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Delhi NCR News: राहगीरों के लिए मुसीबत बने कब्जे वाले फुटपाथ
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जोसेफ, महासचिव मयूर विहार ए 2 । पूर्वी दिल्ली स्थित मयूर विहार फेज-3 फुटपाथ पर अतिक्रमण, सड़क
फुटपाथ पर अतिक्रमण, सड़क पर जाम, पैदल चलना भी दुश्वार
-- मयूर विहार फेज-3 में लाइफ केयर अस्पताल से रेड फॉक्स होटल तक राहगीरों की राह में बाधा, रेहड़ी-पटरी वालों के कब्जे से सड़क पर रेंगते वाहन
संवाद न्यूज एजेंसी
पूर्वी दिल्ली। मयूर विहार फेज-3 के ए-3 स्थित लाइफ केयर अस्पताल से ए-1 स्थित रेड फॉक्स होटल के बीच फुटपाथ पर अतिक्रमण के कारण पैदल राहगीरों की राह मुश्किल हो गई है। सड़क के दोनों ओर फुटपाथ पर रेहड़ी-पटरी और अन्य विक्रेताओं का कब्जा है। हालात ऐसे हैं कि पैदल चलने के लिए बनाए गए फुटपाथ पर राहगीरों को जगह नहीं मिलती। मजबूरन उन्हें सड़क पर उतरकर चलना पड़ता है, जिससे पैदल यात्रियों और वाहनों के बीच टकराव का खतरा भी बढ़ जाता है। फुटपाथ पर अतिक्रमण का असर केवल पैदल चलने वालों तक सीमित नहीं है। रेहड़ी-पटरी वाले सड़क के हिस्से तक फैलने से वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित होती है। लाइफ केयर अस्पताल से रेड फॉक्स होटल के बीच व्यस्त मार्ग पर वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ जाती है।
फुटपाथ का उद्देश्य हो रहा विफल
फुटपाथ का निर्माण पैदल यात्रियों को सुरक्षित और सुगम रास्ता देने के लिए किया जाता है, लेकिन अतिक्रमण के कारण इसका मूल उद्देश्य ही पूरा नहीं हो पा रहा है। सड़क पर पैदल यात्रियों और वाहनों के लिए जगह कम होने से यातायात व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में फुटपाथ को अतिक्रमण मुक्त कराना और सड़क पर वाहनों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करना जरूरी है। संबंधित विभागों की कार्रवाई से ही राहगीरों को फुटपाथ पर चलने की सुविधा और वाहन चालकों को जाम से राहत मिल सकती है।
फुटपाथ पैदल चलने वालों के लिए बनाया जाता है, लेकिन यहां रेहड़ी-पटरी लगने से चलने की जगह नहीं बचती। मजबूरी में सड़क पर उतरना पड़ता है।
-विजय रैना, अध्यक्ष ज्वाइंट फोरम आरडब्ल्यूए, मयूर विहार फेज-3
सड़क पर चलना पहले ही मुश्किल है, ऐसे में फुटपाथ पर भी जगह न मिले तो परेशानी और बढ़ जाती है। प्रशासन को फुटपाथ खाली कराना चाहिए।
-- जतीन शर्मा, महासचिव मयूर विहार बी-ब्लॉक
लाइफ केयर अस्पताल से रेड फॉक्स होटल के बीच रेहड़ी-पटरी सड़क तक फैली होने से वाहनों को निकलने के लिए कम जगह मिलती है। इससे जाम जैसे हालात बनते हैं।
-जोसेफ एम्ब्रोस, महासचिव, मयूर विहार ए-2
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संवाद न्यूज एजेंसी
पूर्वी दिल्ली। मयूर विहार फेज-3 के ए-3 स्थित लाइफ केयर अस्पताल से ए-1 स्थित रेड फॉक्स होटल के बीच फुटपाथ पर अतिक्रमण के कारण पैदल राहगीरों की राह मुश्किल हो गई है। सड़क के दोनों ओर फुटपाथ पर रेहड़ी-पटरी और अन्य विक्रेताओं का कब्जा है। हालात ऐसे हैं कि पैदल चलने के लिए बनाए गए फुटपाथ पर राहगीरों को जगह नहीं मिलती। मजबूरन उन्हें सड़क पर उतरकर चलना पड़ता है, जिससे पैदल यात्रियों और वाहनों के बीच टकराव का खतरा भी बढ़ जाता है। फुटपाथ पर अतिक्रमण का असर केवल पैदल चलने वालों तक सीमित नहीं है। रेहड़ी-पटरी वाले सड़क के हिस्से तक फैलने से वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित होती है। लाइफ केयर अस्पताल से रेड फॉक्स होटल के बीच व्यस्त मार्ग पर वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ जाती है।
फुटपाथ का उद्देश्य हो रहा विफल
फुटपाथ का निर्माण पैदल यात्रियों को सुरक्षित और सुगम रास्ता देने के लिए किया जाता है, लेकिन अतिक्रमण के कारण इसका मूल उद्देश्य ही पूरा नहीं हो पा रहा है। सड़क पर पैदल यात्रियों और वाहनों के लिए जगह कम होने से यातायात व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में फुटपाथ को अतिक्रमण मुक्त कराना और सड़क पर वाहनों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करना जरूरी है। संबंधित विभागों की कार्रवाई से ही राहगीरों को फुटपाथ पर चलने की सुविधा और वाहन चालकों को जाम से राहत मिल सकती है।
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फुटपाथ पैदल चलने वालों के लिए बनाया जाता है, लेकिन यहां रेहड़ी-पटरी लगने से चलने की जगह नहीं बचती। मजबूरी में सड़क पर उतरना पड़ता है।
-विजय रैना, अध्यक्ष ज्वाइंट फोरम आरडब्ल्यूए, मयूर विहार फेज-3
सड़क पर चलना पहले ही मुश्किल है, ऐसे में फुटपाथ पर भी जगह न मिले तो परेशानी और बढ़ जाती है। प्रशासन को फुटपाथ खाली कराना चाहिए।
लाइफ केयर अस्पताल से रेड फॉक्स होटल के बीच रेहड़ी-पटरी सड़क तक फैली होने से वाहनों को निकलने के लिए कम जगह मिलती है। इससे जाम जैसे हालात बनते हैं।
-जोसेफ एम्ब्रोस, महासचिव, मयूर विहार ए-2