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Faridabad News: रिश्वत लेते रंगेहाथों गिरफ्तार हुए कार्यकारी अभियंता की जमानत याचिका नामंजूर
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फरीदाबाद। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार की अदालत ने रिश्वत लेने के आरोपी हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड (एचवीपीएनएल) के कार्यकारी अभियंता दीपक गर्ग की जमानत याचिका को नामंजूर कर दिया है। करीब एक माह पहले राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने कार्यकारी अभियंता को बिल पास करने की एवज में 30 हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
अदालत ने मामले की जांच अभी लंबित होने और जमानत मिलने पर साक्ष्यों से छेड़छाड़ तथा गवाहों को प्रभावित करने की आशंका को देखते हुए जमानत याचिका नामंजूर की है। अदालत के आदेश के अनुसार, राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो फरीदाबाद थाने में 28 जुलाई को आरोपी अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। आरोपी कार्यकारी अभियंता दीपक गर्ग एचवीपीएनएल के ट्रांसमिशन सिस्टम डिवीजन, सेक्टर-23 फरीदाबाद में कार्यकारी अभियंता के पद पर तैनात था। शिकायतकर्ता के भतीजे की फर्म को बिजली विभाग की ओर से सिविल कार्यों के तीन काम मिले हुए थे। काम पूरा होने के बाद भुगतान के लिए बिल जमा किए गए थे। आरोप है कि बिल पास करने के एवज में आरोपी कार्यकारी अभियंता ने 30 हजार रुपये कमीशन की मांग की। शिकायतकर्ता ने आरोपी की बातचीत रिकॉर्ड कर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को दे दी थी। इसके बाद ब्यूरो की टीम ने 28 जुलाई को आरोपी को पीड़ित से 30 हजार रुपये की रकम लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया था। संवाद
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अदालत ने मामले की जांच अभी लंबित होने और जमानत मिलने पर साक्ष्यों से छेड़छाड़ तथा गवाहों को प्रभावित करने की आशंका को देखते हुए जमानत याचिका नामंजूर की है। अदालत के आदेश के अनुसार, राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो फरीदाबाद थाने में 28 जुलाई को आरोपी अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। आरोपी कार्यकारी अभियंता दीपक गर्ग एचवीपीएनएल के ट्रांसमिशन सिस्टम डिवीजन, सेक्टर-23 फरीदाबाद में कार्यकारी अभियंता के पद पर तैनात था। शिकायतकर्ता के भतीजे की फर्म को बिजली विभाग की ओर से सिविल कार्यों के तीन काम मिले हुए थे। काम पूरा होने के बाद भुगतान के लिए बिल जमा किए गए थे। आरोप है कि बिल पास करने के एवज में आरोपी कार्यकारी अभियंता ने 30 हजार रुपये कमीशन की मांग की। शिकायतकर्ता ने आरोपी की बातचीत रिकॉर्ड कर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को दे दी थी। इसके बाद ब्यूरो की टीम ने 28 जुलाई को आरोपी को पीड़ित से 30 हजार रुपये की रकम लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया था। संवाद
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