अब फास्ट टैग के जरिए ई-टोल सिस्टम
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दिल्ली से निकलते ही पहले टोल प्लाजा (खेड़कीदौला) पर इलेक्ट्रिकल टोल कलेक्शन सिस्टम लग कर तैयार हो गया है। टोल प्रबंधन को नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया से फास्ट टैग आने का इंतजार है।
दिल्ली से निकलने पर मुंबई तक पड़ने वाले सभी टोल पर फास्ट टैग का सिस्टम लगा हुआ है, जिसमें पड़ने वाला सबसे पहला टोल दिल्ली-गुड़गांव एक्सप्रेस वे पर खेड़कीदौला टोल प्लाजा पड़ेगा। टोल प्रबंधन अधिकारियों के अनुसार, अभी तक उनके पास यह टैग नहीं आया है।
टैग आने के बाद आम उपभोक्ता को दिया जाएगा, जो उनके टैग यूजर हैं वह उसके बदले में अगर चाहे तो उस टैग का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह टैग उन लोगों के लिए है, जिनको आगे भी जाना होता है।
पहले से हैं 14,000 टैग यूजर
दिल्ली-गुड़गांव एक्सप्रेस वे पर गुजरने वाले 14 हजार उपभोक्ता हैं, जिनके पास उनका टैग है। यदि यह यूजर चाहेंगे तो उनको आगे का फास्ट टैग दिया जाएगा। इस टैग को लेने के लिए आईसीआईसीआई बैंक को 250 रुपये चुकाने होंगे।
इलेक्ट्रिकल टोल कलेक्शन सिस्टम एनएचएआईए की स्कीम है। जो 12 प्रदेश के 55 टोल पर लागू हो चुकी है। आईसीआईसीआई बैंक के साथ मिलकर इसे तैयार किया गया है। इसके रिचार्ज की सुविधा अन्य स्थानों पर भी रहेगी।
क्या हैं इसके फायदे
: हाईवे से गुजरने वालों को इस सिस्टम के चलते समय की बचत होगी।
: कार्ड से उतना ही पैसा कटेगा जितना टोल शुल्क होता है।
: कार्ड होल्डर को जगह-जगह टैग बदलने नहीं पड़ेगा।
किसको मिलेगा लाभ
: इस टैग का सबसे अधिक लाभ ट्रांसपोर्ट कंपनी के मालिकों को होगा, जो अपने वाहन चालक को कार्ड जारी करेंगे।
: कहां पर कितना टोल लगेगा चालक को अपने मालिक को बताने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
: दिल्ली या गुड़गांव से जिनका पिंक सिटी आना-जाना बना रहता है। उनके लिए यह सबसे लाभप्रद साबित होगा।
: पत्थर के कारोबारियों का आना-जाना किशनगढ़ से आगे होता है, जिनको कई टोल से गुजरना होता है।
विश्वजीत मंडल, सहायक प्रबंधक सिस्टम मिलेनियम सिटी एक्सप्रेस वे प्राइवेट लिमिटेड ने बताया कि ईटीसी के तहत फास्ट टैग सिस्टम टोल पर लगाया जा चुका है। एनएचआईए की ओर से फास्ट टैग आने का इंतजार है। जल्द ही सिस्टम पूरी तरह से चालू हो जाएगा।