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देश में पहली बार हुआ ऐेसा ऑपरेशन, कार्डियक डेथ मरीज ने दी दूसरे को जिंदगी
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 10 Jul 2017 08:57 PM IST
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देश में अब ब्रेन डेड मरीज के परिजन उनके अंगों को दान करने के लिए सामने आ रहे हैं और पिछले कुछ वर्षों में काफी संख्या में अंगदान किए गए हैं। भारत में पहली बार कार्डियक डेथ मरीज से अंग को निकाल कर किसी अन्य मरीज को प्रत्यारोपित किया गया है।
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कार्डियक डेथ मरीज के शरीर से आधे घंटे के भीतर लिवर निकाला गया और दो घंटे के अंदर गाजियाबाद के एक मरीज को सफलतापूर्वक लिवर प्रत्यारोपित किया गया।
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दिल्ली के 60 वर्षीय मरीज को बीएल कपूर सुपर स्पेशयलिटी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान मरीज की हालत खराब हुई और उन्हें जीवन रक्षक उपकरण के सहारे रखा गया। मरीज को कार्डियक अरेस्ट हुआ और उनकी मौत हो गई। परिजनों ने अंगदान करने का निर्णय लिया।
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60 वर्षीय मरीज ने दिया जीवनदान
अस्पताल में लिवर प्रत्यारोपण कराने के लिए पहले से पंजीकृत कराए हुए 45 वर्षीय मरीज अतुल सलुजा को आनन-फानन में गाजियाबाद से बीएलके अस्पताल बुलाया गया और कुछ घंटों के अंदर ही मरीज को सफलतापूर्वक लिवर प्रत्यारोपित कर दिया गया।
लिवर प्रत्यारोपण करने वाले विशेषज्ञ डॉ. संजय सिंह नेगी ने बताया कि कार्डियक डेथ की स्थिति में मरीज के हृदय में रक्त का प्रवाह तो रुक ही जाता है। साथ ही शरीर के दूसरे अंगों तक भी रक्त नहीं पहुंच पाता जिसकी वजह से बहुत जल्द अंग खराब होने का खतरा रहता है।
लिहाजा बिना समय गंवाए परिजनों के हामी भरने के बाद प्रक्रिया का पालन करते हुए लिवर निकाला गया और एक मरीज को प्रत्यारोपित कर दिया गया।
लिवर प्रत्यारोपण करने वाले विशेषज्ञ डॉ. संजय सिंह नेगी ने बताया कि कार्डियक डेथ की स्थिति में मरीज के हृदय में रक्त का प्रवाह तो रुक ही जाता है। साथ ही शरीर के दूसरे अंगों तक भी रक्त नहीं पहुंच पाता जिसकी वजह से बहुत जल्द अंग खराब होने का खतरा रहता है।
लिहाजा बिना समय गंवाए परिजनों के हामी भरने के बाद प्रक्रिया का पालन करते हुए लिवर निकाला गया और एक मरीज को प्रत्यारोपित कर दिया गया।