ड्राइवर-कंडक्टर की वर्दी और टिकट से लेकर बसें तक सब नकली, खुलेआम चल रही लूट
कंडक्टरों की वर्दी से लेकर टिकट और उसे काटने का तरीका सबकुछ सरकारी था। ऐसी 10 बसों को गुड़गांव के आरटीए (सड़क परिवहन अथॉरिटी) ने जब्त किया है।
प्राइवेट बसों को सरकारी बस का रंग देकर जनता व प्रशासन के साथ ठगी करने का मामला प्रकाश में आया है। आरटीए ने छापेमारी कर दस नकली सरकारी बस जब्त कर छानबीन शुरू कर दी है।
शनिवार सुबह आरटीए के अभियान के दौरान ये खुलासा हुआ कि किस तरह से निजी बस चालक सरकार को चूना लगा रहे हैं। बताया जाता है कि निजी बस चालकों की ये करतूत काफी दिनों से चल रही थी और इससे प्रदेश सरकार के राजस्व को भी नुकसान हो रहा था। यह कार्रवाई शिकायत मिलने के बाद की गई है।
बसों का रजिस्ट्रेशन नंबर राजस्थान का निकला
फिलहाल आरटीए ने इन सभी बसों को जब्त करते हुए बस मालिकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। यही नहीं आरटीए ने आरोपियों के पास से नकली टिकट और कुछ दस्तावेज भी बरामद किए हैं।
इन सभी बसों का रजिस्ट्रेशन नंबर राजस्थान का है। आरटीए सचिव जितेंद्र कुमार ने बताया कि ये बसें सोहना रोड, मानेसर, रेवाड़ी व जयपुर रूट पर चलाई जाती थीं। शहर के राजीव चौक पर कार्रवाई के दौरान आरटीए ने हरियाणा रोडवेज की छह व राजस्थान रोडवेज की चार नकली बसों को पकड़ा।
सड़क परिवहन अथॉरिटी की ओर से पकड़ी गईं नकली बसें व टिकट के मामले में कार्रवाई के लिए लीगल सेल से राय ली जा रही है। जिनकी राय के बाद सोमवार को कार्रवाई की जाएगी। -जितेंद्र कुमार, सचिव, आरटीए, गुड़गांव।