दिल्ली में दबाव के बाद डाक्टरों ने खत्म की हड़ताल
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दिल्ली के हड़ताली रेजिडेंट डॉक्टरों ने देर रात हुई बैठक में हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि बुधवार से वह काम पर लौट आएंगे। इससे पहले रेजिडेंट डॉक्टरों की दो दिनों से चली आ रही हड़ताल पर सरकार ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए एस्मा लगा दिया था।
काम पर वापस नहीं लौटने वाले डॉक्टरों पर जल्द कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी थी। हड़ताल की वजह से लगातार दूसरे दिन मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। करीब-करीब सभी अस्पतालों में ओपीडी सेवा पूरी तरह से प्रभावित रही।
आपातकालीन विभाग में गंभीर मरीजों को इलाज जरूर मिला, लेकिन उन्हें भी भर्ती करने से चिकित्सकों ने परहेज किया। फोरडा के अध्यक्ष पंकज सोलंकी ने कहा कि देर रात एक बैठक के बाद डॉक्टरों ने हड़ताल खत्म करने का निर्णय लिया। बैठक का विस्तृत ब्योरा नहीं मिला है। उधर, पूरे मामले पर रेजिडेंट डॉक्टरों ने कुछ भी कहने से इनकार किया है।
ट्वीट कर खुद को सबसे बड़ा हमदर्द बताया
दिन में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा है कि इस मामले में उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर हस्तक्षेप किया। हड़ताली डॉक्टरों की सारी मांगें मान लीं। इसके बावजूद वे हड़ताल खत्म नहीं कर रहे हैं, जिससे मरीजों को दिक्कत हो रही है।
इसी कारण डॉक्टरों पर एसेंशियल सर्विसेज मेंटेनेंस एक्ट (एस्मा) लगाने का निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मैं उनका सबसे बड़ा शुभचिंतक हूं, यदि उनकी कुछ और मांगें हैं तो वो भी मानने को तैयार हैं, लेकिन मरीजों को जो परेशानी हो रही है ये ठीक नहीं है।’ गौरतलब है कि एस्मा लगने के बाद भी अगर डॉक्टर काम पर नहीं लौटते तो पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर सकती है।
सत्येन्द्र जैन के मुताबिक अस्पतालों के आपातकालीन विभाग में पुलिस की मौजूदगी के लिए उपराज्यपाल ने पुलिस को निर्देश दिए हैं। सभी अस्पतालों में बैठक भी हुई है। हालात से निपटने के लिए तैयारी की जा रही है। कुछ डॉक्टर काम पर लौटे भी हैं, लेकिन सही आंकड़ा अभी उपलब्ध नहीं है। हड़ताल के कारण किसी मरीज की मौत बर्दाश्त नहीं की जाएगी।