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Delhi NCR News: एसी के आउटडोर यूनिट में हुए विस्फोट से लगी आग, पुलिसकर्मियों ने जान पर खेलकर मासूम सहित चार को बचाया
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आदर्श नगर के मजलिस पार्क इलाके की घटना, दमकल की पांच गाड़ियों ने एक घंटे में पाया आग पर काबू
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। आदर्श नगर के मजलिस पार्क इलाके में शनिवार रात चार मंजिला इमारत के तीसरी मंजिल स्थित एक फ्लैट में एसी के आउटडोर यूनिट में हुए विस्फोट से भीषण आग लग गई। फ्लैट में रखे दो एलपीजी सिलिंडरों में धमाके होने से आग ने विकराल रूप ले लिया और देखते ही देखते चौथी मंजिल तक फैल गई। सूचना मिलते ही आदर्श नगर थाने के करीब 25 पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और दमकल के पहुंचने से पहले राहत कार्य शुरू कर दिया। पुलिसकर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालते हुए धुएं और आग की लपटों के बीच फंसे चार लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बाद में दमकल की पांच गाड़ियों ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया।
उत्तर-पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त आकांक्षा यादव ने बताया कि शनिवार रात 9:18 बजे पुलिस और दमकल विभाग को सी-ब्लॉक स्थित एक इमारत में आग लगने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचे एएसआई राजेश कुमार, हवलदार हरदीप और सिपाही प्रदीप समेत पुलिसकर्मियों ने देखा कि आग तीसरी मंजिल से तेजी से ऊपर की ओर फैल रही है। प्रारंभिक स्तर पर पुलिस ने पड़ोसी राजेश कुमार की सीवर लाइन में इस्तेमाल होने वाली पाइप के जरिए आग पर काबू पाने का प्रयास किया।
इसी दौरान पड़ोसी जितेंद्र भारद्वाज ने पुलिस को बताया कि इमारत के भीतर लोग फंसे हुए हैं। सूचना मिलते ही सिपाही प्रदीप बिना देर किए धुएं और आग के बीच तीसरी मंजिल पर पहुंचे और वहां फंसे सतीश, उनकी पत्नी मोना तथा उनकी आठ माह की मासूम बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसके बाद जानकारी मिली कि दूसरी मंजिल पर सतीश के 64 वर्षीय पिता किशनलाल भी फंसे हैं। एएसआई राजेश कुमार और सिपाही प्रदीप ने दमा के मरीज किशनलाल को भी सुरक्षित बाहर निकालकर उनकी जान बचाई।
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प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आग की शुरुआत तीसरी मंजिल पर लगे एसी के आउटडोर यूनिट में हुए विस्फोट से हुई। इसके बाद घर में रखे दो एलपीजी सिलिंडरों में धमाका होने से आग तेजी से फैल गई। करीब 111 गज में बने इस मकान के भूतल पर पार्किंग है, जबकि चौथी मंजिल पर डीआरडीओ के वैज्ञानिक अरि सूदन तिवारी का फ्लैट पूरी तरह जलकर राख हो गया। घटना के समय वह परिवार के साथ बिहार गए हुए थे, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। पुलिस और दमकल विभाग आग लगने के सटीक कारणों की विस्तृत जांच कर रहे हैं।
संकरी गली बनी राहत कार्य में बड़ी चुनौती
स्थानीय लोगों के अनुसार, इमारत तक जाने वाली गली बेहद संकरी होने के कारण दमकल की गाड़ियों को मौके तक पहुंचने में काफी परेशानी हुई। दमकल कर्मियों को काफी दूरी तक पाइप खींचकर आग बुझानी पड़ी। लोगों का कहना है कि यदि पुलिस समय पर नहीं पहुंचती तो हादसा और गंभीर हो सकता था। आग बुझाने के दौरान दमकल कर्मी महेंद्र के हाथ में चोट लगी, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। आदर्श नगर के मजलिस पार्क इलाके में शनिवार रात चार मंजिला इमारत के तीसरी मंजिल स्थित एक फ्लैट में एसी के आउटडोर यूनिट में हुए विस्फोट से भीषण आग लग गई। फ्लैट में रखे दो एलपीजी सिलिंडरों में धमाके होने से आग ने विकराल रूप ले लिया और देखते ही देखते चौथी मंजिल तक फैल गई। सूचना मिलते ही आदर्श नगर थाने के करीब 25 पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और दमकल के पहुंचने से पहले राहत कार्य शुरू कर दिया। पुलिसकर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालते हुए धुएं और आग की लपटों के बीच फंसे चार लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बाद में दमकल की पांच गाड़ियों ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया।
उत्तर-पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त आकांक्षा यादव ने बताया कि शनिवार रात 9:18 बजे पुलिस और दमकल विभाग को सी-ब्लॉक स्थित एक इमारत में आग लगने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचे एएसआई राजेश कुमार, हवलदार हरदीप और सिपाही प्रदीप समेत पुलिसकर्मियों ने देखा कि आग तीसरी मंजिल से तेजी से ऊपर की ओर फैल रही है। प्रारंभिक स्तर पर पुलिस ने पड़ोसी राजेश कुमार की सीवर लाइन में इस्तेमाल होने वाली पाइप के जरिए आग पर काबू पाने का प्रयास किया।
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इसी दौरान पड़ोसी जितेंद्र भारद्वाज ने पुलिस को बताया कि इमारत के भीतर लोग फंसे हुए हैं। सूचना मिलते ही सिपाही प्रदीप बिना देर किए धुएं और आग के बीच तीसरी मंजिल पर पहुंचे और वहां फंसे सतीश, उनकी पत्नी मोना तथा उनकी आठ माह की मासूम बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसके बाद जानकारी मिली कि दूसरी मंजिल पर सतीश के 64 वर्षीय पिता किशनलाल भी फंसे हैं। एएसआई राजेश कुमार और सिपाही प्रदीप ने दमा के मरीज किशनलाल को भी सुरक्षित बाहर निकालकर उनकी जान बचाई।
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प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आग की शुरुआत तीसरी मंजिल पर लगे एसी के आउटडोर यूनिट में हुए विस्फोट से हुई। इसके बाद घर में रखे दो एलपीजी सिलिंडरों में धमाका होने से आग तेजी से फैल गई। करीब 111 गज में बने इस मकान के भूतल पर पार्किंग है, जबकि चौथी मंजिल पर डीआरडीओ के वैज्ञानिक अरि सूदन तिवारी का फ्लैट पूरी तरह जलकर राख हो गया। घटना के समय वह परिवार के साथ बिहार गए हुए थे, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। पुलिस और दमकल विभाग आग लगने के सटीक कारणों की विस्तृत जांच कर रहे हैं।
संकरी गली बनी राहत कार्य में बड़ी चुनौती
स्थानीय लोगों के अनुसार, इमारत तक जाने वाली गली बेहद संकरी होने के कारण दमकल की गाड़ियों को मौके तक पहुंचने में काफी परेशानी हुई। दमकल कर्मियों को काफी दूरी तक पाइप खींचकर आग बुझानी पड़ी। लोगों का कहना है कि यदि पुलिस समय पर नहीं पहुंचती तो हादसा और गंभीर हो सकता था। आग बुझाने के दौरान दमकल कर्मी महेंद्र के हाथ में चोट लगी, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।