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दिल्ली HC की पहली महिला जज लीला सेठ का निधन, पारिवारिक संपत्ति में बेटियों को दिलाया था हक

Sun, 07 May 2017 11:00 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 07 May 2017 11:00 AM IST
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first woman judge of Delhi High Court Justice Leila Seth passes away on 6th may in noida
जस्टिस लीला सेठ

दिल्ली हाई कोर्ट की पहली महिला न्यायाधीश लीला सेठ का शनिवार को निधन हो गया। 86 साल की जस्टिस लीला सेठ कुछ दिनों से बीमार चल रही थीं। नोएडा स्थित अपने घर में उन्होंने अंतिम सांस ली। मशहूर लेखक विक्रम सेठ उनके बेटे हैं। 

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जस्टिस लीला सेठ ने अपना शरीर दान किया था। ऐसे में उनकी इच्‍छा के मुताबिक, उनके पार्थिव शरीर को वैज्ञानिक शोध के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। 

जस्टिस लीला सेठ 1958 में लंदन बार एग्जाम में टॉप करने वाली पहली महिला बनीं। उन्होंने पटना लॉ कॉलेज में करीब 10 साल तक प्रैक्टिस की। 5 अगस्‍त, 1991 को वह किसी राज्‍य के हाई कोर्ट की मुख्‍य न्‍यायाधीश बनने वाले पहली महिला भी थीं।
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साल 2000 में वह भारतीय विधि आयोग में नियुक्त हुईं। उन्होंने हिंदू उत्तराधिकार कानून में बदलाव कराने में उन्होंने प्रमुख भूमिका निभाईं। इसके माध्यम से बेटियों को पारिवारिक संपत्ति में हिस्से का अधिकार मिला।
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लीला सेठ ने वकालत के दौरान बड़ी तादात मे इनकम टैक्स, सेल्स  टैक्स, एक्सिस ड्यूटी और कस्टम संबंधी मामलों के अलावा सिविल कंपनी और वैवाहिक मुकदमे भी किए।

जस्टिस लीला सेठ के निधन पर नामी हस्तियों ने जताया दुख

first woman judge of Delhi High Court Justice Leila Seth passes away on 6th may in noida
जस्टिस लीला सेठ
लीला सेठ के निधन पर कई नामी हस्तियों और नेताओं ने दुख जताया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ट्वीट किया, "जस्टिस लीला सेठ की मौत पर दुख है। मानव अधिकारों के लिए उनकी लड़ाई अतुलनीय है। मेरी संवेदनाएं उनके परिवार के साथ हैं।"

वहीं, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उनके निधन पर दुख जाहिर किया है। मशहूर इतिहासकार रामचंद्र गुहा ने लिखा, "वो बेहद अच्छी इंसान थी, एक बढ़िया भारतीय थीं और समझदारी, सादगी और साहस की मिसाल थीं।"
 
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