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इंट्री टैक्स से तबाह हो रही कागज इंडस्ट्री
अनुराग त्रिपाठी/ अमर उजाला, नोएडा
Updated Wed, 29 Jan 2014 09:24 PM IST
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नोएडा में इंट्री टैक्स की मार ने कागज इंडस्ट्री की कमर तोड़ दी है। नौबत यहां तक आ गई है कि प्रदेश में ही अपना माल नहीं बिक रहा है।
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औद्योगिक शहर में उद्योगों की हालत खराब होती जा रही है। सरकार की नीतियों से उद्योगों का तालमेल नहीं होने से केंद्र और राज्य की नियमावली में उद्योग फंस कर रह गए हैं।
उत्तर प्रदेश पेपर मर्जेंट एसोसिएशन के महासचिव आलोक गुप्ता ने बताया कि कागज इंडस्ट्री पर उत्तर प्रदेश में दो फीसदी इंट्री टैक्स वसूल किया जा रहा है, जबकि पड़ोसी राज्य दिल्ली, उत्तराखंड, हरियाणा और पंजाब में इंट्री टैक्स नहीं है। ऐसे में कागज उद्योग को अपना माल बेचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। टैक्स का बोझ उपभोक्ता पर पड़ता है।
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आलोक गुप्ता ने बताया कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने इंट्री टैक्स पर आश्वासन दिया था कि सरकार में आने के बाद इसे समाप्त किया जाएगा, लेकिन सरकार बने हुए काफी समय गुजर चुका है पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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उन्होंने बताया कि 1997 में दिल्ली से शिफ्ट होकर बड़ी संख्या में कागज की औद्योगिक इकाईयां नोएडा आईं, लेकिन सरकारी नीतियों की वजह से काम करना मुश्किल हो रहा है।