विपरित हालातों में मिली नई जिदंगी, सर्जरी के बाद दोबारा काम करने लगे अंग
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अलीगढ़ (उप्र) में रहने वाले 45 वर्षीय जितेंद्र को नोएडा के फोर्टिस अस्पताल में नई जिंदगी मिली है। जितेंद्र को ह्दय की वाल्व में संक्रमण होने से ब्रेन स्ट्रोक हो गया था।
इससे शरीर में कमजोरी आ गई थी और कुछ हिस्से में लकवा मार गया था। इससे लगातार उनकी तबीयत बिगड़ती जा रही थी। अब फोर्टिस अस्पताल के डॉक्टरों की टीम ने जितेंद्र का ऑपरेशन करके नई जिंदगी दी है।
डॉक्टरों के मुताबिक, इस बीमारी को इनफेक्टिव इंडोकार्डिटिस ऑफ द हार्ट वॉल्व कहा जाता है। इसमें ह्दय पर मशरूम जैसी आकृतियां जगह बनाने लगती हैं।
जो बाद में टूटकर दिमाग तक पहुंचने लगती हैं और इस वजह से ब्रेन स्ट्रोक हो जाता है। डॉक्टरों ने बताया कि जितेंद्र को जांच के लिए जब अस्पताल लाया गया तो उसके ह्दय की वॉल्व में तीन सेमी बड़ी संक्रमित आकृति जगह बना चुकी थी।
ह्दय की वॉल्व में संक्रमण से हो गया था ब्रेन स्ट्रोक
इससे वॉल्व खराब हो गया था और खून का बहाव आगे होने की जगह पीछे की तरफ हो रहा था। साथ ही उसके रक्त में संक्रमण भी हो गया था। इस वजह से किडनी ने काम करना बंद कर दिया था।
स्थिति खराब होने पर जितेंद्र को लाइफ स्पोर्ट पर रखा गया। फिर सर्जरी की गई। अब उसके अंग दोबारा से काम करने लगे हैं, लेकिन डायलिसिस अभी भी करना पड़ रहा है। कॉर्डियो थोराकिक एंड वैस्क्यूलर सर्जरी के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. वैभव मिश्रा ने बताया कि ह्दय की वॉल्व में संक्रमण था। ये संक्रमण की वजह से हो सकता है।
शुरुआत के समय एंटीबायोटिक से ठीक किया जा सकता है, लेकिन ज्यातर मामलों में ऑपरेशन की जरूरत होती है। इसमें तमाम तरह के जोखिम होते हैं। वहीं फोर्टिस अस्पताल के जोनल निदेशक गगन सहगल ने बताया कि डॉक्टरों की टीम ने बहुत मेहनत की है।