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Delhi NCR News: रबींद्रनाथ के मानवतावाद में स्त्री-पुरुष समानता का विशेष महत्व
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साहित्य अकादमी में वक्ताओं ने रबींद्रनाथ को दी श्रद्धांजलि
नई दिल्ली।
साहित्य अकादमी की ओर से रबींद्रनाथ ठाकुर के जन्मदिन पर साहित्य मंच कार्यक्रम किया गया। इसकी अध्यक्षता अंग्रेजी परामर्श मंडल की संयोजक मालाश्री लाल ने की। उन्होंने कहा कि रबींद्रनाथ के मानवतावाद में शिक्षा और स्त्री-पुरुष समानता का विशेष महत्व था। कार्यक्रम की शुरुआत में साहित्य अकादमी के कार्यकारी सचिव एन सुरेश बाबू ने सभी अतिथियों को पुस्तकें भेंट की। मंदिरा घोष ने बताया कि रबींद्रनाथ का लेखन आज भी मानवता पर विश्वास बनाए रखने में सहायक है।
वहीं, निर्मल कांति भट्टाचार्जी ने जोर दिया कि उन्होंने मानवता के सूत्र उपनिषदों और प्रकृति के साथ प्रेम में खोजे थे, जबकि प्रयाग शुक्ल ने कहा कि आम लोगों और प्रकृति से गहरा जुड़ाव ही रबींद्रनाथ के मानवता का मूल आधार था। समारोह में रबींद्र संगीत और उनकी अंतरराष्ट्रीय यात्राओं पर भी सार्थक चर्चा हुई। कार्यक्रम का संचालन अधिकारी पंकज सेठ ने किया और एन. सुरेश बाबू ने धन्यवाद ज्ञापित किया। संवाद
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नई दिल्ली।
साहित्य अकादमी की ओर से रबींद्रनाथ ठाकुर के जन्मदिन पर साहित्य मंच कार्यक्रम किया गया। इसकी अध्यक्षता अंग्रेजी परामर्श मंडल की संयोजक मालाश्री लाल ने की। उन्होंने कहा कि रबींद्रनाथ के मानवतावाद में शिक्षा और स्त्री-पुरुष समानता का विशेष महत्व था। कार्यक्रम की शुरुआत में साहित्य अकादमी के कार्यकारी सचिव एन सुरेश बाबू ने सभी अतिथियों को पुस्तकें भेंट की। मंदिरा घोष ने बताया कि रबींद्रनाथ का लेखन आज भी मानवता पर विश्वास बनाए रखने में सहायक है।
वहीं, निर्मल कांति भट्टाचार्जी ने जोर दिया कि उन्होंने मानवता के सूत्र उपनिषदों और प्रकृति के साथ प्रेम में खोजे थे, जबकि प्रयाग शुक्ल ने कहा कि आम लोगों और प्रकृति से गहरा जुड़ाव ही रबींद्रनाथ के मानवता का मूल आधार था। समारोह में रबींद्र संगीत और उनकी अंतरराष्ट्रीय यात्राओं पर भी सार्थक चर्चा हुई। कार्यक्रम का संचालन अधिकारी पंकज सेठ ने किया और एन. सुरेश बाबू ने धन्यवाद ज्ञापित किया। संवाद
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