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बजट की नई परंपरा शुरू करने वाले वित्तमंत्री जेटली से आमजनता को क्या हैं उम्मीदें, जानिए
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 31 Jan 2017 10:55 AM IST
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बजट
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केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली 1 फरवरी को बजट की नई परंपरा की शुरुआत करेंगे। इस बजट से जहां आमजन को सीधे केंद्र सरकार से राहत की उम्मीदें हैं, वहीं दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार को केंद्रीय करों में बड़ी हिस्सेदारी, 14वें वित्त आयोग के हिसाब से एमसीडी सुधार के लिए बजट आवंटन, अतिरिक्त केंद्रीय सहायता की बड़ी राशि चाहिए।
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स्मार्ट सिटी, स्वच्छ भारत अभियान, बसों की खरीद के लिए विशेष योजना में सहायता चाहिए। वहीं, नोटबंदी के कारण वैट वसूली सरकार की घटी है, जिसे लेकर केंद्र सरकार से भरपाई की मांग की गई है।
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दिल्ली सरकार से जुड़े अधिकारी बताते हैं कि सरकार ने पिछले 15 साल से केंद्रीय करों में मिलने वाली 325 करोड़ रुपये की हिस्सेदारी बढ़ाकर 5000 करोड़ करने की मांग केंद्र सरकार के सामने रखी है।
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तर्क दिया है कि 15 साल पहले दिल्ली का बजट 8793 करोड़ रुपये था, तब 325 करोड़ रुपये रखे गए। अब बजट 46 हजार करोड़ रुपये का है। वहीं, केंद्र सरकार की तरफ से मिलने वाले रोड फंड को लेकर कोई बड़ी राशि की उम्मीद नहीं की जा रही है।
अतिरिक्त केंद्रीय सहायता जो पिछले साल तक 470 करोड़ रुपये मिलती रही है, उसमें 1500 करोड़ रुपये की मांग रखी है। दिल्ली सरकार ने एमसीडी की हालत सुधारने के लिए चौथा वित्त आयोग लागू करने की शर्त केंद्र की शर्तों को लागू करने के साथ जोड़ रखा है।
उसमें भी केंद्र से अतिरिक्त प्रावधान की उम्मीद है। सिख दंगा 1984 के पीड़ितों को मासिक सहायता देने के लिए 35 करोड़ रुपये की मांग रखी है, तो जम्मू-कश्मीर के विस्थापितों के लिए 15 करोड़ रुपये मांगे हैं।
नोटबंदी के कारण सरकारी खजाने को राजस्व वसूली में होने वाले नुकसान की भरपाई की मांग भी केंद्र के सामने रखी है। सीएनजी बसों पर लगने वाले 12.42 फीसदी की सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी में राज्य सरकार को छूट की भी मांग की है।
दिल्ली सरकार भी मार्च की शुरुआत में लाएगी बजट
दिल्ली सरकार भी अपना बजट जल्द पेश करने की तैयारी में है। अमूमन मार्च के अंतिम सप्ताह में पेश होने वाला बजट दिल्ली सरकार वित्त वर्ष 2017-18 का बजट मार्च के पहले सप्ताह में लाने की तैयारी में है। पिछले वित्त वर्ष में 46,500 करोड़ रुपये का बड़ा बजट पेश करके अब उसे संशोधित करके 42,925 करोड़ किया गया है, लेकिन आप सरकार फिर 48-49 हजार करोड़ रुपये का बजट पेश करने की तैयारी में है।
दिल्ली सरकार के सूत्र बताते हैं कि संशोधित बजट अनुमान और नए बजट को लेकर योजना विभाग की अलग-अलग विभागों के साथ बैठकें चल रही हैं। मुख्य सचिव स्तर की बैठक भी हो चुकी है। 4 फरवरी को पंजाब के चुनाव प्रचार खत्म होने के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया बजट की बैठकें करेंगे। नए प्रारूप में बनने वाले बजट में सीधे तौर पर योजना और गैर योजना मद नहीं होगा। राजस्व और पूंजी मद में बजट बनेगा, जिसमें पारदर्शिता अधिक होगी।