एलजी और केजरीवाल में फिर छिड़ी जंग, इस मामले पर आमने-सामने
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दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल सचिवालय गृह विभाग में तैनात दो विशेष सचिवों के निलंबन और गैरकानूनी निलंबन के मुद्दे पर फिर आमने-सामने हैं। दिल्ली सरकार ने दिल्ली, अंडमान निकोबार आईलैंड सिविल सर्विसेज (दानिक्स) के दोनों अधिकारियों को निलंबित किया था जिसे केन्द्र सरकार के आदेश से उपराज्यपाल ने गैरकानूनी निलंबन बताकर बहाल कर दिया था।
सूत्रों के अनुसार दिल्ली सरकार ने यशपाल गर्ग और सुभाष चंद्रा के वेतन में कटौती कर दी तो उपराज्यपाल ने मुख्य सचिव को पूरे वेतन की बहाली के निर्देश जारी किए हैं। आम आदमी पार्टी सरकार ने फरवरी के वेतन में इस बात का हवाला देकर कटौती कर दी है कि निलंबित अधिकारी को निर्वहन भत्ता दिया जाता है, उस नियम का पालन कर रहे हैं।
उपराज्यपाल ने पूरे वेतन की बहाली के लिए तर्क दिया है कि निलंबन गृह मंत्रालय पहले ही गैरकानूनी करार दे चुका है।
उपराज्यपाल ने पूरे वेतन की बहाली के लिए तर्क दिया
उल्लेखनीय है कि जनवरी में जब गृहमंत्री सत्येंद्र जैन ने वेतन कटौती के आदेश जारी किए थे तब भी उपराज्यपाल कार्यालय ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर गृह मंत्रालय के आदेश का पूर्णत: पालन के निर्देश दिए थे।
गृह मंत्रालय ने यहां तक कहा था कि निलंबन को लेकर इन दोनों अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। क्योंकि आदेश बिना अधिकार के जारी किए गए हैं।
इससे पूर्व दिल्ली में तैनात दानिक्स अधिकारियों ने दोनों अधिकारियों के निलंबन को लेकर एक दिन का सामूहिक अवकाश लेकर विरोध दर्ज कराया था।