बेच देते थे। पुलिस का कहना है कि फिलहाल मामले की जांच की जा रही है और इसके बाद कई लोगों की गिरफ्तारी संभव है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed