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ईओडब्ल्यू ने अनिल जिंदल को पांच दिन के रिमांड पर लिया
Updated Fri, 01 Jun 2018 11:23 PM IST
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ईओडब्ल्यू ने अनिल जिंदल को पांच दिन के रिमांड पर लिया
फरीदाबाद। आशियाने के नाम पर सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपये ठगने वाले एसआरएस ग्रुप के चेयरमैन अनिल जिंदल को आर्थिक अपराध जांच शाखा (ईओडब्ल्यू) ने धोखाधड़ी के दो अन्य मामलों में पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। पुलिस सोमवार को जिंदल को जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आएगी। अनिल जिंदल व अन्य निदेशकों की तरफ से अदालत में लगाई गई जमानत याचिका को भी अदालत ने खारिज कर दिया।
निवेशकों के साथ करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के मामले में एसआरएस ग्रुप के चेयरमैन व निदेशकों के खिलाफ सेक्टर-31 थाने में 4 मार्च 2018 को 22 मामले दर्ज किए थे। पुलिस ने इन मामलों में 8 मार्च 2018 को अनिल जिंदल सहित सभी निदेशकों के घर व दफ्तरों को खंगाला था। पुलिस ने इन मामलों में ग्रुप के चेयरमैन अनिल जिंदल, निदेशक नानकचंद तायल, बिशन बंसल, देवेंद्र अधाना व विनोद मामा को महिपालपुर, दिल्ली स्थित होटल आमरा से पांच अप्रैल को गिरफ्तार किया था। पुलिस रिमांड पूरा होने के बाद अदालत ने आरोपियों को नीमका जेल भेज दिया था।
शुक्रवार को अनिल जिंदल व अन्य निदेशकों की ओर से अदालत में जमानत याचिका लगाई गई थी। अदालत ने सुनवाई के बाद आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी। आर्थिक अपराध जांच शाखा सेंट्रल जोन ने धोखाधड़ी के दो मामलों में पूछताछ के लिए अनिल जिंदल का रिमांड मांगा था, जिसे स्वीकार करते हुए अदालत ने जिंदल को पांच दिन के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया। अनिल जिंदल सीने में दर्द के चलते पिछले दिनों मेट्रो अस्पताल में भर्ती हुआ था। पुलिस के अनुसार जिंदल को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है और उसे वापस जेल भेज दिया गया है। ऐसे में उन्होंने उसे रिमांड पर लेने के लिए प्रोडक्शन वारंट लगाया है और सोमवार को उसे रिमांड पर लेकर आएंगे।
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अदालत में लगा पीड़ितों का जमावड़ा
अनिल जिंदल व एसआरएस ग्रुप के निदेशकों की जमानत याचिका पर सुनवाई के बारे में जैसे ही पीड़ितों को पता चला तो वे शुक्रवार सुबह जिला अदालत में पहुंच गए। जब तक अदालत की कार्रवाई चलती रही सभी लोग अदालत के बाहर खड़े रहे। इस दौरान पीड़ित बेकाबू न हो जाएं और आरोपियों के साथ कोई गलत हरकत न कर दें, इसके लिए अदालत में पुलिस भी मुस्तैद रही।
फरीदाबाद। आशियाने के नाम पर सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपये ठगने वाले एसआरएस ग्रुप के चेयरमैन अनिल जिंदल को आर्थिक अपराध जांच शाखा (ईओडब्ल्यू) ने धोखाधड़ी के दो अन्य मामलों में पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। पुलिस सोमवार को जिंदल को जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आएगी। अनिल जिंदल व अन्य निदेशकों की तरफ से अदालत में लगाई गई जमानत याचिका को भी अदालत ने खारिज कर दिया।
निवेशकों के साथ करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के मामले में एसआरएस ग्रुप के चेयरमैन व निदेशकों के खिलाफ सेक्टर-31 थाने में 4 मार्च 2018 को 22 मामले दर्ज किए थे। पुलिस ने इन मामलों में 8 मार्च 2018 को अनिल जिंदल सहित सभी निदेशकों के घर व दफ्तरों को खंगाला था। पुलिस ने इन मामलों में ग्रुप के चेयरमैन अनिल जिंदल, निदेशक नानकचंद तायल, बिशन बंसल, देवेंद्र अधाना व विनोद मामा को महिपालपुर, दिल्ली स्थित होटल आमरा से पांच अप्रैल को गिरफ्तार किया था। पुलिस रिमांड पूरा होने के बाद अदालत ने आरोपियों को नीमका जेल भेज दिया था।
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शुक्रवार को अनिल जिंदल व अन्य निदेशकों की ओर से अदालत में जमानत याचिका लगाई गई थी। अदालत ने सुनवाई के बाद आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी। आर्थिक अपराध जांच शाखा सेंट्रल जोन ने धोखाधड़ी के दो मामलों में पूछताछ के लिए अनिल जिंदल का रिमांड मांगा था, जिसे स्वीकार करते हुए अदालत ने जिंदल को पांच दिन के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया। अनिल जिंदल सीने में दर्द के चलते पिछले दिनों मेट्रो अस्पताल में भर्ती हुआ था। पुलिस के अनुसार जिंदल को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है और उसे वापस जेल भेज दिया गया है। ऐसे में उन्होंने उसे रिमांड पर लेने के लिए प्रोडक्शन वारंट लगाया है और सोमवार को उसे रिमांड पर लेकर आएंगे।
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अदालत में लगा पीड़ितों का जमावड़ा
अनिल जिंदल व एसआरएस ग्रुप के निदेशकों की जमानत याचिका पर सुनवाई के बारे में जैसे ही पीड़ितों को पता चला तो वे शुक्रवार सुबह जिला अदालत में पहुंच गए। जब तक अदालत की कार्रवाई चलती रही सभी लोग अदालत के बाहर खड़े रहे। इस दौरान पीड़ित बेकाबू न हो जाएं और आरोपियों के साथ कोई गलत हरकत न कर दें, इसके लिए अदालत में पुलिस भी मुस्तैद रही।