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हाथी-घोड़ों से ऑफिस पहुंचते हैं अफसर, सरकार ने मांगा हिसाब

Tue, 07 Jun 2016 02:14 AM IST
शाहनवाज आलम/अमर उजाला, गुड़गांव
शाहनवाज आलम/अमर उजाला, गुड़गांव Updated Tue, 07 Jun 2016 02:14 AM IST
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Elephant-office approach to horses officer, according to the Government sought
हाथी और घोड़ों पर अफसर - फोटो : Demo Pic

यकीन मानिए हरियाणा में अब भी कई अफसर हाथी और घोड़ों की शाही सवारी करते हैं और इसी से अपने कार्यालय भी पहुंचते हैं। यह हम नहीं, बल्कि राज्य सरकार का कहना है।

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सरकार ने यह अनुमान लगाया है कि कई अफसरों के पास आने-जाने के लिए हाथी और घोड़े हो सकते हैं। दरअसल, हरियाणा सरकार ने क्लास-1, 2 और 3 के सरकारी कर्मचारियों को प्रॉपर्टी रिटर्न भरना अनिवार्य किया है।
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इसके पीछे सरकार का तर्क है कि इससे पता चलेगा कि किन अधिकारियों के पास कितनी संपत्ति है। हालांकि ऑल इंडिया सर्विसेज ऑफिसर को इससे बाहर रखा गया है।

सरकार की ओर से सभी विभागों के प्रमुख को भेजे पत्र के ‘एनेक्सर-ए’ में यातायात साधनों के तीन विकल्प दिए गए हैं। इसमें मोटर साइकिल, मोटर कार के अलावा हाथी और घोड़ों का ब्योरा भी मांगा गया है, जबकि वक्त के साथ आ रहीं लग्जरी गाड़ियों के बारे में कोई जिक्र तक नहीं है।

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राज्य सरकार ने सभी विभागों को पत्र भेज मांगी जानकारी

Elephant-office approach to horses officer, according to the Government sought
सीएम मनोहर लाल खट्टर - फोटो : फाइल फोटो

जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने कहा कि सरकार प्रॉपर्टी रिटर्न के नाम अजीबोगरीब सवाल पूछ रही है। मर्सिडीज, बीएमडब्ल्यू और एसयूवी लग्जरी गाडिय़ों के दौर में घोड़ा-हाथी का ब्योरा मांगना बेतुका है।

अब इनसे सवारी कौन करता है और कौन इन्हें पालता है। इसके लिए एनसीआर के शहरों में तो जगह भी नहीं है। पशु संरक्षण व कानून की वजह से अब इन्हें पालना भी मुश्किल है। सरकार ने तो जो परफॉर्मा दिया है, वह अंग्रेजों के दौर जैसा मालूम होता है।

एंटीक रेडियोग्राम का भी मांगा ब्योरा
एंटीक पीस में शुमार हो चुके रेडियोग्राम को लेकर भी सरकार का रवैया अब भी वही है। सरकार ने सभी अधिकारियों से रेडियोग्राम की सूचना मांगी है। ‘एनेक्सर-ए’ के चौथे नंबर पर इसकी जानकारी मांगी गई है।

बता दें कि रेडियोग्राम ब्रिटिश काल में रेडियो वाला एक फर्नीचर होता था, जबकि अन्य आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण की न तो कोई विशेष कैटेगरी बनाई गई है और न ही इसका कोई उल्लेख है।

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