किसान नेताओं ने 8 दिसंबर को किया राष्ट्रव्यापी बंद का आह्वान, नए कानून खत्म से कम कुछ स्वीकार नहीं
कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन लगातार नौवें दिन जारी है। गुरुवार को सात घंटे से ज्यादा चली चौथे दौर की सरकार और किसानों की बातचीत बेनतीजा रही थी। सरकार का कहना है कि एमएसपी रहेगी, उसे छुएंगे तक नहीं, वहीं किसान इस बात पर अड़े हैं कि संसद सत्र बुलाकर कानून रद्द कराए जाएं। अब पांच दिसंबर को फिर से वार्ता होगी। वहीं किसान नेता कुलवंत सिंह संधू का कहना है कि सरकार ने एमएसपी और मंडी समेत कई प्रस्ताव दिए हैं हम इन पर आज विचार करेंगे। पढ़िए किसान आंदोलन से जुड़ा पल-पल का अपडेट...
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किसानों ने टिकरी बॉर्डर पर एंबुलेंस को जाने के लिए दिया रास्ता
टिकरी बॉर्डर पर जारी किसान आंदोलन के बीच पुलिस बैरिकेडिंग खोलकर एक एंबुलेंस के जाने के लिए रास्ता बनाते हुए किसान।#WATCH | दिल्ली: टिकरी बॉर्डर पर जारी किसान आंदोलन के बीच पुलिस बैरिकेडिंग खोलकर एक एंबुलेंस के जाने के लिए रास्ता बनाते हुए। pic.twitter.com/UHNifE32Xs
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 4, 2020
इस आंदोलन को हमें आगे ले जाना हैः हन्नान मोल्लाह
ऑल इंडिया किसान सभा के जनरल सेक्रेटरी ने हन्नान मोल्लाह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हमें इस आंदोलन को आगे ले जाना होगा। सरकार को ये कानून वापस लेने ही होंगे।We need to take this protest forward. Government has to take back the farm laws: Hannan Mollah, General Secretary, All India Kisan Sabha, at Singhu border (Delhi-Haryana border) https://t.co/g2UawVpjFW pic.twitter.com/sBRIzpCHJb
— ANI (@ANI) December 4, 2020
राकेश टिकैत ने भी किया 8 दिसंबर को भारत बंद का आह्वान
5 दिसंबर को पूरे देश जलाए जाएंगे पीएम मोदी के पुतलेः एचएस लखोवाल
भारतीय किसान यूनियन (लखोवाल) के जनरल सेक्रेटरी एचएस लखोवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि हमने कल सरकार से कहा था कि, 'कृषि बिल वापस ले लें। पांच दिसंबर को पूरे देश में प्रधानमंत्री मोदी के पुतले जलाए जाएंगे। हमने आठ दिसंबर को भारत बंध बुलाया है।'Yesterday, we told the Government that the farm laws should be withdrawn. On 5 Dec, effigies of PM Modi will be burnt across the country. We have given a call for Bharat Bandh on December 8: Bharatiya Kisan Union (BKU-Lakhowal) General Secretary, HS Lakhowal at Singhu Border pic.twitter.com/dA1Xykds2K
— ANI (@ANI) December 4, 2020
तीन बिलों की वापसी से कम कुछ स्वीकार नहीं- किसान नेता
सुबह से चल रही किसान नेताओं की बैठक शाम करीब 5 बजे खत्म हुई जिसके बाद उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा कि कल सरकार के साथ होने वाली बैठक में वो यही मांग रखेंगे कि तीनों बिलों की वापसी से कम वह कुछ स्वीकार नहीं करेंगे।Petition filed before Supreme Court seeking directions for immediate removal of agitating farmers from border areas of Delhi-NCR keeping in view the fact that they may pose a risk to spread of #COVID19: Om Prakash Parihar, the Advocate on Record (AOR), for the petitioner, to ANI pic.twitter.com/BFf72JoChc
— ANI (@ANI) December 4, 2020
साहित्य अकादमी अवार्ड लौटाने वाले जसविंद सिंह बोले- पुरस्कारों के लिए लिखना शुरू नहीं किया था
किसानों के समर्थन में साहित्यकार डॉ. जसविंदर सिंह ने अपना साहित्य अकादमी अवार्ड लौटाने के बाद कहा कि अगर एक लेखक लोगों की आवाज नहीं उठा सकता तो क्या मतलब बनता है? मैंने पुरस्कारों के लिए लिखना शुरू नहीं किया था। यह बहुत दुखद है कि केंद्र सरकार किसानों पर इतना अत्याचार कर रही है और मानवाधिकारों का उल्लंघन कर रही है।If a writer can’t present people’s voice then what’s the point? I didn’t start writing for awards. It's disheartening to see Central govt dealing mercilessly with farmers & violating basic human rights: Novelist Dr Jaswinder Singh, on returning his Bhartiya Sahitya Akademi Award pic.twitter.com/JRI5tD1lHo
— ANI (@ANI) December 4, 2020
किसान भाइयों को मिला ममता दीदी का साथ, फोन पर की बात
दिल्ली की सीमा पर प्रदर्शन कर रहे किसानों को अब चारों ओर से समर्थन मिल रहा है। आज उन्हें बंगाल की मुख्यमंत्री ममत बनर्जी का भी साथ मिल गया है। ममता दीदी ने खुद फोन कर किसानों से बात की और बताया कि वह और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस किसानों के साथ हैं।किसानों ने किया सीकरी बॉर्डर पार
भाजपा कृषि कानूनों के जरिए किसानों के अधिकारों को कॉर्पोरेट घरानों को बेच रही: तृणमूल कांग्रेस
तृणमूल कांग्रेस ने नए कृषि कानूनों को 'क्रूर' बताते हुए शुक्रवार को आरोप लगाया कि संबंधित पक्षों से मशविरा किए बिना इन्हें पारित किया गया और भाजपा किसानों के अधिकारों को कॉर्पोरेट घरानों को बेच रही है। वहीं आज डेरेक ओ ब्रायन सिंघु बॉर्डर पहुंच किसानों से मिले।TMC leader Derek O'Brien met farmers gathered in protest at Singhu border (Delhi-Haryana border) today. West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee also spoke to the farmers over the phone. pic.twitter.com/TN0uA5FEHF
— ANI (@ANI) December 4, 2020