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मनीष की मौत और नाइजीरियाई हमले की हो निष्पक्ष जांच, पुलिस की लापरवाही पर उठे सवाल
ब्यूरो/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
Updated Fri, 31 Mar 2017 09:22 AM IST
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मनीष की मौत और नाइजीरिया के लोगों पर हमले की निष्पक्ष जांच कराने को लेकर भाजपा, कांग्रेस, सपा, किसान संगठन, एक्टिव सिटीजन टीम समेत संगठनों के पदाधिकारी बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी व एसएसपी से मिले। पुलिस पर निर्दोष लोगों को फंसाने का आरोप लगाया।
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भाजपा के वरिष्ठ नेता हरिश्चंद्र भाटी के नेतृत्व में भाजपाइयों ने बृहस्पतिवार को एसएसपी से मिलकर मांग की कि मनीष खारी के हत्यारों की जल्द गिरफ्तारी हो। साथ ही, 1200 लोगों की गिरफ्तारी पर रोक लगाई जाए। निष्पक्ष जांच होने के बाद ही कार्रवाई हो।
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उनके साथ योगेंद्र चौधरी, जगबीर सिंह भाटी, महेश अवाना, सुभाष भाटी, सुनील चावड़ा आदि मौजूद रहे। वहीं, दीवानी और फौजदारी बार एसोसिएशन गौतमबुद्धनगर के अध्यक्ष विपिन भाटी के नेतृत्व में वकीलों ने जिलाधिकारी से मिलकर मामले में नाइजीरियाई छात्रों की पिटाई की निंदा की और मारपीट करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ ही कार्रवाई करने और निर्दोष लोगों को मुकदमे से बाहर करने की मांग की है।
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मामले को लेकर जनपद के सभी बार एसोसिएशन ने दादरी, जेवर, सदर तहसीलों में भी हड़ताल रही। स्टांप विभाग के वकील भी हड़ताल पर रहे, जिससे रजिस्ट्री नहीं हो सकी। जिलाधिकारी एनपी सिंह ने वकीलों को आश्वासन दिया है कि मॉल और परी चौक की घटनाओं को अलग-अलग देखा जाए।
किसी भी हालत में निर्दोष लोगों को परेशान न किया जाने के निर्देश एसएसपी को दिए हैं। बृहस्पतिवार को एक्टिव सिटीजन टीम के मनजीत सिंह, राजकुमार भाटी, वीरेंद्र सिंह गुड्डू, नरेंद्र नागर समेत लोगों ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन जिलाधिकारी एनपी सिंह को दिया। उन्होंने कहा कि मनीष की मौत के बाद शहर के लोग शांतिपूर्वक कैंडल मार्च कर रहे हैं।
कुछ असामाजिक तत्वों ने मारपीट और तोड़फोड़ करके माहौल को बिगाड़ने का काम किया है। पुलिस ने मामले में कुछ ऐसे लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज किए हैं, जिनकी सामाजिक छवि बहुत अच्छी रही है।
वे कई साल से प्रशासन, पुलिस और प्राधिकरण के साथ मिलकर शहर को आगे बढ़ाने का काम करते रहे हैं। इनमें मुख्य रूप से अजीत दौला, देवेंद्र टाइगर, हरेंद्र भाटी, बब्वल भाटी, अमित भाटी लडपुरा, अमित भाटी प्रमुख हैं।
इसके अलावा जिला कांग्रेस कमेटी गौतमबुद्धनगर के अध्यक्ष डॉ. महेंद्र सिंह नागर ने मुख्यमंत्री के नाम एक पत्र लिखा है जिसमें मनीष हत्याकांड के मामले निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कराने की मांग की है। इसमें आरोपियों को छोड़ने पर नाराजगी जाहिर की है।
निर्दोष को फंसा रही पुलिस
परी चौक पर शांति मार्च निकालने के दौरान ग्रामीण लगातार वरिष्ठ अधिकारी को बुलाने की मांग करते रहे। डेढ़ घंटा तक कोई भी अधिकारी नहीं पहुंचे। वहीं, पुलिस के द्वारा लाठी चार्ज करा दिया गया।
कैंडल मार्च में शामिल लोगों के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। इन्हें वापस कराने, सीसीटीवी कैैमरों में मारपीट करने वालों की पहचान करके उनके खिलाफ कार्रवाई कराने, कैंडल मार्च के दौरान पुलिस की समुचित व्यवस्था नहीं होने के मामले की जांच की मांग की है।
भारतीय किसान यूनियन (भानु) के राजीव मलिक का कहना है कि पुलिस अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए निर्दोष लोगों को फंसाने में लगी है। घटना के दौरान राजू नागर डीएस चौहान क्लीनिक और रविंद्र नागर अपने होटल कान्हा रेस्टोरेंट पर थे।
दोनों की सीसीटीवी फुटेज मौजूद है। वहीं, किसान संघर्ष सेवा समिति ने जिलाधिकारी को लिखे पत्र में नाइजीरियाई के साथ मारपीट के मामले में शहर के निर्दोष लोगों को फंसाने का आरोप लगाया है। मामले की निष्पक्षतापूर्वक जांच कराने की मांग की है।
कैंडल मार्च में शामिल लोगों के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। इन्हें वापस कराने, सीसीटीवी कैैमरों में मारपीट करने वालों की पहचान करके उनके खिलाफ कार्रवाई कराने, कैंडल मार्च के दौरान पुलिस की समुचित व्यवस्था नहीं होने के मामले की जांच की मांग की है।
भारतीय किसान यूनियन (भानु) के राजीव मलिक का कहना है कि पुलिस अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए निर्दोष लोगों को फंसाने में लगी है। घटना के दौरान राजू नागर डीएस चौहान क्लीनिक और रविंद्र नागर अपने होटल कान्हा रेस्टोरेंट पर थे।
दोनों की सीसीटीवी फुटेज मौजूद है। वहीं, किसान संघर्ष सेवा समिति ने जिलाधिकारी को लिखे पत्र में नाइजीरियाई के साथ मारपीट के मामले में शहर के निर्दोष लोगों को फंसाने का आरोप लगाया है। मामले की निष्पक्षतापूर्वक जांच कराने की मांग की है।