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डीयू में अगले सत्र से लागू होगा ईडब्ल्यूएस कोटा, दाखिला समिति की बैठक में सिफारिश
Thu, 07 Feb 2019 05:34 AM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Published by: Priyesh Mishra
Updated Thu, 07 Feb 2019 05:34 AM IST
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दिल्ली विश्वविद्यालय में आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए दस फीसदी कोटा आगामी सत्र से लागू करने की तैयारी है। इस कोटे को 25 फीसदी तक बनाया जाएगा। इसमें से 10 फीसदी कोटा आगामी सत्र में और अन्य 15 फीसदी कोटा अगले सत्र से लागू किया जाएगा। डीयू में बुधवार को हुई दाखिला समिति की बैठक में इस मामले पर चर्चा के बाद यह सिफारिश की गई है। आगामी सत्र में यदि 10 फीसदी कोटा लागू हुआ, तो अनुमानित 6000 सीटें बढ़ सकती हैं। वहीं बैठक में फॉर्म की डुप्लीकेसी रोकने के लिए तंत्र भी विकसित करने पर चर्चा की गई।
दिल्ली विश्वविद्यालय के डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. राजीव गुप्ता के अनुसार, बैठक में दाखिले से जुड़े कई मामलों पर चर्चा की गई। इनमें सबसे अहम रहा 10 फीसदी आरक्षण लागू करना। इसके लिए डीयू प्रशासन ने बीते दिनों कॉलेजों से जानकारी मांगी थी। बताया जा रहा है कि कॉलेजों ने एक साथ आरक्षण दिए जाने पर असमर्थता जताई थी। लिहाजा बुधवार की बैठक में इस मामले पर चर्चा की गई। बैठक में सिफारिश की गई कि एक साथ कोटा न देकर दो सत्रों में दिया जा सकता है। आगामी सत्र में 10 फीसदी व अगले सत्र में 15 फीसदी दिया जा सकता है।
प्रो. गुप्ता के अनुसार, डीयू ऐसा तंत्र विकसित करने की तैयारी कर रहा है, जिससे पंजीकरण फॉर्म के दौरान होने वाली डुप्लीकेसी को रोका जा सके। वहीं इस बार शहीदों के बच्चों के लिए दाखिला प्रक्रिया को केंद्रीयकृत भी किया जा सकता है। प्रशासन इस बात की भी तैयारी कर रहा है कि सत्र की शुरुआत होने से पहले ही दाखिला प्रक्रिया को समाप्त किया जाए। हर साल देखने में आता है कि सत्र की शुरुआत होने के बाद भी काफी कट ऑफ आती रहती हैं और दाखिले होते हैं।
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वीडियो में बताया जाएगा-कैसे भरें फॉर्म
प्रशासन को दाखिले को लेकर सुझाव मिले थे कि दाखिला फॉर्म आसान बनाया जाए। ऐसे में बुधवार की बैठक में सिफारिश की गई कि फॉर्म कैसे भरना है इसके लिए वीडियो तैयार किया जाएगा। इन वीडियो को डीयू की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। साथ ही भरे हुए फॉर्म की डमी भी वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं इंर्फोमेशन बुलेटिन को अंग्रेजी के साथ हिंदी में भी तैयार किए जाने की तैयारी है। अब तक बुलेटिन केवल अंग्रेजी भाषा में होता है। वहीं डीयू उत्तर-पूर्व के छात्रों के दाखिले के लिए स्पेशल ड्राइव की शुरुआत करने पर विचार कर रहा है।
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दिल्ली विश्वविद्यालय के डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. राजीव गुप्ता के अनुसार, बैठक में दाखिले से जुड़े कई मामलों पर चर्चा की गई। इनमें सबसे अहम रहा 10 फीसदी आरक्षण लागू करना। इसके लिए डीयू प्रशासन ने बीते दिनों कॉलेजों से जानकारी मांगी थी। बताया जा रहा है कि कॉलेजों ने एक साथ आरक्षण दिए जाने पर असमर्थता जताई थी। लिहाजा बुधवार की बैठक में इस मामले पर चर्चा की गई। बैठक में सिफारिश की गई कि एक साथ कोटा न देकर दो सत्रों में दिया जा सकता है। आगामी सत्र में 10 फीसदी व अगले सत्र में 15 फीसदी दिया जा सकता है।
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प्रो. गुप्ता के अनुसार, डीयू ऐसा तंत्र विकसित करने की तैयारी कर रहा है, जिससे पंजीकरण फॉर्म के दौरान होने वाली डुप्लीकेसी को रोका जा सके। वहीं इस बार शहीदों के बच्चों के लिए दाखिला प्रक्रिया को केंद्रीयकृत भी किया जा सकता है। प्रशासन इस बात की भी तैयारी कर रहा है कि सत्र की शुरुआत होने से पहले ही दाखिला प्रक्रिया को समाप्त किया जाए। हर साल देखने में आता है कि सत्र की शुरुआत होने के बाद भी काफी कट ऑफ आती रहती हैं और दाखिले होते हैं।
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वीडियो में बताया जाएगा-कैसे भरें फॉर्म
प्रशासन को दाखिले को लेकर सुझाव मिले थे कि दाखिला फॉर्म आसान बनाया जाए। ऐसे में बुधवार की बैठक में सिफारिश की गई कि फॉर्म कैसे भरना है इसके लिए वीडियो तैयार किया जाएगा। इन वीडियो को डीयू की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। साथ ही भरे हुए फॉर्म की डमी भी वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं इंर्फोमेशन बुलेटिन को अंग्रेजी के साथ हिंदी में भी तैयार किए जाने की तैयारी है। अब तक बुलेटिन केवल अंग्रेजी भाषा में होता है। वहीं डीयू उत्तर-पूर्व के छात्रों के दाखिले के लिए स्पेशल ड्राइव की शुरुआत करने पर विचार कर रहा है।