CVO संजीव चतुर्वेदी की एम्स में वापसी
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अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) दिल्ली के पूर्व मुख्य सतर्कता अधिकारी संजीव चतुर्वेदी सोमवार को डिप्टी सेक्रेटरी के तौर पर काम पर लौट आए। अब वह संस्थान कर्मियों के अनुशासनात्मक व शिकायती दस्तावेज उनके माध्यम से ही मंत्रालय के मुख्य सतर्कता अधिकारी को भेजे जाएंगे।
14 अगस्त को एक आदेश जारी कर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एम्स के सीवीओ से काम लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय के सीवीओ को सौंपने के आदेश दिए थे। आदेश के बाद से संजीव छुट्टी पर चले गए थे।
दरअसल, सीवीओ संजीव चतुर्वेदी की नियुक्ति संबंधी विवाद चल रहा है। फिलहाल उनसे सीवीओ पद के अधिकार छीन लिए गए हैं। अब वह किसी तरह के मामले में कार्रवाई नहीं कर सकते। बस प्राप्त हुई शिकायतों को स्वास्थ्य मंत्रालय के सीवीओ को फॉरवर्ड कर देंगे।
संजीव चतुर्वेदी मामले में केंद्र के दो मंत्रालय आमने-सामने
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के पूर्व मुख्य सतर्कता अधिकारी संजीव चतुर्वेदी मामले में केंद्र सरकार के दो मंत्रालयों के बयान अलग-अलग हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि पूर्व सीवीओ के खिलाफ शिकायत है, जिसकी जांच की जा रही है जबकि उनके होम कैडर (वन एवं पर्यावरण मंत्रालय) का कहना है कि संजीव के खिलाफ किसी तरह की शिकायत नहीं है।
चतुर्वेदी के होम कैडर की ओर से स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय को 28 अगस्त को एक पत्र लिखा गया है, जिसमें कहा गया है कि संजीव के खिलाफ किसी तरह की शिकायत नहीं है। वहीं, स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से 20 अगस्त को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया था कि संजीव चतुर्वेदी के खिलाफ शिकायत है जिसकी जांच अभी प्राथमिक स्तर पर है।
उधर, संजीव चतुर्वेदी ने भी स्वास्थ्य मंत्रालय को पत्र लिख कर पूछा है कि उनके खिलाफ क्या शिकायत है? उन्हें बताया जाए। पत्र में यह भी कहा गया है कि यदि कोई शिकायत नहीं है और इस तरह का बयान जारी किया गया है तो यह पूरी तरह से गलत है। यह आपराधिक मानहानि का मामला बनता है।