Delhi Meerut Rapid Rail: रैपिड रेल में सफर के लिए देने पड़ सकते हैं 2-3 रुपये प्रति किमी, मिलेंगी ये सुविधाएं
Delhi Meerut Rapid Rail: डीपीआर के अनुमान के मुताबिक, ट्रेन में किराया करीब दो से तीन रुपये प्रति किमी होगा। दिल्ली मेट्रो की सात लाइनों पर रैपिड लाइन की कनेक्टिविटी होगी। इसे मुनिरका, आईएनए और एरोसिटी से जोड़ा जाएगा...
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दिल्ली से मेरठ से बीच यात्रा करने वाले यात्रियों का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने जा जा रहा है। दिल्ली से मेरठ के बीच चलने वाली रैपिड रेल को सीएमआरएस से मंजूरी मिल गई हैं। मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त ने दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर के प्रायोरिटी सेक्शन पर रैपिडएक्स सर्विस के परिचालन को मंजूरी दे दी है। हाल ही में रेल मंत्रालय ने आरआरटीएस रोलिंग स्टॉक को मंजूरी प्रदान की थी। इसकी डिजाइन स्पीड 180 किमी प्रति घंटा है, जबकि परिचालन स्पीड 160 किमी प्रति घंटा है।
सीएमआरएस की मंजूरी के साथ आरआरटीएस का प्रायोरिटी सेक्शन देश का ऐसा पहला रेलवे सिस्टम बन गया है, जिसे 160 किमी प्रति घंटा की अधिकतम परिचालन गति पर इसकी संपूर्ण लंबाई को तय करने के लिए परिचालन हेतु खोला जा रहा है। फिलहाल यह ट्रेन साहिबाबाद और दुहाई डिपो के बीच चलाई जाएगी। पिछले एक साल के दौरान एक से अधिक स्वतंत्र सुरक्षा मूल्यांकनकर्ताओं ने एनसीआरटीसी द्वारा प्रयोग की जा रही प्रक्रियाओं की सख्ती से जांच की है। आरआरटीएस सिस्टम की गहन जांच में सफल होने के बाद ही इसे रेल मंत्रालय और सीएमआरएस से मंजूरी प्राप्त हुई है।
एनसीआरटीसी प्रोजेक्ट पर काम जून 2019 में शुरू हुआ है। इसके चार साल के भीतर ही एनसीआरटीसी रैपिडेक्स सेवाओं का कमर्शियल ऑपरेशन शुरू करने के लिए तैयार है। एनसीआरटीसी की टीम ने परियोजना के बाकी हिस्से में भी तेजी से प्रोसेस की है। यह जून 2025 में निर्धारित समयसीमा के भीतर मेरठ में मेट्रो सेवाओं के साथ.साथ पूरे कॉरिडोर को परिचालित करने के लिए कमिटेड है।
इन पांच रुटस पर चलेगी ट्रेन, मिलेगी ये सुविधाएं
इस कॉरिडोर का प्लान रैपिड एक्स प्रोजेक्ट के तहत किया गया है, जिसके मैनेजमेंट की जिम्मेदारी नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन की होगी। कंपनी का दावा है कि भारत का पहला ऐसा ट्रेन सिस्टम होगा, जिसमें ट्रेन 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी। पहले खंड में रैपिड रेल साहिबाबाद से दुहाई डिपो के बीच चलेगी। ये रूट 17 किलोमीटर लंबा है। इस रूट पर 5 स्टेशन होंगे। जिसमें साहिबाबाद, गाजियाबाद, गुलधर, दुहाई और दुहाई डिपो हैं। यात्री मोबाइल और कार्ड के माध्यम से भी टिकट खरीद सकेंगे।
रेल कोच के आखिरी डिब्बे में स्ट्रेचर का इंतजाम किया गया है। अगर किसी मरीज को मेरठ से दिल्ली रेफर किया जाता है, तो इसके लिए एक अलग कोच की व्यवस्था है। ताकि कम कीमत में मरीज को पहुंचाया जा सके। इस ट्रेन में दिव्यांगों के लिए अलग सीट्स तैयार की गई है।
इस ट्रेन की सीटें बेहद आरामदायक बनाए गए हैं। ट्रेन में एडजेस्टेबल चेयर है, इसके साथ ही खड़े होने वाले यात्रियों के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। ट्रेन में वाईफाई की सुविधा, मोबाइल-यूएसबी चार्जर भी होंगे।
यह हो सकता है किराया
डीपीआर के अनुमान के मुताबिक, ट्रेन में किराया करीब दो से तीन रुपये प्रति किमी होगा। दिल्ली मेट्रो की सात लाइनों पर रैपिड लाइन की कनेक्टिविटी होगी। इसे मुनिरका, आईएनए और एरोसिटी से जोड़ा जाएगा। आरआरटीएस प्रोजेक्ट के मुताबिक पूरे कॉरिडोर के साथ 24 स्टेशन बनाए जाएंगे। एजेंसी का अनुमान है कि प्रोजेक्ट 2025 में पूरा हो जाएगा, तो रोज 8 लाख यात्री इससे सफर कर सकेंगे। दिल्ली से मेरठ पहुंचने में एक घंटे का वक्त लगेगा। दिल्ली से मेरठ के बीच पूरे रूट के निर्माण के बाद कुल 30 रैपिड ट्रेनों को चलाने की तैयारी है। गाजियाबाद के दुहाई यार्ड में रैपिड रेल कॉरिडोर का ऑपरेशन एंड कमांड कंट्रोल सेंटर तैयार किया जा रहा है।