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Delhi Coaching Centre Incident: ...तो टल सकता था हादसा, 19 दिन पहले अगर अग्निशमन विभाग सही से कर लेता यह काम

Tue, 30 Jul 2024 10:52 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: आकाश दुबे Updated Tue, 30 Jul 2024 10:52 PM IST
सार

13 मई 2019 को इमारत का नक्शा पास किया गया और अगस्त 2021 को निगम से नक्शे के मुताबिक इमारत का निर्माण कार्य संपन्न होने का प्रमाण पत्र मिला।

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Fire NOC was given to Rao IAS just 19 days before accident
राजेंद्र नगर कोचिंग सेंटर हादसा - फोटो : जी पाल/अमर उजाला

विस्तार

राजेंद्र नगर कोचिंग सेंटर हादसे में दिल्ली अग्निशमन सेवा की भी लापरवाही सामने आई है। हादसे से महज 19 दिन पहले 9 जुलाई को राव आईएएस स्टडी सर्किल को फायर एनओसी दी गई थी। इससे पहले इमारत का अग्निशमन सेवा की टीम ने निरीक्षण किया था। नियमत: सभी नियम पूरे होने पर ही एनओसी देनी थी, लेकिन राव आईएएस स्टडी सर्किल जिस इमारत में है, उसके बेसमेंट में पुस्तकालय चल रहा था। ऐसे में बड़ा सवाल है यह है कि अग्निशमन सेवा की टीम ने निरीक्षण किस तरह से किया कि वहां पर पुस्तकालय की जगह स्टोर ही पाया गया। जब तीन छात्रों की जान चली गई तब अग्निशमन सेवा को पता चला कि वहां पुस्तकालय चल रहा था। इसके बाद एनओसी रद्द की गई।

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दरअसल, राव आईएएस स्टडी सर्किल जिस इमारत में चल रहा था, उसको जून 2024 तक फायर एनओसी नहीं मिली थी। विभाग ने नौ जुलाई को फायर की एनओसी दी। सूत्र बताते हैं कि 13 मई 2019 को इमारत का नक्शा पास किया गया और अगस्त 2021 को निगम से नक्शे के मुताबिक इमारत का निर्माण कार्य संपन्न होने का प्रमाण पत्र मिला। नियम के अनुसार निर्माण संपन्न हाेने और उसका व्यावसायिक इस्तेमाल शुरू करने से पहले फायर एनओसी लेनी होती है, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।

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बीते वर्ष मुखर्जी नगर में कोचिंग सेंटर में आग लगने की घटना के बाद फायर एनओसी नहीं होने का नोटिस दिया गया। उसके बाद फायर एनओसी लेने की प्रक्रिया शुरू की गई। बताया जा रहा है कि 7 लाख रुपये से अधिक का कन्वर्जन चार्ज जमा कर इमारत का व्यावसायिक इस्तेमाल का नक्शा पास करवाया गया और इस माह नौ जुलाई को अग्निशमन विभाग की तरफ से फायर एनओसी दी गई।

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फायर एनओसी की प्रक्रिया
फायर एनओसी देने से पहले इमारत का जो निरीक्षण होता है, उसमें बीस से ज्यादा चीजों को देखना होता है। इसमें से प्रमुख हैं-
- जिस तरह से नक्शा पास किया गया था उस तरह से इमारत का निर्माण हुआ है या नहीं?
- आपातकालीन दरवाजे हैं या नहीं, सीढ़ियों की चौड़ाई मानक के अनुरूप हैं या नहीं?
- आपात स्थिति में आपातकालीन दरवाजों के रास्ते कोई बाधा तो नहीं है?

हकीकत
राव आईएएस स्टडी सर्किल जिस इमारत में है, उसके बेसमेंट में कई साल से पुस्तकालय चल रहा है। छात्रों के साथ आसपास के लोग भी इसकी तस्दीक करते हैं जबकि एनओसी बेसमेंट में स्टोर के लिए दी गई थी। इससे स्पष्ट है कि जांच में फायर विभाग ने लापरवाही बरती। दिलचस्प यह कि अधिकारी सिर्फ इतना बता रहे हैं कि निरीक्षण के दौरान बेसमेंट में स्टोर बताया गया था। साथ में वहां पर आग से बचाव के सारे उपाय मानक के अनुसार ठीक पाए गए। इसके बाद एनओसी दी गई थी।

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