झटकाः दिल्ली में 7 फीसदी तक महंगी हुई बिजली
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अच्छे दिन का इंतजार कर रहे दिल्लीवालों को बिजली का तगड़ा करंट लगा है। बिजली कंपनियों की मांग पर बृहस्पतिवार को दिल्ली विद्युत विनियामक बोर्ड (डीईआरसी) ने पावर परचेज कॉस्ट एडजस्टमेंट चार्ज (पीपीएसी) को बढ़ा दिया है। इससे दिल्ली में बिजली की कीमत में अधिकतम सात फीसदी तक का इजाफा हुआ है।
इसका सबसे ज्यादा बोझ बीवाईपीएल यानी यमुनापार के उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। बोर्ड ने इस आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू करने का आदेश दिया है। डीईआरसी के मुताबिक बिजली कंपनी टीपीडीडीएल, बीआरपीएल और बीवाईपीएल ने बीते अक्तूबर माह में क्रमश: 7.42, 7.26 और 17.01 फीसदी पीपीएसी चार्ज बढ़ाने के लिए लिखा था।
बिजली कंपनियां यह चार्ज बिजली के उत्पादन में खर्च होने वाले फ्यूल चार्ज (कोयला, गैस) के बढ़ते दामों के कारण बढ़ाने की मांग कर रही थी। डीईआरसी ने इसी वर्ष फरवरी में यह चार्ज बढ़ाया था।
इस बार बीआरपीएल को 4.5, बीवाईपीएल को 7.0 और टीपीडीडीएल को 2.5 फीसदी पीपीएसी बढ़ाने की अनुमति दी गई है। डीईआरसी चेयरमैन पीडी सुधाकर ने कहा कि बिजली कंपनियां लंबे समय से इसे बढ़ाने की मांग कर रही थीं।
यमुनापार में भाजपा को लग सकता है बिजली का करंट
दिल्लीवालों को अभी पानी की आपूर्ति कराने की कवायद में भाजपा जुटी हुई ही थी कि अब बिजली की बढ़ी कीमत का भी झटका लग गया है। चुनावी मौसम में भाजपा को डर सताने लगा है कि कहीं आगामी चुनाव में आम आदमी पार्टी इसी को मुद्दा बनाकर बढ़त न ले ले।
‘आप’ के प्रत्याशी भी अब चुनावी मैदान में कूद चुके हैं। हालांकि डीईआरसी के इस फैसले की कड़ी निंदा भाजपा ने भी की है। दूसरी ओर कांग्रेस ने भी बिजली दरों में वृद्धि पर भाजपा के विरोध की रणनीति बनानी शुरू कर दी है। इससे तहत प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता मुकेश शर्मा आज से भूख हड़ताल पर बैठेंगे।
दिल्ली में पानी की किल्लत व बिजली की कीमत को लेकर ‘आप’ बराबर दिल्ली भाजपा को कटघरे में खड़ा करती रही है। अब ऐसे समय पर डीईआरसी ने बिजली की कीमत बढ़ाने का फैसला लिया है जब चुनाव का बिगुल बज चुका है। सबसे ज्यादा बिजली की मार यमुना पार इलाके में पड़ेगी। क्योंकि यहां बिजली की कीमत सबसे ज्यादा बढ़ी है। लिहाजा अब तय है कि यह चुनावी मुद्दा बनेगा।
‘आप’ ने अपने प्रत्याशियों की घोषणा भी कर दी है। बिजली के बढ़े दामों पर तो ‘आप’ ने भाजपा को कटघरे में खड़ा करना भी शुरू कर दिया है। साफ तौर पर कहा है कि बिजली कीमत बढ़ा कर भाजपा ने दिल्ली वालों के साथ धोखा किया है।
इसे लेकर भाजपा की नीतियों पर भी सवाल उठाए है। हालांकि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने भी डीईआरसी की निंदा की है। उन्होंने कहा कि बिजली के बढ़े हुए दाम को लेकर जल्द ही उपराज्यपाल और केंद्रीय बिजली मंत्री से मुलाकात करेंगे। मांग की जाएगी कि बढ़े हुए दाम को जल्द से जल्द वापस लिया जाए।
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व दिल्ली में बिजली आंदोलन चलाने वाले विजय गोयल ने भी कहा कि डीईआरसी की मनमानी की वजह से दिल्ली की जनता बार-बार परेशान होती है। इस मनमानी के खिलाफ केंद्र सरकार से मिलकर शिकायत दर्ज कराएंगे और दिल्ली की जनता को बढ़े हुए बिल से निजात दिलाएंगे।
पानी के शुल्क पर भी पेंच, अब होगा ऑनलाइन भुगतान
दिल्ली जल बोर्ड अपने भुगतान केंद्रों पर उपभोक्ताओं की भीड़ कम करने और अपनी ऑनलाइन बिल जमा योजना को सफल बनाने के लिए अपने खजाने पर भार डालेगा। उसने नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड से ऑनलाइन बिल भुगतान सुविधा पर लगने वाले ट्रांजेक्शन शुल्क को मुफ्त कर दिया है। यह शुल्क अब वह स्वयं वहन करेगा। इस संबंध में दिल्ली जल बोर्ड की बैठक में मोहर लग गई है।
दिल्ली जल बोर्ड की बैठक में सीवर व्यवस्था को बढ़ाने और उसमें सुधार करने संबंधी कई योजनाएं पास की गईं। इसके अलावा पेयजल सुविधा भी बेहतर करने की योजनों को हरी झंडी दी। शहरी विकास विभाग के सचिव राजेंद्र कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में मालवीय नगर, पालम, नजफगढ़ व राजधानी पार्क कॉलोनी समूह में आंतरिक और बाहरी सीवर लाइनें बिछाने के कार्य को मंजूरी दी गई।
बोर्ड ने महिपालपुर में भूमिगत जलाशय और बूस्टर पंपिंग स्टेशन, रंगपुरी और महिपालपुर गांवों में 10 साल के परिचालन और रखरखाव के साथ लाइनें बिछाने के कार्य को भी स्वीकृति दी है। इसी तरह विभिन्न भागों में रिवर्स ओस्मॉसिस प्रक्रिया पर आधारित 50 संयत्रों और कई वॉटर डिस्पेंसिंग मशीनें/एटीएम लगाने के प्रस्ताव पर चर्चा करने के बाद उन्हें पास कर दिया।
रानी झांसी रोड पर उत्तरी दिल्ली नगर निगम के ग्रेड सेपरेटर के एलाइनमेंट में पानी की मुख्य पाइप लाइन को स्थानांतरित करने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दी गई। दक्षिणी दिल्ली में 1500 एमएम व्यास की पानी की मुख्य पाइप लाइन और पालम में 1000 एमएम व्यास पानी की मुख्य पाइप लाइन के बचे हुए भाग को बदलने के कार्य को भी स्वीकृति दी।