{"_id":"69ff53388b547ab46d07e258","slug":"eviction-notice-issued-to-52-structures-in-yamuna-bazaar-delhi-ncr-news-c-340-1-del1004-135666-2026-05-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: यमुना बाजार में 52 ढांचों को खाली करने का नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: यमुना बाजार में 52 ढांचों को खाली करने का नोटिस
विज्ञापन
पुरानी दिल्ली जिलाधिकारी कार्यालय ने यमुना बाढ़ क्षेत्र में कब्जों को बताया जान-माल के लिए खतरा
बार-बार आई बाढ़ के बाद प्रशासन सख्त, कब्जे हटाने की कार्रवाई तेज
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। यमुना बाढ़ क्षेत्र में कब्जों पर प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुरानी दिल्ली जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय ने 52 ढांचों को खाली करने का नोटिस जारी किया है। प्रशासन ने कहा है कि यमुना बाढ़ क्षेत्र ओ-जोन में आता है, जहां बने कच्चे-पक्के ढांचे हटाए जाएंगे।
प्रशासन के मुताबिक, ये ढांचे बाढ़-नियंत्रण सीमा में हैं। लोगों का यहां रहना जोखिम भरा है। साथ ही आसपास की संपत्ति और सार्वजनिक सुरक्षा भी प्रभावित हो रही है। डीएम कार्यालय के मुताबिक, 2023 और 2025 में आई बाढ़ के दौरान बड़े स्तर पर राहत और बचाव कार्य करने पड़े थे, जिससे सरकारी संसाधनों पर काफी दबाव पड़ा। ऐसे हालात दोबारा न बनें, इसके लिए यह कार्रवाई जरूरी है। ये कदम दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) के नियमों के तहत उठाया गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि है वे समय रहते इन ढांचों को खाली कर दें, ताकि किसी भी आपात स्थिति में नुकसान से बचा जा सके।
विज्ञापन
बार-बार आई बाढ़ के बाद प्रशासन सख्त, कब्जे हटाने की कार्रवाई तेज
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। यमुना बाढ़ क्षेत्र में कब्जों पर प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुरानी दिल्ली जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय ने 52 ढांचों को खाली करने का नोटिस जारी किया है। प्रशासन ने कहा है कि यमुना बाढ़ क्षेत्र ओ-जोन में आता है, जहां बने कच्चे-पक्के ढांचे हटाए जाएंगे।
प्रशासन के मुताबिक, ये ढांचे बाढ़-नियंत्रण सीमा में हैं। लोगों का यहां रहना जोखिम भरा है। साथ ही आसपास की संपत्ति और सार्वजनिक सुरक्षा भी प्रभावित हो रही है। डीएम कार्यालय के मुताबिक, 2023 और 2025 में आई बाढ़ के दौरान बड़े स्तर पर राहत और बचाव कार्य करने पड़े थे, जिससे सरकारी संसाधनों पर काफी दबाव पड़ा। ऐसे हालात दोबारा न बनें, इसके लिए यह कार्रवाई जरूरी है। ये कदम दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) के नियमों के तहत उठाया गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि है वे समय रहते इन ढांचों को खाली कर दें, ताकि किसी भी आपात स्थिति में नुकसान से बचा जा सके।
विज्ञापन