{"_id":"6ae0dbc842ff4e8e62035cac","slug":"ultrasound-machine-at-bk-hospital-out-of-order-for-two-months-faridabad-news-c-26-1-fbd1023-83893-2026-10-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: बीके अस्पताल में दो माह से अल्ट्रासाउंड मशीन खराब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: बीके अस्पताल में दो माह से अल्ट्रासाउंड मशीन खराब
विज्ञापन
गर्भवती महिलाएं निजी अस्पताल और लैब में जांच कराने को मजबूर
बाहर से अल्ट्रासाउंड कराने पर 1500 से 2000 रुपये तक हो रहे खर्च
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। बीके नागरिक अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन खराब होने से गर्भवती महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दो माह से अधिक समय बीतने के बाद भी मशीन की सुविधा नियमित रूप से बहाल नहीं हो सकी है। ऐसे में महिलाओं को जरूरी जांच कराने के लिए निजी अस्पतालों और लैब का रुख करना पड़ रहा है। वहां अल्ट्रासाउंड कराने पर 1500 से 2000 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं।
अस्पताल में रोजाना करीब 40 गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड किए जाते हैं। मशीन खराब होने से इन महिलाओं को जांच के लिए बाहर जाना पड़ रहा है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। गर्भावस्था के दौरान डॉक्टर की सलाह पर समय-समय पर अल्ट्रासाउंड कराना जरूरी होता है। ऐसे में सरकारी अस्पताल में सुविधा नहीं मिलने से महिलाओं की परेशानी बढ़ गई है।
कोरिया से मंगवाए गए थे उपकरण
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, अल्ट्रासाउंड मशीन को ठीक कराने के लिए कोरिया से उपकरण मंगवाए गए थे। इसके बावजूद अब तक मशीन की सुविधा नियमित रूप से शुरू नहीं हो पाई है। लंबे समय से मशीन खराब होने के कारण मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। महिलाओं का कहना है कि वे सरकारी अस्पताल में कम खर्च में इलाज और जांच कराने की उम्मीद से आती हैं, लेकिन अल्ट्रासाउंड के लिए निजी केंद्रों पर जाना पड़ रहा है। इससे जांच के खर्च के साथ आने-जाने का अतिरिक्त खर्च भी उठाना पड़ता है। मरीजों ने अस्पताल प्रबंधन से जल्द मशीन ठीक कराकर सुविधा बहाल करने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बाहर से अल्ट्रासाउंड कराने पर 1500 से 2000 रुपये तक हो रहे खर्च
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। बीके नागरिक अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन खराब होने से गर्भवती महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दो माह से अधिक समय बीतने के बाद भी मशीन की सुविधा नियमित रूप से बहाल नहीं हो सकी है। ऐसे में महिलाओं को जरूरी जांच कराने के लिए निजी अस्पतालों और लैब का रुख करना पड़ रहा है। वहां अल्ट्रासाउंड कराने पर 1500 से 2000 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं।
अस्पताल में रोजाना करीब 40 गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड किए जाते हैं। मशीन खराब होने से इन महिलाओं को जांच के लिए बाहर जाना पड़ रहा है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। गर्भावस्था के दौरान डॉक्टर की सलाह पर समय-समय पर अल्ट्रासाउंड कराना जरूरी होता है। ऐसे में सरकारी अस्पताल में सुविधा नहीं मिलने से महिलाओं की परेशानी बढ़ गई है।
विज्ञापन
कोरिया से मंगवाए गए थे उपकरण
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, अल्ट्रासाउंड मशीन को ठीक कराने के लिए कोरिया से उपकरण मंगवाए गए थे। इसके बावजूद अब तक मशीन की सुविधा नियमित रूप से शुरू नहीं हो पाई है। लंबे समय से मशीन खराब होने के कारण मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। महिलाओं का कहना है कि वे सरकारी अस्पताल में कम खर्च में इलाज और जांच कराने की उम्मीद से आती हैं, लेकिन अल्ट्रासाउंड के लिए निजी केंद्रों पर जाना पड़ रहा है। इससे जांच के खर्च के साथ आने-जाने का अतिरिक्त खर्च भी उठाना पड़ता है। मरीजों ने अस्पताल प्रबंधन से जल्द मशीन ठीक कराकर सुविधा बहाल करने की मांग की है।
विज्ञापन