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भूमिगत स्टेशनों के निर्माण से भूजल स्तर पर प्रभाव का पता लगाएगी मेट्रो

Tue, 25 Apr 2017 10:27 AM IST
बृजेश सिंह/अमर उजाला, नई दिल्ली
बृजेश सिंह/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 25 Apr 2017 10:27 AM IST
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fourth faze metro will know about ground level water in delhi
मेट्रो - फोटो : amar ujala

मेट्रो फेज चार को लेकर केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय से अभी तक अंतिम मंजूरी नहीं मिली है, लेकिन दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। मेट्रो फेज चार के छह कॉरीडोर को लेकर इनफ्लूएंश जोन जारी करने के बाद अब अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशनों के निर्माण में भूजल स्तर पर क्या प्रभाव पड़ेगा, इसका पता लगाने के लिए निर्माण से पहले हाइड्रोलॉजिकल स्टडी कराने जा रही है।

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मेट्रो की परेशानी दो कॉरिडोर को लेकर ज्यादा है,जहां पर पड़ने वाले दस-दस स्टेशनों के आसपास ज्यादा बसावट है। मेट्रो फेज चार में कुल छह कॉरीडोर बनने है। विभिन्न कॉरीडोर पर कुल 104 किलोमीटर का निर्माण होगा। इसमें 37.01 किलोमीटर भूमिगत है जबकि 66.92 किलोमीटर एलिवेटेड लाइन होगी।
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भूमिगत लाइन पर कुल 28 स्टेशन पड़ेंगे। मेट्रो की चिंता इन्हीं स्टेशनों को लेकर है। भूमिगत निर्माण के दौरान जब खुदाई होगी तो कहां किस लेवल पर पानी होगा उसका निष्कासन से भूजल स्तर पर क्या प्रभाव पड़ेगा। इसकी पड़ताल की जाएगी।
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हाइड्रोलॉजिकल स्टडी के लिए एजेंसियों को  बुलाया   
डीएमआरसी ने सभी 28 अंडरग्राउंड स्टेशनों की हाइड्रोलॉजिकल स्टडी के लिए इस काम में रुचि रखने वाली एजेंसियों को बुलाया है। कंपनियां अध्ययन करके यह पता लगाएगी की जहां-जहां से लाइन गुजरेगी वहां भूजल स्तर क्या होगा।

इसके अलावा उस भूजल को डी-वाटरिंग (जल निकासी) के दौरान क्या समस्या आएगी। खास बात की भूजल निकासी करने के बाद यह भी अनुमान लगाना है कि उसके आस-पास के इलाकों में भूजल स्तर पर क्या प्रभाव पड़ेगा। उससे कितना क्षेत्र प्रभावित होगा।

मेट्रो फेज चार के दो कॉरीडोर पर 10-10 मेट्रो स्टेशन भूमिगत है। पहला इंद्रलोक से दिल्ली गेट 12.58 किलोमीटर पूरी भूमिगत लाइन है। इस लाइन को लेकर मेट्रो को सबसे ज्यादा दिक्कत है। क्योंकि यह लाइन आबादी वाले इलाके से होकर निकलेगी।


मेट्रो की चिंता है कि अगर भूजल निकला तो उसकी निकासी कैसे होगी। दूसरी लाइन एयरोसिटी से साकेत तुगलकाबाद को लेकर है जो 20.20 किलोमीटर लंबी है, उसमें 14.62 किमी. लाइन भूमिगत है।
    
फैक्ट फाइल
 06 कॉरीडोर बनेंगे      
104 किलोमीटर लाइन बिछेगी        
79 स्टेशन होंगे कुल      
28 स्टेशन होंगे भूमिगत       

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