फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Fake inspector and woman soldier involved in Honeytrap gang arrested in ghaziabad

गाजियाबादः हनीट्रैप गिरोह में शामिल फर्जी दरोगा और महिला सिपाही गिरफ्तार

Sat, 26 Sep 2020 05:42 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 26 Sep 2020 05:42 AM IST
सार

  • सोशल मीडिया के जरिये लोगों को फंसाती थीं लड़कियां
  • अश्लील वीडियो से ब्लैकमेल कर मोटी रकम ऐंठता था गिरोह

विज्ञापन
Fake inspector and woman soldier involved in Honeytrap gang arrested in ghaziabad
गिरफ्त में आरोपी... - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजनगर एक्सटेंशन की हाईराइज सोसायटी में चल रहे हनी ट्रैप गैंग को सिहानी गेट पुलिस ने बेनकाब किया है। पुलिस ने गैंग में शामिल फर्जी दरोगा और महिला सिपाही को गिरफ्तार किया है। गैंग की महिलाएं सोशल मीडिया के जरिये रईसजादों को अपने फ्लैट में बुलाती थीं। उनकी अश्लील वीडियो बनाने के बाद फर्जी पुलिसवाले दुष्कर्म के झूठे मामले में जेल भेजने की धमकी देकर उन्हें ब्लैकमेल करते थे। 

विज्ञापन


गिरोह के सरगना देवराज पांडा उर्फ शाहनाज उर्फ मोनू समेत पांच लोग अभी फरार हैं। पुलिस इनकी तलाश में जुट गई है।  एसपी सिटी अभिषेक वर्मा ने बताया कि गैंग में शामिल फर्जी दरोगा जावेद निवासी मुस्तफाबाद लोनी और सिपाही मधुमिता उर्फ जोया उर्फ मधु निवासी पश्चिम बंगाल को गिरफ्तार किया गया है। गैंग का सरगना देवराज पांडा उर्फ शाहनवाज, उसकी पत्नी स्मृति, कल्लू, लवकुश और पूजा अभी फरार हैं। 
विज्ञापन


सभी आरोपी मूलरूप से पश्चिम बंगाल के रहने वाले बताए गए हैं, जो धर्म परिवर्तन के बाद अपने नाम बदलकर राजनगर एक्सटेंशन की एसजी ग्रांड सोसायटी में रह रहे थे। आरोपियों के खिलाफ अजमेरी गेट दिल्ली निवासी मिर्जा नवाब अली ने हनी ट्रैप में फंसाकर लूटपाट करने की शिकायत दी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट और अनजान नंबर पर कॉल
एसपी सिटी ने बताया कि गिरोह में शामिल महिलाएं फेसबुक पर युवाओं का प्रोफाइल देखकर उन्हें फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजकर दोस्ती करती थीं। इसके अलावा अनजान नंबरों पर वॉट्सएप के जरिये चैटिंग कर अपना शिकार तलाशती थीं। हाय-हैलो से शुरू होने वाली चैटिंग प्यार-मोहब्बत तक पहुंच जाती थी। जो लोग इनके झांसे में आ जाते थे, उन्हें कुछ दिन की दोस्ती के बाद ये अपने फ्लैट पर आने का आमंत्रण देती थीं।

पहली ही मुलाकात में शुरू हो जाता था ब्लैकमेलिंग का खेल
पुलिस का कहना है कि जो भी लोग इनके प्रेमजाल में फंसकर फ्लैट पर पहुंच जाते थे, गैंग की महिलाएं उनसे पहली ही मुलाकात में संबंध बनाती थीं। इस दौरान गिरोह के अन्य सदस्य वीडियो बना लेते थे। वीडियो बनने के बाद गैंग के अन्य सदस्य फर्जी पुलिसवाला बनकर वहां पहुंचते थे और फिर वीडियो के सहारे पीडि़त को ब्लैकमेल करने का खेल शुरू कर देते थे। वर्दीधारी फर्जी दरोगा और महिला सिपाही पीडि़त को दुष्कर्म के मामले में जेल भेजने की धमकी देकर उससे मौके पर ही लूटपाट शुरू कर देते थे।

इज्जत की खातिर चुप रहते थे पीडि़त लोग
एसपी सिटी ने बताया कि यह गैंग दिल्ली और नोएडा के बाद बीते कुछ समय से गाजियाबाद में सक्रिय था। आरोपियों ने पूछताछ में बताया है कि वे कई लोगों को अपना शिकार बनाकर उनसे लाखों के गहने और नकदी ऐंठ व लूट चुके हैं। पुलिस का कहना है कि लोकलाज के चलते पीडि़त लोग पुलिस से शिकायत किए बिना ही अपने घर चले जाते थे। 

दिल्ली के युवक ने दिखाई हिम्मत तो पकड़ा गया गैंग
पुलिस के मुताबिक गिरोह द्वारा ब्लैकमेल किए गए कई लोगों ने पुलिस को सूचना तो दी, लेकिन एफआईआर दर्ज कराने से मना कर दिया। लेकिन अजमेरी गेट दिल्ली निवासी मिर्जा शहजाद अली ने हिम्मत दिखाते हुए सिहानी गेट थाने में केस दर्ज कराया तो गैंग पुलिस के हत्थे चढ़ गया। मिर्जा शहजाद अली के मुताबिक कुछ दिनों से उनके मोबाइल पर एक लड़की की कॉल आनी शुरू हुई। उसने अपना नाम मधुमिता पांडा बताया। उसने मिलने की इच्छा जाहिर कर उसे एसजी ग्रांड सोसायटी में बुलाया। फ्लैट पर मधुमिता से मुलाकात के दौरान एक दरोगा व महिला सिपाही ने उसे दबोच लिया और अपहरण व दुष्कर्म के झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर एक लाख रुपये मांगे। पैसे न होने पर आरोपियों ने उनकी सोने की चेन, अंगूठी व 17 हजार रुपये लूट लिए।

हनी ट्रैप गैंग से जुड़ गई बहन के घर आई मधुमिता
एसपी सिटी के मुताबिक आरोपी मधुमिता ने पूछताछ के दौरान बताया कि वह करीब डेढ़ माह पहले ही पश्चिम बंगाल से अपनी बहन स्मृति के घर आई थी। यहां आने के बाद बहन और बहनोई देवराज पांडा उर्फ शाहनवाज ने उसे जल्द अमीर बनाने का लालच देकर अपने हनीट्रैप गैंग में शामिल कर लिया था। पुलिस का कहना है कि गैंग का सरगना ग्रेजुएट मधुमिता का भरपूर इस्तेमाल कर रहा था। वह अंग्रेजी में भी लोगों से सोशल मीडिया पर चैटिंग किया करती थी।

सोशल मीडिया पर दोस्ती से पहले बरतें यह एहतियात

  • फेसबुक पर उन लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें, जिन्हें जानते न हों।
  • फेसबुक पर प्राइवेसी लॉक का इस्तेमाल करें, ताकि कोई आपके बारे में जानकारी न जुटा सके और प्रोफाइल फोटो का गलत इस्तेमाल न कर सके।
  • किसी को फेसबुक फ्रेंड बनाने से पहले उसका प्रोफाइल चेक कर लें।
  • अगर किसी अकाउंट में सिर्फ एक या दो फोटो हैं, तो उसकी रिक्वेस्ट स्वीकार न करें।
  • वीडियो कॉल से परहेज करें और अपनी या परिजनों की फोटो न भेजें।
  • रांग नंबर पर किसी से लंबी बात न करें।
  • बार-बार कॉल आने पर कॉलर का नंबर ब्लॉक कर दें। ज्यादा परेशान करने पर पुलिस से शिकायत करें।
पहचान छिपाकर हर महीने सैकड़ों लोग करते हैं पुलिस से शिकायत
  • 325 मामले जनवरी में
  • 164 मामले फरवरी में
  • 225 मामले मार्च में
  • 275 मामले अप्रैल में
  • 422 मामले मई में
  • 389 मामले जून में
  • 322 मामले जुलाई में
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed