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दिल्ली: एसिड हमला करने के दोषी पिता पुत्र को आजीवन कारावास
Wed, 29 Jan 2020 10:53 PM IST
Abhishek Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Abhishek Singh
Updated Wed, 29 Jan 2020 10:53 PM IST
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कोर्ट
- फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)
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अदालत ने एक महिला पर एसिड फेंककर उसके अंग भंग करने के मामले में दोषी वकील व उसके पिता को आजीवन कारावास तथा एक-एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। दोषियों ने एक महिला पर 2014 में मथुरा में एसिड फेंका था। सुप्रीम कोर्ट ने महिला के पति की याचिका पर केस की सुनवाई 2015 में दिल्ली ट्रांसफर कर दी थी। याची का कहना था कि आरोपी बेहद रसूखदार हैं और उन्हें धमकी देते रहते हैं। इस कारण वह कोर्ट में पेश नहीं हो पाता।
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अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीन सिंह ने उमेश व उसके पिता हकीम को इस मामले में दोषी ठहराते हुए जेल व जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत ने इस मामले में एक अन्य दोषी ज्ञानी को दस साल कैद व 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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अदालत ने अपने फैसले में कहा अभियोजन इस आरोप को साबित करने में कामयाब रहा है कि दोषियों ने तीन जून 2014 की रात करीब आठ बजे पीड़िता पर एसिड फेंका था जिससे वह जल गई थी और उसकी बायीं आंख पूरी तरह नष्ट हो गई थी। इस हमले में पीड़िता के चेहरे का बायां हिस्सा, गर्दन व उसकी छाती का भाग, बायां कंधा भी जल गया था।
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अभियोजन का आरोप था कि जब पीड़िता अपने घर लौट रही थी तो तीनों ने दोषियों ने उसे रोककर धमकी दी थी कि उसने उनके खिलाफ प्रताड़ना की शिकायत दायर की है और इसके लिए वह उसे छोड़ेंगे नहीं। इसी दौरान हकीम व ज्ञानी ने महिला को पकड़ा और उमेश ने उस पर एसिड डाल दिया था। इससे महिला का चेहरा खराब हो गया और बायीं आंख की रोशनी पूरी तरह चली गई।
कोर्ट के समक्ष पीड़िता ने अपने बयान में कहा कि जलने के कारण उसका पूरा चेहरा विकृत हो गया था। उसने यह भी कहा था कि उमेश पेशे से वकील है और उसने यह मुकदमा दर्ज करने पर उसके परिजनों को झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी थी।