कोर्ट रूम में आखिरकार टूट गया तोमर के सब्र का बांध
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फर्जी डिग्री में फंसे दिल्ली सरकार के पूर्व कानून मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर पिछले 10 दिनों से रिमांड से बौखला गए। शुक्रवार को पुन: रिमांड के आवेदन पर उनके सब्र का बांध टूट गया और अदालत से कहा कि उनको दो दिन के लिए नहीं बल्कि चार दिन के लिए रिमांड पर भेज दिया जाए।
इतना ही नहीं तोमर पुलिस के तमाम दावों के बावजूद आज भी अपने पहले के बयान पर कायम है कि उनके पास असली डिग्री है। तोमर को शाम साकेत कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस ने रिमांड के लिए आग्रह किया।
पुलिस ने कई तर्क रखे कि तोमर के पास सभी डिग्रियां फर्जी है। आखिर अदालत ने तोमर से पूछा कि क्या वे महसूस करते है कि उनके पास बरामद डिग्री फर्जी है।
पुलिस अपना रिमांड समय पूरा कर ले तो बेहतर होगा
तोमर के सब्र का बांध टूट गया। कहा सर आप मुझे दो दिन की अपेक्षा शेष रह गए चार दिन का रिमांड दे दो। बिना कारण मेरी हेड लाईन बनती है, खबरें बन रही है। अब पुलिस अपना रिमांड का समय पूरा ही कर ले तो बेहतर होगा। उसने कहा कि मैंने अपना कोर्स पूरा किया है, अब पुलिस जिस चौहान को पकड़ने का दावा कर रही है, उसने बताया था कि उक्त स्थान पर डिग्री के लिए आवेदन करना है।
भाई ने आवेदन कर दिया तो हमें क्या पता कि चौहान फर्जीवाड़ा करवा रहा है। उसने कभी भी फर्जी डिग्री के लिए आवेदन नहीं किया। तोमर ने कहा कि पुलिस जिन सवालों की बात कर रही है उसने सभी का सवाल दे दिया है।
उसे राजनीतिक कारणों से प्रताड़ित किया जा रहा है। उधर, तोमर के वकील ने आरोप जड़ दिया कि चौहान उनकेमुवक्किल से चुनाव हारे भाजपा नेता नंद किशोर गर्ग का व्यक्ति है।