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फ्लिपकार्ट वेयर हाउस पर छापा, 47 लाख का माल जब्त
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Sat, 29 Nov 2014 12:38 AM IST
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ऑनलाइन कंपनियों के खिलाफ गाजियाबाद में पहली बार वाणिज्य कर विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने डासना स्थित फ्लिपकार्ट कंपनी के वेयर हाउस पर छापा मारा, जिसमें अधिकारियों को फार्म 38 ब्लैंक मिले।
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अफसरों ने गोदाम में रखा 47 लाख रुपये का माल जब्त कर ऑनलाइन कंपनी फ्लिपकार्ट से 13.58 लाख रुपये का जुर्माना वसूल किया है।
विभाग अब गोपनीय तरीके से दो अन्य ऑनलाइन कंपनियों की जांच में जुट गया है। टैक्स चोरी मिलने पर इन कंपनियों से भी वसूली की जाएगी।
ऑनलाइन कंपनियों के खिलाफ व्यापारियों की लड़ाई रंग लाने लगी है। व्यापारियों ने कुछ दिन पूर्व वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों को ऑनलाइन कंपनियों के गोदामों की लिस्ट दी थी।
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लिस्ट के मुताबिक विभाग के अधिकारियों ने टीम बनाई और छापामारी शुरू की। इसी कड़ी में डासना स्थित एक गोदाम पर छापा मारकर विभाग ने करीब 47 लाख कीमत का माल पकड़ा।
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पता चला कि उक्त माल ऑनलाइन शॉपिग कंपनी उसी फ्लिपकार्ट का है, जिसने दिवाली से पहले ऑनलाइन शॉपिंग की दुनिया में जबरदस्त धमाका करते हुए रिटेल बाजार को धड़ाम कर दिया था।
विभाग को छापामारी में कई ऐसे दस्तावेज मिले हैं, जिनसे लगता है कि माल प्रांत के बाहर से लाया जा रहा है। फिलहाल अधिकारी इनके बिजनेस माड्यूल की जांच में लगे हैं।
क्या कहते हैं अधिकारी
वाणिज्य कर विभाग के एडिशनल कमिश्नर (एसआईबी) अनिल पाठक ने बताया कि सूचना के आधार पर विभाग ने ऑनलाइन कंपनी फ्लिपकार्ट के डासना स्थित गोदाम में पर छापा मारा। टीम को मौके से कोरे फार्म-38 मिले हैं।
वहां मौजूद कर्मचारियाें से पूछताछ की तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। लिहाजा पेनाल्टी लगाते हुए कंपनी से 13.58 लाख रुपये वसूले गए। साथ ही एक वेंडर डब्ल्यू एस रिटेल की भी जांच की जा रही है।
उन्हाेंने बताया कि टीम ऑनलाइन कंपनी के बिजनेस स्ट्रैटेजी की जांच कर रही है कि कैसे कंपनियां प्रोडक्ट के रेट को इतना कम करके बेचती हैं। प्रोडक्ट कहां से मांगती हैं। क्या वह टैक्स देती हैं। टैक्स किस रूप में देती हैं। यह वह सवाल है, जिसकी जांच हो रही है।
जरूरी है फार्म 38
प्रांत के बाहर से माल मंगाने के लिए फार्म 38 जरूरी है। कोई भी व्यापारी या कंपनी बिना फार्म 38 के माल मंगाती है तो यह गैर कानूनी है। विक्रेताओं की मानें तो ऑनलाइन कंपनियां अधिकांश माल फार्म 38 के बगैर मंगाती है।
प्रतिदिन सैकड़ों लोगों को डिलीवरी की जाती है। यदि हर प्रोडक्ट का फार्म लेना पड़ेगा तो बिजनेस करना संभव नहीं हो पाएगा। वहीं ग्राहक प्रोडक्ट मांगता है तो इसके लिए फार्म 39 चाहिए। कोई भी ग्राहक वाणिज्य कर विभाग में लाइन में लगकर फार्म नहीं लेगा।
स्नैपडील का धमाका
फ्लिपकार्ट के दिवाली से पूर्व हुए धमाके के बाद ऑनलाइन प्रोडक्ट बेचने वाली कंपनी स्नैपडील ने शुकव्रार को एक बार फिर धमाका कर दिया। मार्केट में अपनी पकड़ बनाने के लिए स्नैपडील ने शुक्रवार सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक प्रोडक्ट सेल किए।
कंपनी की वेबसाइट पर सुबह नौ बजे से रात नौ बजे तक कस्टमर ने ऑनलाइन शॉपिंग की। कंपनी के ऑफर में इलेक्ट्रॉनिक्स गुड्स, पैन ड्राइव, घड़ियां, चश्मे, रेडीमेड गारमेंट, फर्नीचर, कपड़े आदि की खूब बिक्री हुई।