फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Education Department dares to tame the arbitrariness of private schools.

निजी स्कूलों की मनमानी पर नकेल कसेगा शिक्षा विभाग

Wed, 24 Feb 2016 06:34 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, फरीदाबाद
ब्यूरो / अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Wed, 24 Feb 2016 06:34 PM IST
विज्ञापन
Education Department dares to tame the arbitrariness of private schools.

जिला शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों पर नकेल कसने की तैयारी कर ली है। जिले के सीबीएसई और हरियाणा बोर्ड के तहत आने वाले निजी स्कूल अब मनमानी नहीं कर सकेंगे।

विज्ञापन


शिक्षा विभाग इन स्कूलों में मनमानी फीस वृद्धि, विभिन्न फंड के तहत वसूले जाने वाले शुल्क, यूनिफॉर्म व कॉपी-किताबों को खरीदने की बाध्यता आदि बिंदुओं की समीक्षा की जाएगी।
विज्ञापन


शिक्षा विभाग को जिला उपायुक्त ने सख्त निर्देश दिए हैं कि जल्द से जल्द ऐसे स्कूलों की समीक्षा की जाए और शिक्षा नियमावली-2003 के कानून व प्रावधानों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


जिला शिक्षा अधिकारी सतेंद्र वर्मा के मुताबिक इस कार्रवाई के दायरे में सीबीएसई व हरियाणा बोर्ड के सभी प्राइवेट स्कूल आएंगे।

नहीं वसूल सकेंगे पूरी फीस
सतेंद्र वर्मा ने बताया कि शिक्षा नियमावली के तहत निजी स्कूल प्रबंधक आगामी शिक्षा सत्र(अप्रैल-2016) के लिए शुरू होने वाले दाखिलों के लिए एडवांस में पूरी फीस नहीं वसूल सकेंगे।

आमतौर पर स्कूल अप्रैल माह में दाखिले के समय जून-जुलाई माह तक की फीस भी अभिभावकों से वसूल लेते हैं। लेकिन इस बार से स्कूल प्रबंधक ऐसा नहीं कर सकेंगे। स्कूलों को इस बार से सिर्फ टोकन रजिस्ट्रेशन फीस लेकर ही दाखिला करना होगा।  

मनमाने फंड नहीं बना सकेंगे स्कूल
शिक्षा विभाग के मुताबिक अभिभावकों की ओर से लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि स्कूल प्रबंधक मनमाने तरीके से अलग-अलग फंड बनाकर फीस वसूल रहे हैं।

डवलेपमेंट चार्ज, वार्षिक कार्यक्रम शुल्क, कंप्यूटर शुल्क, लैब चार्ज आदि सहित स्कूलों ने मनमर्जी से अलग-अलग फंड बना रखे हैं। लेकिन अब स्कूल केवल ट्यूशन फीस, दाखिला शुल्क, खेल शुल्क, पीटीए और साइंस फीस आदि में ही शुल्क ले सकते हैं।

शिक्षा अधिकारी सतेंद्र कौर ने बताया कि उन्हें अभिभावकों की ओर से शिकायतें मिली हैं कि अभी से स्कूलों ने चार-पांच माह की फीस वसूलना शुरू  कर दिया है। इन शिकायतों की विभाग जांच कर रहा है।


इसके अलावा स्कूल अभिभावकों को यूनिफॉर्म और कॉपी-किताबें अपनी बताई दुकानों से ही खरीदने के लिए बाध्य करते हैं। विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि इस तरह की कोई भी शिकायत वे शिक्षा विभाग कार्यालय में कर सकते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed