खास खबरः प्रदूषण से निपटने के लिए दमकल भी तैयार, सरकार के आदेश का इंतजार
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दिल्ली-एनसीआर में ठंड की दस्तक के साथ ही प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है। स्थिति यह हो जाती है कि पूरी राजधानी गैस और धूल के चैंबर में तब्दील हो जाती है। दिल्ली के साथ पड़ोसी राज्यों की सरकारें भी इस स्थिति से निपटने में लगी हुई है। निर्माण कार्यों, कच्ची कॉलोनियां और सड़कों का रखरखाव ठीक से न हो पाने के कारण राजधानी में धूल के गुबार उठने लगते हैं। धूल प्रदूषण के लिए एक बड़ी समस्या बन जाती है। अन्य सिविक एजेंसियों के साथ दिल्ली का दमकल विभाग भी धूल से निपटने के लिए सड़कों और पेड़ों पर छिड़काव करता है। दमकल विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रदूषण के खिलाफ इस जंग में वह भी तैयार है।
दमकल विभाग के अधिकारी ने बताया कि राजधानी में करीब 60 दमकल केंद्रों पर 250 गाड़ियां तैनात रहती हैं। दिल्ली में प्रदूषण शुरू होते ही सभी सिविक एजेंसियां अपने-अपने स्तर पर प्रदूषण से निपटने के प्रयासों में जुट जाती हैं। धूल के प्रभाव को कम करने के लिए दमकल विभाग को भी आदेश दिया जाता है कि वह सड़कों और पेड़ों पर छिड़काव करें। पिछले साल दिल्ली सरकार के आदेश के बाद राजधानी के 40 से अधिक प्वाइंट पर दमकल की गाड़ियां छिड़काव करती रहीं। अधिकारियों का कहना है कि दमकल विभाग पर काम का दबाव अधिक है। आम दिनों में रोजाना ही करीब 100 कॉल कंट्रोल रूम को मिलती हैं। व्यस्त होने के बाद दमकल की सभी 250 गाड़ियां सड़कों और पेड़ों पर छिड़काव करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।
लॉक डाउन के दौरान राजधानी का आसमान दिखता था नीला...
कोरोना के दौरान लॉकडाउन हुआ तो दिल्ली के लोगों ने अरसे बाद राजधानी की फिजा में बदलाव महसूस किया। साफ हवा के अलावा नीला आसमान देखने को मिला। यहां तक यमुना नदी का पानी भी लगभग साफ हो गया। लेकिन जनजीवन सामान्य होने के साथ ही दिल्ली अपनी पुरानी रंगत में लौटती चली गई। राजधानी में प्रदूषण का स्तर बढ़ने लगा। अब कोरोना के दौरान प्रदूषण बढ़ने को खतरनाक माना जा रहा है। प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए तमाम सिविक एजेंसियों को मुस्तैद कर दिया गया है।
एक नजर...
60 : दमकल केंद्रों की कुल संख्या
250 : वाहन विभाग के बेड़े में
2100 : कॉल औसतन हम माह आती है
दमकल विभाग दूसरी विभागों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने को तैयार हैं, जैसे ही सरकार की ओर से आदेश होगा, वाटर स्प्रे का काम शुरू कर दिया जाएगा।
- अतुल गर्ग, निदेशक दमकल विभाग