नाले की रंजिश में की थी 11 वर्षीय बच्चे की हत्या, ऐसे बनाई योजना
- डेढ़ महीने पहले हुआ था नाले पर अवैध कब्जे को लेकर विवाद
- आरोपी ने भतीजे से कराया अपहरण, दो आरोपी हैं छात्र
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मोदीनगर में 11 वर्षीय बच्चे का अपहरण करने के बाद हत्या करने के मामले का पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार कर खुलासा किया है। एक आरोपी अभी भी फरार है। हत्या की वजह नाले को लेकर हुए विवाद बताया जा रहा है।
मानवतापुरी मोदीनगर निवासी संजीव बंसल का बेटा आदित्य बंसल 27 अप्रैल की रात को पांच बच्चों के साथ घर के बाहर खेल रहा था। इस दौरान बाइक पर आए दो युवकों ने आदित्य से उसके पापा संजीव बंसल की दुकान का रास्ता पूछा। आरोपी रास्ता पूछने के बहाने उसे बाइक पर बैठाकर ले गए। इस दौरान उसे नशे की गोली खिला दी और निवाड़ी थाना क्षेत्र के शेरपुर गांव के जंगल में ले गए।
वहां पर बच्चे की गला दबाकर हत्या के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने विभिन्न बिंदुओं पर जांच की और पूछा कि किसी से कोई लड़ाई तो नहीं हुई थी। संजीव और मृतक के चाचा मोहित बंसल ने बताया कि पास में ही रहने वाले कृष्णपाल उर्फ डाक्टर एवं उसकी पत्नी आशा से नाली पर अवैध निर्माण को लेकर डेढ़ महीने पहले बहस हो गई थी।
इस दौरान महिला ने भुगतने की धमकी दी थी। पुलिस ने जांच के बाद आरोपियों से पूछताछ की तो मामला का खुलासा हुआ। एसपी देहात नीरज कुमार जादौन ने बताया कि आकाश उर्फ गगन, सुधांशु उर्फ जनरल व अजय उर्फ दिनेश ने कृष्णपाल, आशा और सोहनवीर के कहने पर आदित्य की हत्या की थी।
आकाश, सुधांशु निवासी गांव शेरपुर थाना निवाड़ी, सोहनवीर, कृष्णपाल, आशा निवासी विवेकानंद मोदीनगर को गिरफ्तार कर लिया गया है। जबकि अजय उर्फ दिनेश निवासी गांव शेरपुर अभी फरार है। आरोपियों से अपहरण व हत्या में प्रयुक्त बाइक, मृतक की चप्पल बरामद की है। आकाश कक्षा 11 का छात्र है। सुधांशु बीए में पढ़ता है।
ऐसे बनाई हत्या की योजना
कृष्णपाल झोलाछाप डाक्टर है। उसका और उसकी पत्नी का नाले को लेकर विवाद हुआ था। इसकेबाद आशा और कृष्णपाल ने आदित्य की हत्या कराने के बारे में सोच लिया था। कृष्णपाल ने अपने शेरपुर गांव में रहने वाले भतीजे आकाश उर्फ गगन उर्फ सूर्या उर्फ गोलू को बुलाया और झगड़े के बारे में बताया। उसको कहा कि संजीब के लड़के की हत्या करनी है। आकाश उसकेबाद गांव चला गया। उसने गांव के दो लड़के तैयार किए। उसके बाद 27 अप्रैल को अपहरण की योजना बनाई। उससे पहले चोरी की बाइक खरीदी और उससे रात में घटना को अंजाम दिया।
नहर में डालना था शव
आरोपियों ने हत्या करने के बाद शव को नहर में डालने की प्लानिंग की थी, लेकिन रात करीब नौ बजे नहर के किनारे रोड ज्यादा चलने के कारण उनकी शव फेंकने की हिम्मत नहीं हुई। उन्होंने प्लान किया कि सुबह चार बजे आकर शव को नहर में फेंक देंगे। उनकी वह प्लानिंग भी फेल हो गई। किसान ने बच्चे का शव खेत में पड़ा हुआ देख लिया। आरोपियों ने बताया कि बच्चा नशे की गोलियां खाने के बाद रास्ते में दो बार जगा भी था।
फिरौती की थी प्लानिंग
आकाश ने अपने गांव के युवक सुधांशु उर्फ जनरल, अजय उर्फ दिनेश को बताया कि एक बड़े व्यापारी का बेटा है। उसका अपहरण करेंगे तो 10 से 15 लाख रुपये मिल जाएंगे। इसके बाद तीनों ने उसका अपहरण कर लिया। अपहरण के बाद तीनों ने कहा फिरौती मांगते हैं, लेकिन डर के कारण फिरौती नहीं मांगी। उसके बाद सीधे हत्या कर दी।
आरोपी बोला, वादी ने कराई हत्या
पुलिस के सामने आरोपी आकाश बार-बार बयान बदलता रहा। एक बार तो उसने कहा कि वादी ने ही बच्चे की हत्या कराई है। पुलिस के कड़ाई से पूछताछ के बाद उसने सही कहानी बताई। काफी समय तक तो वह पुलिस को उलझाता रहा। एक बार तो पुलिस को लगा कि वह सही बोल रहा होगा। बाद में सच्चाई से पर्दा उठ गया।