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Faridabad News: पीएम सूर्य घर योजना से रोशन होगा छांयसा का हर घर
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जिला स्तरीय कमेटी ने छांयसा गांव को मॉडल विलेज के लिए चुना, गांव में 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली घर योजना के तहत गठित जिला स्तरीय कमेटी ने छांयसा गांव को मॉडल विलेज के लिए चुना है। इस योजना से छांयसा गांव में 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।
केंद्र सरकार ने गांवों को सौर ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना शुरू की हुई है। इसके तहत हर जिले में एक मॉडल सोलर विलेज विकसित किया जाना है। इसके तहत चयनित गांव को 24 घंटे सौर ऊर्जा से संचालित करने की दिशा में काम किया जाएगा। मॉडल सोलर गांव में घरों के साथ-साथ सरकारी भवनों, सार्वजनिक स्थानों, कृषि और सामुदायिक जरूरतों के लिए सौर ऊर्जा आधारित व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी। योजना के तहत प्रत्येक मॉडल सोलर गांव को एक करोड़ रुपये की केंद्रीय वित्तीय सहायता मिलेगी। गांव के चयन के लिए गठित जिला स्तरीय समिति ने छांयसा का चयन कर लिया है। इसके तहत रूफटॉप सोलर, पीएम-कुसुम के तहत छोटे ग्राउंड-माउंटेड संयंत्र तथा 10 मेगावाट से कम क्षमता वाली स्टैंडअलोन अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं को भी शामिल किया जाएगा।
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सोलर स्ट्रीट लाइट से लेकर सोलर पंप तक लगेंगे
मॉडल गांव में सौर ऊर्जा के इस्तेमाल को व्यापक रूप देने की योजना है। इसमें घरों में सौर आधारित प्रकाश व्यवस्था, गांव में सौर ऊर्जा आधारित जल व्यवस्था, कृषि के लिए सोलर पंप तथा गांव की सड़कों और सार्वजनिक ढांचे पर सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं। इसका उद्देश्य गांवों को स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराने के साथ बिजली के खर्च और पारंपरिक बिजली व्यवस्था पर निर्भरता कम करना है।
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एक करोड़ से बनेगा सामुदायिक सोलर सिस्टम
सौर ऊर्जा की परियोजना को लागू करने के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी। इसमें स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार सामुदायिक सोलर प्लांट, सरकारी भवनों पर रूफटॉप सोलर, सार्वजनिक प्रकाश व्यवस्था, कृषि सोलर पंप और स्वयं सहायता समूहों के लिए सौर ऊर्जा आधारित आजीविका उपकरण जैसी परियोजनाएं शामिल की जा सकेंगी। सार्वजनिक परियोजनाओं को परियोजना लागत के 100 प्रतिशत तक सहायता दी जा सकती है।
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली घर योजना के तहत गठित जिला स्तरीय कमेटी ने छांयसा गांव को मॉडल विलेज के लिए चुना है। इस योजना से छांयसा गांव में 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।
केंद्र सरकार ने गांवों को सौर ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना शुरू की हुई है। इसके तहत हर जिले में एक मॉडल सोलर विलेज विकसित किया जाना है। इसके तहत चयनित गांव को 24 घंटे सौर ऊर्जा से संचालित करने की दिशा में काम किया जाएगा। मॉडल सोलर गांव में घरों के साथ-साथ सरकारी भवनों, सार्वजनिक स्थानों, कृषि और सामुदायिक जरूरतों के लिए सौर ऊर्जा आधारित व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी। योजना के तहत प्रत्येक मॉडल सोलर गांव को एक करोड़ रुपये की केंद्रीय वित्तीय सहायता मिलेगी। गांव के चयन के लिए गठित जिला स्तरीय समिति ने छांयसा का चयन कर लिया है। इसके तहत रूफटॉप सोलर, पीएम-कुसुम के तहत छोटे ग्राउंड-माउंटेड संयंत्र तथा 10 मेगावाट से कम क्षमता वाली स्टैंडअलोन अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं को भी शामिल किया जाएगा।
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सोलर स्ट्रीट लाइट से लेकर सोलर पंप तक लगेंगे
मॉडल गांव में सौर ऊर्जा के इस्तेमाल को व्यापक रूप देने की योजना है। इसमें घरों में सौर आधारित प्रकाश व्यवस्था, गांव में सौर ऊर्जा आधारित जल व्यवस्था, कृषि के लिए सोलर पंप तथा गांव की सड़कों और सार्वजनिक ढांचे पर सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं। इसका उद्देश्य गांवों को स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराने के साथ बिजली के खर्च और पारंपरिक बिजली व्यवस्था पर निर्भरता कम करना है।
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एक करोड़ से बनेगा सामुदायिक सोलर सिस्टम
सौर ऊर्जा की परियोजना को लागू करने के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी। इसमें स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार सामुदायिक सोलर प्लांट, सरकारी भवनों पर रूफटॉप सोलर, सार्वजनिक प्रकाश व्यवस्था, कृषि सोलर पंप और स्वयं सहायता समूहों के लिए सौर ऊर्जा आधारित आजीविका उपकरण जैसी परियोजनाएं शामिल की जा सकेंगी। सार्वजनिक परियोजनाओं को परियोजना लागत के 100 प्रतिशत तक सहायता दी जा सकती है।