अधूरी रह गई मां के साथ खाना खाने की ख्वाहिश
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होली पर रंग खेलने के साथ जायकेदार खाने का भी खूब चलन है। सोमवार को हादसे से पहले भी एक युवक ने भी अपनी मां से खाना लगाने की गुजारिश की और कहा मां तुम खाना लगाओ, तुम्हारे साथ ही खाऊंगा...।
यहीं नहीं उसकी मां खाना लगाकर उसका इंतजार भी करने लगीं। लेकिन किसे पता था वह वापस लौटकर नहीं आएगा। इसी तरह इस युवक के दोस्त ने भी करीब 3.50 बजे अपने बड़े भाई फोन पर बात की और जल्द वापसहुई थी।
उसने भी जल्द ही घर आने की बात की थी। हादसे के बाद से सभी युवकों के परिवार में मातम छाया हुआ है। धीरज के रिश्तेदार और दोस्त योगेश ने बताया कि सारे दोस्त बचपन से एक साथ करावल नगर इलाके में रहते थे। किसी भी त्योहार सभी आपस में मिलकर पार्टी करते थे।
गर्भवती पत्नी को अब तक नहीं आया होश
होली पर यमुना में डूबे पांच दोस्तों में से एक की पत्नी गर्भवती है, जो हादसे के बाद बेहोश है। सोमवार को धीरज के साइबर कैफे पर पार्टी के लिए सभी को बुलाया गया था। सभी ने होली पर खूब एंजॉय किया। योगेश की मानें तो धीरज और गोविंद शराब नहीं पीते थे।
घर वालों के फोन आने पर दोपहर बाद सभी अपने-अपने घरों के निकले थे। लेकिन अचानक उनका नहाने का प्रोग्राम बन गया और वह हादसे का शिकार हो गए। योगेश ने बताया कि हादसे के बाद किसी तरह बचाया गया मिथुन गहरे सदमे में है। वह कुछ बोल ही नहीं पा रहा है।
पुलिस के मुताबिक गोविंद के परिवार में माता-पिता के अलावा चार भाई व एक बहन हैं। प्रवीन के माता-पिता के अलावा दो बहनें हैं। वह भाईयों में अपने घर में इकलौता बेटा था। धीरत का एक भाई व दो बहनें हैं। गोपेश की एक बहन व एक भाई बचा है। हादसे के बाद से सभी के घरों में मातम छाया हुआ है।
गहरे पानी के साइन बोर्ड न होने पर होते हादसे
सोनिया विहार सातवें पुश्ते पर सोमवार हुए हादसे के बाद मृतकों के परिजनों में खासा रोष था। परिजनों का कहना था कि अकसर यहां पर कोई न कोई डूबता रहता है, लेकिन प्रशासन इसकी ओर ध्यान नहीं देता है।
प्रशासन अगर वहां गहरे पानी के साइन बोर्ड लगा दे तो आगे होने वाले हादसों में कमी लाई जा सकती है। गोपश के बड़े भाई विजय ने बताया कि चौहान पट्टी के पास यमुना में अकसर लोग हादसों का शिकार हो रहे हैं। दरअसल यहां पर यमुना के शुरूआत में तीन से चार फुट पानी है।
थोड़ी आगे जाकर अचानक यह एकदम से 20 फुट से अधिक हो जाता है। इसकी वजह से लोग हादसे का शिकार हो जाते हैं। विजय के मुताबिक सोमवार को अगर वहां कोई साइन बोर्ड होता तो शायद इतना बड़ा हादसा नहीं होता।
ऐसे हुई थी पांच दोस्तों की मौत
सोनिया विहार इलाके में सोमवार को यमुना में डूबने से पांच युवकों की मौत हो गई। होली खेलने के बाद सात युवक नदी में नहाने गए थे। गोताखोरों ने पांचों शवों को निकाल लिया।
परिजनों के अनुरोध पर मंगलवार को बिना पोस्टमार्टम किए पुलिस ने शव सौंप दिए। पुलिस के मुताबिक मूलरूप से बिहार और बंगाल के रहने वाले पांचों दोस्त करावल नगर में आसपास ही रहते थे।
प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो सभी युवकों ने शराब पी रखी थी। बुराड़ी थाना पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
इसलिए बच गई छठें दोस्त की जान
छह दोस्त नदी में नहाने लगे, जबकि अनीष बाहर रुककर मोबाइल से फोटो खींचने लगा। इसी बीच प्रवीन का पैर गहरे पानी में फिसल गया। उसे बचाने की कोशिश में एक-एक कर उसके सभी दोस्त गहरे पानी में डूबने लगे। इस दौरान अनीष ने मिथुन को बचा लिया।
हादसे की खबर मिलने पर बुराड़ी थाना पुलिस गोताखोरों को लेकर घटनास्थल पर पहुंच गई। करीब एक घंटे बाद गोताखोरों ने पांचों युवकों को पानी से निकाल लिया। उन्हें जीटीबी अस्पताल ले जाया गया, जहां सभी को मृत घोषित कर दिया गया।
पुलिस के मुताबिक हादसे का शिकार हुआ सुरेश पुलिस मुख्यालय में बतौर होमगार्ड तैनात था। प्रवीन की चांदनी चौक में कपड़े की दुकान थी। गोविंद कश्मीरी गेट में अकाउंटेंट का काम करता था। इसके अलावा धीरज व गोपेश अपना साइबर कैफे चला रहे थे।