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Delhi: ईडी ने कालीन कारोबारी सज्जन कुमार की 11.20 करोड़ की संपत्ति की अटैच, विदेशों तक फैला है व्यापार
Tue, 28 May 2024 08:33 AM IST
अनुज कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अनुज कुमार
Updated Tue, 28 May 2024 08:33 AM IST
सार
प्रवर्तन निदेशालय ने कालीन कारोबारी सज्जन कुमार के स्वामित्व वाली संस्थाओं की 11.20 करोड़ रुपये के दिल्ली स्थित विभिन्न जमीन और फ्लैट अटैच किए हैं।
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- फोटो : ANI
विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय ने कालीन कारोबारी सज्जन कुमार के स्वामित्व वाली संस्थाओं की 11.20 करोड़ रुपये के दिल्ली स्थित विभिन्न जमीन और फ्लैट अटैच किए हैं। ईडी के दिल्ली जोनल कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत इन संपत्तियों को अटैच किया।
ईडी ने कुमार और विभिन्न अन्य आरोपी व्यक्तियों और संस्थाओं के खिलाफ राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) की ओर से दायर अभियोजन शिकायत के आधार पर जांच शुरू की। डीआरआई की अभियोजन शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने सऊदी अरब, मलयेशिया, दक्षिण अफ्रीका और अफगानिस्तान जैसे देशों में अत्यधिक इनवॉइस मूल्यों पर कालीन, परिधान और कपड़े निर्यात करने पर अनुचित निर्यात का लाभ उठाया।
ईडी ने कहा, कुमार इस रैकेट का सरगना है। इससे सरकारी खजाने को 32.25 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। ईडी की जांच से पता चला कि अपराध से प्राप्त आय का उपयोग कुमार ने विभिन्न संपत्तियों में निवेश के लिए किया था। ईडी के मुताबिक प्राप्त राशि को तुरंत विभिन्न डमी संस्थाओं में स्थानांतरित किया गया। इस तरह हस्तांतरित की गई राशि या तो नकद में निकाली गई थी या धन की कई परतों के बाद विभिन्न संपत्तियों में निवेश की गई थी।
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इस राशि का इस्तेमाल रियल एस्टेट कारोबार और फ्लैटों के निर्माण में भी किया गया। आपराधिक आय से खरीदे गए अधिकतर फ्लैट को नकद बेचा गया था। ईडी ने इससे पहले 24 सितंबर, 2021 को कई स्थानों पर तलाशी ली थी और कई डिजिटल सबूत जब्त किए गए थे। इसके बाद, मुख्य आरोपी कुमार को 25 सितंबर, 202 को गिरफ्तार किया गया और 13 अक्टूबर, 2021 और 10 अगस्त, 2022 के दो अनंतिम आदेशों के बाद लगभग 4.43 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की गई।
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ईडी ने कुमार और विभिन्न अन्य आरोपी व्यक्तियों और संस्थाओं के खिलाफ राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) की ओर से दायर अभियोजन शिकायत के आधार पर जांच शुरू की। डीआरआई की अभियोजन शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने सऊदी अरब, मलयेशिया, दक्षिण अफ्रीका और अफगानिस्तान जैसे देशों में अत्यधिक इनवॉइस मूल्यों पर कालीन, परिधान और कपड़े निर्यात करने पर अनुचित निर्यात का लाभ उठाया।
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ईडी ने कहा, कुमार इस रैकेट का सरगना है। इससे सरकारी खजाने को 32.25 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। ईडी की जांच से पता चला कि अपराध से प्राप्त आय का उपयोग कुमार ने विभिन्न संपत्तियों में निवेश के लिए किया था। ईडी के मुताबिक प्राप्त राशि को तुरंत विभिन्न डमी संस्थाओं में स्थानांतरित किया गया। इस तरह हस्तांतरित की गई राशि या तो नकद में निकाली गई थी या धन की कई परतों के बाद विभिन्न संपत्तियों में निवेश की गई थी।
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इस राशि का इस्तेमाल रियल एस्टेट कारोबार और फ्लैटों के निर्माण में भी किया गया। आपराधिक आय से खरीदे गए अधिकतर फ्लैट को नकद बेचा गया था। ईडी ने इससे पहले 24 सितंबर, 2021 को कई स्थानों पर तलाशी ली थी और कई डिजिटल सबूत जब्त किए गए थे। इसके बाद, मुख्य आरोपी कुमार को 25 सितंबर, 202 को गिरफ्तार किया गया और 13 अक्टूबर, 2021 और 10 अगस्त, 2022 के दो अनंतिम आदेशों के बाद लगभग 4.43 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की गई।