आखिरकार मिल ही गई सोमनाथ भारती को जमानत
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घरेलू हिंसा व हत्या की कोशिश के मामले में आरोपी पूर्व कानून मंत्री व आप विधायक सोमनाथ भारती को अदालत ने बुधवार को जमानत प्रदान कर दी। सुप्रीम कोर्ट से राहत न मिलने और उसके निर्देश पर 28 सितंबर को दिल्ली पुलिस के समक्ष सरेंडर कर दिया था।
द्वारका नॉर्थ थाना पुलिस ने भारती की पत्नी लिपिका मित्रा की शिकायत पर उनके खिलाफ घरेलू हिंसा व हत्या की कोशिश का केस दर्ज किया था। द्वारका जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार ने बुधवार को सोमनाथ भारती को जमानत प्रदान कर दी।
अदालत ने भारती को एक लाख रुपये के निजी मुचलके व इतनी ही राशि के जमानत की शर्त पर जमानत दी है। जमानत याचिका पर बचाव व अभियोजन पक्ष की दलीलें सुनने के बाद मंगलवार को फैसला सुरक्षित रख लिया था।
भारती को हिदायत बिना अनुमति के नहीं जाएं देश से बाहर
अदालत ने जमानत प्रदान करते हुए भारती को हिदायत दी है कि वह बिना अनुमति के देश से बाहर नहीं जाएंगे और अदालत जब भी बुलाएगी उन्हें पेश होना होगा। इसके अलावा वह पुलिस की जांच व गवाहों को प्रभावित नहीं करेंगे।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता विजय अग्रवाल ने भारती के खिलाफ दर्ज केस को भाजपा प्रायोजित बताया था। उन्होंने कहा था कि सोमनाथ भारती एक चुने हुए जनप्रतिनिधि हैं और उन्हें अपने विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों की देखभाल करनी होती है।
भारती एक सामाजिक व्यक्ति हैं और अगर उन्हें जमानत दी जाती है तो उनके फरार होने की कोई संभावना नहीं है।
सोमनाथ बोले कानून का सम्मान करेंगे
वह खुद एक वकील व पूर्व कानून मंत्री हैं और वह कानून का सम्मान करेंगे। अभियोजन पक्ष ने जमानत याचिका का विरोध करते हुये कहा कि जब भारती हिरासत में नहीं थे तो उन्होंने स्वतंत्रता का दुरुपयोग किया।
अतिरिक्त लोक अभियोजक शैलेंद्र बब्बर ने कहा कि भारती का आचरण संदेहास्पद है अगर भारती को जमानत दी जाती है तो वह गवाहों को प्रभावित करेंगे।
ऐसे कई गवाह हैं जो भारती के प्रभाव के चलते गवाही देने आगे नहीं आ रहे हैं।