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हेलीकॉप्टर से सफर के बाद कूड़ेराम बने सेलिब्रिटी, रिटायरमेंट पर फरीदाबाद के आसमान में लगाए दो चक्कर
Fri, 02 Aug 2019 07:19 AM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फरीदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फरीदाबाद
Published by: शाहरुख खान
Updated Fri, 02 Aug 2019 07:19 AM IST
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कूड़ेराम बने सेलिब्रिटी
- फोटो : अमर उजाला
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हेलीकॉप्टर में सपनों की उड़ान पूरी कर गांव सदपुरा निवासी सेवानिवृत्त चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कूड़ेराम ग्रामीणों के लिए एक खास शख्सियत बन गए हैं। कूड़ेराम पढ़े-लिखे नहीं हैं, लेकिन इतिहास रचने का सपना उन्होंने अपनी नौकरी के रिटायरमेंट के साथ ही सच कर दिखाया।
गांव नीमका के सरकारी स्कूल में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रहे कूड़ेराम ने 30 जुलाई को सेवानिवृत्ति के पल को उस समय यादगार बना दिया, जब हेलीकॉप्टर से उन्होंने अपने परिवार के साथ फरीदाबाद के आसमान में चक्कर लगाए।
बीते मंगलवार को कूड़ेराम ने गांव सदपुरा से स्कूल तक का सफर साइकिल से किया, लेकिन वापसी हेलीकॉप्टर से की। यह पल न सिर्फ कूड़ेराम के लिए यादगार रहा बल्कि पूरा गांव उन्हें को अब एक सेलिब्रिटी की तरह देख रहा है।
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कूड़ेराम ने बताया कि बचपन से उनका सपना था कि वह हवाई सफर करें लेकिन घर के हालात और जिम्मेदारियों ने कभी हवा में उड़ने का मौका नहीं दिया। 30 जुलाई को रिटायरमेंट के बाद कूड़ेराम हवा में उड़ान भरते दिखे। इस दौरान उनकी बेटी और पत्नी भी साथ थे।
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गांव नीमका के सरकारी स्कूल में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रहे कूड़ेराम ने 30 जुलाई को सेवानिवृत्ति के पल को उस समय यादगार बना दिया, जब हेलीकॉप्टर से उन्होंने अपने परिवार के साथ फरीदाबाद के आसमान में चक्कर लगाए।
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बीते मंगलवार को कूड़ेराम ने गांव सदपुरा से स्कूल तक का सफर साइकिल से किया, लेकिन वापसी हेलीकॉप्टर से की। यह पल न सिर्फ कूड़ेराम के लिए यादगार रहा बल्कि पूरा गांव उन्हें को अब एक सेलिब्रिटी की तरह देख रहा है।
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कूड़ेराम ने बताया कि बचपन से उनका सपना था कि वह हवाई सफर करें लेकिन घर के हालात और जिम्मेदारियों ने कभी हवा में उड़ने का मौका नहीं दिया। 30 जुलाई को रिटायरमेंट के बाद कूड़ेराम हवा में उड़ान भरते दिखे। इस दौरान उनकी बेटी और पत्नी भी साथ थे।
1979 में कूड़ेराम को हरियाणा शिक्षा विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पद पर नौकरी मिली थी। पहले दिन से ही कूड़ेराम नीमका स्थित सरकारी स्कूल में कार्यरत थे। 30 जुलाई मंगलवार को कूड़ेराम नौकरी की जिम्मेदारियों से मुक्त हुए हैं।
कूड़ेराम अपने चार बच्चों की शादी करने की जिम्मेदारी से भी मुक्त हो चुके हैं। उनके छोटे भाई शिवकुमार सदपुरा गांव के सरपंच हैं। शिव कुमार ने बताया कि उनके भाई की भी तमन्ना थी कि रिटायरमेंट के पल को यादगार बनाया जाए।
इसलिए नीमका से सदपुरा गांव तक 3.5 लाख रुपये में हेलीकॉप्टर बुक किया। दोनों गांवों की दूरी महज 2 किलोमीटर है। स्कूल से रिटायरमेंट के बाद वह साढ़े 4 बजे नीमका गांव स्थित राजा जैतसिंह स्टेडियम में खड़े चार सीटर हेलीकॉप्टर में सवार होकर पत्नी रामवती के साथ 5 मिनट में सदपुरा गांव पहुंचे। उन्होंने गांव के चक्कर भी लगाए।
कूड़ेराम अपने चार बच्चों की शादी करने की जिम्मेदारी से भी मुक्त हो चुके हैं। उनके छोटे भाई शिवकुमार सदपुरा गांव के सरपंच हैं। शिव कुमार ने बताया कि उनके भाई की भी तमन्ना थी कि रिटायरमेंट के पल को यादगार बनाया जाए।
इसलिए नीमका से सदपुरा गांव तक 3.5 लाख रुपये में हेलीकॉप्टर बुक किया। दोनों गांवों की दूरी महज 2 किलोमीटर है। स्कूल से रिटायरमेंट के बाद वह साढ़े 4 बजे नीमका गांव स्थित राजा जैतसिंह स्टेडियम में खड़े चार सीटर हेलीकॉप्टर में सवार होकर पत्नी रामवती के साथ 5 मिनट में सदपुरा गांव पहुंचे। उन्होंने गांव के चक्कर भी लगाए।