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New Criminal Laws: एक जुलाई से पहले हुई है वारदात तो पुराना कानून के तहत हो सकती है एफआईआर; अभी तय नहीं
Tue, 02 Jul 2024 08:03 AM IST
अनुज कुमार
राजीव कुमार, अमर उजाला, नई दिल्ली
राजीव कुमार, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अनुज कुमार
Updated Tue, 02 Jul 2024 08:03 AM IST
सार
पुराने कानून के तहत कौन सा मामला अंतिम होगा। यह अभी तक तय नहीं है। क्योंकि एक जुलाई से पहले हुई वारदात कभी भी पुराने कानून के तहत एफआईआर दर्ज हो सकती है।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
बेशक नए कानून के तहत दिल्ली में पहला मामला दर्ज कर लिया गया है, लेकिन अब यह तय नहीं है कि पुराने कानूनों के तहत कब तक मामले दर्ज होंगे। अधिकारियों का कहना है कि अगर कोई भी वारदात 30 जून की देर रात तक घटित होती है उसमें पुराने कानून के तहत मामला दर्ज होंगे। लेकिन जुलाई माह में भी कोई शिकायतकर्ता पुरानी तारीख में घटना होने की शिकायत करता है तो ऐसे में पुराने कानून के साथ भारतीय नागरिकता सुरक्षा संहिता के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।
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नए कानून के लागू होने के बावजूद सोमवार देर तक को होने वाली घटनाओं में पुराने कानून के तहत मामला दर्ज किए गए हैं। सोमवार को नए कानून के तहत दर्ज होने वाले पहले मामले को लेकर काफी चर्चा रही। दिल्ली के कमला मार्केट थाने में फुटपाथ पर रेहड़ी लगाकर अतिक्रमण करने को लेकर पहला मामला दर्ज कर लिया गया। लेकिन पुराने मामले को लेकर कौन सा एफआईआर अंतिम होगा यह अभी तय नहीं है।
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पुलिस अधिकारी ने बताया कि 30 जून को 12 बजे रात से पहले कोई घटना की शिकायत पुलिस को मिलती है और इस मामले में घायल व्यक्ति बयान देने की हालत में नहीं है। वह अगर दो दिन बाद भी पुलिस के सामने बयान देता है तो ऐसे मामले को पुराने कानून के तहत दर्ज किया जाएगा।
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अधिकारी ने बताया कि लेकिन इन मामलों की जांच में नए भारतीय नागरिकता सुरक्षा संहिता के तहत जांच की जाएगी। वहीं कोई भी शिकायतकर्ता किसी नए मामले दर्ज करवाने के दौरान छह माह पहले हुई घटना का जिक्र करता है तो पुराने और नए कानून के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। पुलिस अधिकारी का कहना है कि अब नए या पुराने कानून के तहत मामला दर्ज होना उतना महत्वपूर्ण नहीं है। जितना महत्वपूर्ण यह है कि अब दर्ज होने वाले मामलों की जांच नए कानून के तहत होंगे।