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हरियाणा में पेटीएम से ट्रैफिक चालान भुगतान की व्यवस्था शुरु करने वाला फरीदाबाद बना पहला जिला
Thu, 25 Apr 2019 02:26 PM IST
Trainee Trainee
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फरीदाबाद
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Published by: Trainee Trainee
Updated Thu, 25 Apr 2019 02:26 PM IST
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अब यातायात चालान का भुगतान मौके पर ही पेटीएम के माध्यम से भी किया जा सकेगा। बुधवार को जिला पुलिस और पेटीएम के बीच करार के साथ ही यह सुविधा शुरू हो गई। फिलहाल ट्रायल के तौर पर फरीदाबाद में शुरू की गई यह सेवा सफल रही तो इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जा सकेगा।
पुलिस विभाग पेटीएम के अलावा भी अन्य डिजिटल भुगतान ऐप कंपनियों के साथ संपर्क में है। अगर बातचीत सिरे चढ़ी तो उनके साथ भी करार किया जा सकता है। पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने बताया कि ऐप के अलावा बैंकों के साथ भी बातचीत चल रही है और भविष्य में डेबिट और क्रेडिट कार्ड के माध्यम से भी चालान भुगतान की योजना है।
जिला पुलिस ने अभी तक मौके पर नगद ही चालान भुगतान की सुविधा है। यदि आपके पास मौके पर जेब में पैसे नहीं है तो आपको एक सप्ताह में पुलिस की चालान ब्रांच और उसके बाद अदालत में जाकर ही चालान भुगतना होगा। मगर डिजिटल इंडिया को ध्यान में रखते हुए जिला पुलिस ने चालान की कैशलेस भुगतान की योजना तैयार की। डीसीपी ट्रैफिक लोकेंद्र सिंह पिछले करीब छह माह से इस योजना पर काम कर रहे थे। डीसीपी ट्रैफिक ने बताया कि अक्सर चालान भुगतने के दौरान लोग डिजिटल भुगतान के बारे में भी पूछते थे। इसी को ध्यान में रखते हुए इस योजना पर काम किया गया था।
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सरकार से अनुमति व पेटीएम के साथ हुई बातचीत के बाद बुधवार को योजना सिरे चढ़ी। पुलिस आयुक्त कार्यालय में पुलिस आयुक्त संजय कुमार और पेटीएम के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अभय सिंह के बीच करार पर हस्ताक्षर हुए। पुलिस आयुक्त ने बताया कि लोगों के लिए डिजिटल भुगतान की एक और सुविधा उपलब्ध होगी। पहले की जो व्यवस्थाएं हैं, वे भी चालू रहेंगी, यानि कोई मौके पर नकद भुगतान करना चाहता है तो वह भी कर सकता है। डीसीपी ट्रैफिक ने बताया कि जिन नियमों का उल्लंघन करने पर मौके पर भुगतान की सुविधा नहीं है। उसके लिए पेटीएम के माध्यम से भी भुगतान नहीं लिया जाएगा। उस चालान को अदालत में ही भुगता जा सकता है।
कैसे कर सकेंगे भुगतान
पेटीएम ऐप के मोर (अन्य विकल्प) में जाएंगे तो उसमें सिटी सर्विस में चालान का विकल्प मिलेगा। उसमें जाने पर आपको फरीदाबाद ट्रैफिक पुलिस का विकल्प मिलेगा। उस विकल्प को चुनने के बाद आपको अपने ई-चालान का नंबर उसमें दर्ज कर भुगतान की रकम डालनी होगी और भुगतान हो जाएगा। अभिनव चौहान ने बताया कि जल्द ही क्यूआर कोड पुलिसकर्मियों को दे दिए जाएंगे। उन्हें स्कैन करके भी भुगतान किया जा सकेगा।
नहीं मिलेगा कोई कैश बैक ऑफर
चालान का भुगतान करने पर ऐप यूजर को किसी तरह का कोई कैश बैक ऑफर नहीं मिलेगा। वो कोई सुविधा नहीं ले रहा है, बल्कि जुर्माना भर रहा है। चालान भुगतने के दौरान फिलहाल लोगों से किसी तरह का कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा। पेटीएम आगे इस पर निर्णय लेने के बाद जानकारी देगा।
कितना लगेगा जुर्माना
बिना हेलमेट 100 रुपये
दोबारा बिना हेलमेट पकड़े जाने पर 400 रुपये
बिना हेलमेट पिछली सवारी बैठने पर 100 रुपये
बिना सीट बेल्ट 100 रुपये
दोबारा बिना सीट बेल्ट लगाए पकड़े जाने पर 400 रुपये
दोपहिया वाहन पर तीन सवारी 100 रुपये
रेड लाइट पार करने पर 100 रुपये
वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात करने पर 1000 रुपये
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पुलिस विभाग पेटीएम के अलावा भी अन्य डिजिटल भुगतान ऐप कंपनियों के साथ संपर्क में है। अगर बातचीत सिरे चढ़ी तो उनके साथ भी करार किया जा सकता है। पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने बताया कि ऐप के अलावा बैंकों के साथ भी बातचीत चल रही है और भविष्य में डेबिट और क्रेडिट कार्ड के माध्यम से भी चालान भुगतान की योजना है।
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जिला पुलिस ने अभी तक मौके पर नगद ही चालान भुगतान की सुविधा है। यदि आपके पास मौके पर जेब में पैसे नहीं है तो आपको एक सप्ताह में पुलिस की चालान ब्रांच और उसके बाद अदालत में जाकर ही चालान भुगतना होगा। मगर डिजिटल इंडिया को ध्यान में रखते हुए जिला पुलिस ने चालान की कैशलेस भुगतान की योजना तैयार की। डीसीपी ट्रैफिक लोकेंद्र सिंह पिछले करीब छह माह से इस योजना पर काम कर रहे थे। डीसीपी ट्रैफिक ने बताया कि अक्सर चालान भुगतने के दौरान लोग डिजिटल भुगतान के बारे में भी पूछते थे। इसी को ध्यान में रखते हुए इस योजना पर काम किया गया था।
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सरकार से अनुमति व पेटीएम के साथ हुई बातचीत के बाद बुधवार को योजना सिरे चढ़ी। पुलिस आयुक्त कार्यालय में पुलिस आयुक्त संजय कुमार और पेटीएम के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अभय सिंह के बीच करार पर हस्ताक्षर हुए। पुलिस आयुक्त ने बताया कि लोगों के लिए डिजिटल भुगतान की एक और सुविधा उपलब्ध होगी। पहले की जो व्यवस्थाएं हैं, वे भी चालू रहेंगी, यानि कोई मौके पर नकद भुगतान करना चाहता है तो वह भी कर सकता है। डीसीपी ट्रैफिक ने बताया कि जिन नियमों का उल्लंघन करने पर मौके पर भुगतान की सुविधा नहीं है। उसके लिए पेटीएम के माध्यम से भी भुगतान नहीं लिया जाएगा। उस चालान को अदालत में ही भुगता जा सकता है।
कैसे कर सकेंगे भुगतान
पेटीएम ऐप के मोर (अन्य विकल्प) में जाएंगे तो उसमें सिटी सर्विस में चालान का विकल्प मिलेगा। उसमें जाने पर आपको फरीदाबाद ट्रैफिक पुलिस का विकल्प मिलेगा। उस विकल्प को चुनने के बाद आपको अपने ई-चालान का नंबर उसमें दर्ज कर भुगतान की रकम डालनी होगी और भुगतान हो जाएगा। अभिनव चौहान ने बताया कि जल्द ही क्यूआर कोड पुलिसकर्मियों को दे दिए जाएंगे। उन्हें स्कैन करके भी भुगतान किया जा सकेगा।
नहीं मिलेगा कोई कैश बैक ऑफर
चालान का भुगतान करने पर ऐप यूजर को किसी तरह का कोई कैश बैक ऑफर नहीं मिलेगा। वो कोई सुविधा नहीं ले रहा है, बल्कि जुर्माना भर रहा है। चालान भुगतने के दौरान फिलहाल लोगों से किसी तरह का कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा। पेटीएम आगे इस पर निर्णय लेने के बाद जानकारी देगा।
कितना लगेगा जुर्माना
बिना हेलमेट 100 रुपये
दोबारा बिना हेलमेट पकड़े जाने पर 400 रुपये
बिना हेलमेट पिछली सवारी बैठने पर 100 रुपये
बिना सीट बेल्ट 100 रुपये
दोबारा बिना सीट बेल्ट लगाए पकड़े जाने पर 400 रुपये
दोपहिया वाहन पर तीन सवारी 100 रुपये
रेड लाइट पार करने पर 100 रुपये
वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात करने पर 1000 रुपये