{"_id":"659758c5f98266b65b01b2c3","slug":"fake-notes-were-supplied-in-government-banks-2024-01-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"खुलासा : सरकारी बैंक में सप्लाई होते थे नकली नोट, गोरखधंधे में शामिल लोगों को पकड़ने के लिए कई जगह दबिश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खुलासा : सरकारी बैंक में सप्लाई होते थे नकली नोट, गोरखधंधे में शामिल लोगों को पकड़ने के लिए कई जगह दबिश
Fri, 05 Jan 2024 06:48 AM IST
दुष्यंत शर्मा
पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली
पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 05 Jan 2024 06:48 AM IST
सार
दिल्ली पुलिस ने जब से नकली नोट छापने व सप्लाई करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है, उस समय से ही यासीन फरार है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की टीम उसे पकड़ने के लिए बदायूं व यूपी में कई जगह दबिश दे रही है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर...
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने जो 50 लाख रुपये के नकली नोट बरामद किए हैं, उसकी जांच में बड़ा खुलासा सामने आया है। नकली नोट छापने व सप्लाई करने में गांव जरेठा, बदायूं, यूपी की प्रधान का देवर यासीन शामिल था। इसकी छत्रछाया में ही नकली नोट छापे जा रहे थे। ये ही सरकारी बैंक के कैशियर को नकली नोट बैंक में देकर आता था। पहली बार ये बात सामने आई है कि सरकारी बैंक में भी नकली नोट दिए जा रहे थे।
विज्ञापन
दिल्ली पुलिस ने जब से नकली नोट छापने व सप्लाई करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है, उस समय से ही यासीन फरार है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की टीम उसे पकड़ने के लिए बदायूं व यूपी में कई जगह दबिश दे रही है।
विज्ञापन
एसीपी संजय दत्त व सुनील कुमार की देखरेख में इंस्पेक्टर मनेंद्र सिंह, सुनील कुमार, एएसआई प्रेम प्रकाश और राजेश राणा की टीम ने अक्षरधाम मेट्रो स्टेशन के पास नोएडा लिंक रोड पर घेराबंदी कर बदायूं, यूपी निवासी आसिफ पुत्र जफरूद्दीन व उसके दो साथी दानिश अली पुत्र राहत अली और सरताज खान पुत्र अबरार खान को गिरफ्तार किया था।
विज्ञापन
इनके कब्जे से 500 के नोटों में 50 लाख रुपये के नकली नोट मिले। इस्पेंक्टर मनेंद्र सिंह की टीम इनको रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है।
आसिफ ने बताया कि गिरोह का मुख्य सरगना जरेठा गांव बदायूं की प्रधान का देवर यासीन व उसका साथी खुशी मोहम्मद है। आसिफ ने बताया कि उन्होंने पिछले 10 दिन में 50 लाख रुपये के नकली नोट छाप लिए थे। वह नकली नोट छापकर यासीन को देते थे और यासीन आगे नकली नोटों को खपाता था।
वह एसबीआई बैंक के कैशियर को तीन वर्ष से नकली नोट दे रहा था। उसके पकड़े जाने के बाद ही आरोपी कैशियर के बारे में पता लगेगा। कैशियर के पकड़ में आने के बाद ही पता लगेगा कि वह कितने रुपये के नकली नोट खपा चुका है।
दिल्ली पुलिस बिल लेने बदायूं पहुंची
दिल्ली पुलिस की एक टीम बृहस्पतिवार को बदायूं पहुंची। पुलिस टीम यहां ये पता करेगी कि उन्होंने नकली नोट छापने के सामान कहां से खरीदे और उनके बिल हैं या नहीं। पुलिस इनके बिल लेने गई है। पुलिस नकली नोटों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज रही है। ये 500 रुपये के नकली नोट 25 से 30 प्रतिशत में देते थे।